बिहार में जमीन सर्वे और LPC (Land Possession Certificate) बनाने की प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। Revenue और Land Reforms Department की नई गाइडलाइंस ने इसे और भी आसान और पारदर्शी बना दिया है। अब आप घर बैठे ऑनलाइन LPC के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है LPC क्यों जरूरी है और इसे बनाने का सही तरीका क्या है? आइए, इस आर्टिकल में हम LPC की हर प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।
LPC क्या है और क्यों जरूरी है?
LPC, यानी Land Possession Certificate, यह प्रमाण पत्र साबित करता है कि जमीन आपकी व्यक्तिगत संपत्ति है और इस पर कोई विवाद नहीं है। जमीन खरीदने-बेचने या घर बनाने से पहले LPC बनवाना अनिवार्य हो गया है। यह सुनिश्चित करता है कि जमीन पर कोई कानूनी विवाद, केस, या किसी अन्य व्यक्ति का दावा नहीं है।
Revenue Department की नई गाइडलाइंस
Revenue और Land Reforms Department ने जमीन से जुड़े सभी कार्यों को समय पर पूरा करने का आदेश दिया है। इसके तहत, DMs को निर्देश दिया गया है कि वे सभी जोनों की निगरानी करें। खासकर ऐसे 10 जोन चिन्हित किए गए हैं, जहां पिछली चार महीनों में प्रदर्शन खराब रहा है। इन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
LPC ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
LPC के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अब बेहद आसान हो गया है। आपको बिहार सरकार की Revenue और Land Reforms Department की वेबसाइट पर जाना होगा।
- रजिस्ट्रेशन करें: अगर पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो वेबसाइट पर अपनी बेसिक जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, और मोबाइल नंबर देकर रजिस्टर करें।
- लॉगिन करें: रजिस्टर करने के बाद, मोबाइल नंबर और कैप्चा भरकर लॉगिन करें।
- जमीन सर्च करें: लॉगिन के बाद, जिला और जोन चुनें और अपनी जमीन की डिटेल्स दर्ज करें।
- फॉर्म भरें: आवेदन फॉर्म में आवेदक का नाम, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, और पता सही-सही भरें।
- डॉक्यूमेंट अपलोड करें: जमीन की रसीद और एफिडेविट अपलोड करें।
- अंतिम सबमिशन करें: सभी जानकारी भरने के बाद, फॉर्म का अंतिम सबमिशन करें।
LPC स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन का स्टेटस चेक करने के लिए वेबसाइट पर “LPC Application Status” पर क्लिक करें। यहां जिला और जोन चुनें और आवेदन की वर्ष दर्ज करें। इसके बाद CAS नंबर डालकर स्टेटस देखें।
अधिकारियों के निर्देश
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन की समीक्षा महीने में कम से कम चार बार करें। साथ ही, ई-मापन कार्य में तेजी लाने और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने पर जोर दिया गया है।
LPC बनवाना हर जमीन मालिक के लिए अनिवार्य है। यह न केवल जमीन पर आपका अधिकार स्थापित करता है, बल्कि किसी भी विवाद से बचने का प्रमाण भी देता है। ऑनलाइन प्रक्रिया इसे और सरल बना रही है। अगर आपने अब तक LPC के लिए आवेदन नहीं किया है, तो तुरंत करें।
- Rejected by KC meaning in RTPS Bihar – RTPS बिहार में Rejected by KC का वास्तविक मतलब क्या है।
- RTPS application name mismatch correction – RTPS आवेदन में नाम की गलती Mismatch को कैसे सुधारें।
- RTPS married woman application father vs husband documents – विवाहित महिला के आवेदन में पिता बनाम पति के दस्तावेज़ों का नियम।
- How to merge PDF to 1MB for RTPS upload – RTPS अपलोड के लिए PDF को 1MB में कैसे मर्ज और कंप्रेस करें।
- RTPS reapply after rejection new payment – रिजेक्शन के बाद RTPS पर दोबारा आवेदन और नया भुगतान प्रक्रिया।