Mpox क्या है? (What is Mpox?)
Mpox, जिसे पहले Monkeypox कहा जाता था, एक खतरनाक वायरल संक्रमण है। इस वायरस का प्रकोप 2022 में पहली बार गंभीर रूप में देखा गया था। अब 2024 में इसका नया मामला भारत में पाया गया है, जिसे clade 2 के रूप में पहचाना गया है।
Mpox के लक्षण (Symptoms of Mpox)
Mpox के लक्षण छोटेpox जैसे होते हैं, परन्तु ये बड़े और अधिक दर्दनाक हो सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में चेहरे पर बड़े-बड़े रैशेस, हाथों और पैरों पर लाल चकत्ते, बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। यह वायरस त्वचा से त्वचा के संपर्क, संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों और बिस्तर के संपर्क में आने से फैल सकता है।
Also Read
Mpox का इतिहास और प्रसार (History and Spread of Mpox)
1958 में पहली बार दो बंदरों में इस संक्रमण के लक्षण पाए गए, जिसके कारण इसका नाम Monkeypox रखा गया। लेकिन 2022 में WHO ने इसके नाम को बदलकर Mpox कर दिया। यह वायरस मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों में पाया जाता है, लेकिन अब यह दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैल रहा है। 2024 में भारत में इसके clade 2 के मामले सामने आए हैं, जो पहले से कम खतरनाक हैं।
Mpox से कैसे बचें? (How to Prevent Mpox)
Mpox से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना। संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों, बिस्तर और तौलियों से बचें। इसके अलावा, नियमित रूप से हाथ धोना, मास्क पहनना और वैक्सीन लगवाना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति पहले से संक्रमित हो, तो उसे आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए।
Mpox का इलाज और वैक्सीन (Treatment and Vaccine for Mpox)
Mpox का इलाज संभव है, यदि समय पर पहचाना जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसके इलाज के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई है, जिसे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को लगाना चाहिए। इसके अलावा, एंटीवायरल दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। अभी तक, भारत में Mpox का इलाज प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।
भारत में Mpox का मौजूदा स्थिति (Current Status of Mpox in India)
2024 में भारत में Mpox के clade 2 का मामला सामने आया है, जो 2022 में भी देखा गया था। अब तक लगभग 30 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है। हालांकि, clade 1 की तुलना में clade 2 कम खतरनाक है, लेकिन फिर भी सतर्क रहना आवश्यक है।