नमस्ते दोस्तों, अगर आपके नाम पर बिहार में ज़मीन है तो यह जानकारी आपके बहुत काम की है। बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण (special land survey) चल रहा है, और इस survey के तहत हर ज़मीन मालिक को अपनी वंशावली (family tree) यानी self-declaration upload करनी है। अच्छी खबर यह है कि कैबिनेट ने इस काम की deadline बढ़ा दी है, अब आपके पास 180 कार्यदिवस (working days) का समय है। इस पोस्ट में हम आसान भाषा में बताएंगे कि bihar special survey vanshavali upload कैसे करें, वंशावली में क्या क्या लिखना है, कौन से documents चाहिए और deadline से जुड़ी हर जरूरी बात।
सबसे पहले एक बात साफ कर दें। वंशावली कोई नया या डराने वाला कागज़ नहीं है। यह सिर्फ आपके परिवार का पेड़ (family tree) है, जिसमें आपके पूर्वजों और मौजूदा पीढ़ी के नाम और रिश्ते दर्ज होते हैं। Survey में इसका मकसद यह दर्ज करना है कि किसी ज़मीन पर हक रखने वाला परिवार कौन सा है और हर वारिस का उस परिवार से क्या रिश्ता है। तो बिना देर किए पूरी प्रक्रिया को step by step समझते हैं।
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जाने इस पोस्ट में क्या क्या है
- वंशावली क्या है और survey में इसका क्या काम है
- वंशावली upload किसे करनी है
- Upload के लिए कौन से documents तैयार रखें
- bihar special survey vanshavali upload का step-by-step तरीका
- Deadline की पूरी जानकारी (180 working days)
- Deadline miss हो गई तो क्या होगा
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
| विषय | विवरण |
| पोस्ट का विषय | Bihar special survey me vanshavali upload |
| सर्वेक्षण का नाम | बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण (special land survey) |
| क्या upload करना है | वंशावली (family tree) / self-declaration |
| किसे करना है | ज़मीन के मालिक (landholders) |
| समय सीमा | कैबिनेट द्वारा बढ़ाकर 180 कार्यदिवस (working days) |
| जरूरी सलाह | आखिरी समय का इंतज़ार न करें, पहले ही upload कर दें |
वंशावली क्या है।
वंशावली आपके परिवार का लिखित पेड़ है। इसमें सबसे ऊपर आपके पूर्वज (जैसे परदादा या दादा) का नाम होता है, फिर उनकी संतानों के नाम, और इस तरह मौजूदा पीढ़ी तक हर सदस्य का नाम और रिश्ता दर्ज होता है। आसान भाषा में कहें तो यह एक चार्ट है जो बताता है कि परिवार में कौन किसका बेटा, बेटी, पोता या वारिस है।
ज़मीन के survey में वंशावली इसलिए मांगी जाती है ताकि यह साफ रिकॉर्ड बन सके कि किसी खाते या प्लॉट पर दावा करने वाले लोग किस परिवार के सदस्य हैं। जब ज़मीन दादा-परदादा के नाम पर होती है और पीढ़ियों से बंटती चली आ रही है, तो वंशावली ही वह कागज़ है जो हर वारिस का हक स्पष्ट करता है। इसीलिए इसे self-declaration भी कहा जाता है, क्योंकि ज़मीन मालिक खुद घोषित करता है कि उसके परिवार का ढांचा क्या है।
वंशावली बनाने का कोई एक तयशुदा फॉर्मेट नहीं होता, लेकिन इसमें नाम, पिता या पति का नाम और रिश्ता साफ साफ लिखा होना चाहिए। अगर आपके पास पहले से बनी हुई पुरानी वंशावली है तो वही काम आ सकती है, बस उसमें मौजूदा पीढ़ी तक की जानकारी पूरी होनी चाहिए। लिखते समय एक पीढ़ी भी छूटनी नहीं चाहिए, क्योंकि अधूरी वंशावली से बाद में सवाल उठ सकते हैं।
एक आम गलती जो लोग करते हैं, वह है नामों की spelling में लापरवाही। वंशावली में लिखे नामों की spelling अपने पहचान पत्र, जैसे Aadhaar Card, में दर्ज नामों से मिला लें। छोटा सा अंतर भी, जैसे “राम” और “रामू”, बाद में verification के समय दिक्कत पैदा कर सकता है।
किसे upload करना है।
यह काम हर उस व्यक्ति को करना है जिसके नाम पर बिहार में ज़मीन दर्ज है। यानी landholders को अपनी वंशावली upload करनी है। अगर ज़मीन आपके नाम पर है तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है, चाहे आप गांव में रहते हों या शहर में।
अगर ज़मीन पैतृक है और अभी तक बंटवारा नहीं हुआ है, यानी पूरा परिवार एक ही खाते से जुड़ा है, तो आमतौर पर परिवार की ओर से एक संयुक्त वंशावली तैयार करके upload की जाती है। वहीं अगर बंटवारा हो चुका है और हर हिस्सेदार के नाम पर अलग ज़मीन दर्ज है, तो हर हिस्सेदार को अपनी अपनी वंशावली upload करनी चाहिए। अपनी स्थिति के अनुसार फैसला लें, और जरूरत हो तो परिवार के बड़े सदस्यों से सलाह जरूर लें।
एक जरूरी बात और। अगर ज़मीन किसी ऐसे पूर्वज के नाम पर है जिनका निधन हो चुका है और नामांतरण (mutation) अभी तक नहीं हुआ है, तो भी वंशावली upload करने से न हिचकें। वंशावली में उस पूर्वज से लेकर मौजूदा वारिसों तक का पूरा ब्योरा दें, ताकि survey रिकॉर्ड में परिवार की कड़ी टूटे नहीं। नामांतरण से जुड़ी प्रक्रिया बाद में भी पूरी की जा सकती है।
कौन से documents चाहिए।
Upload शुरू करने से पहले नीचे दिए गए documents और जानकारी तैयार रख लें, ताकि बीच में रुकना न पड़े:
- पहचान का प्रमाण, जैसे Aadhaar Card। वंशावली में नाम की spelling आधार के अनुसार ही रखें।
- ज़मीन के कागज़, जैसे खतियान या जमाबंदी की प्रति, ताकि खाता संख्या और खेसरा संख्या सही लिखी जा सके।
- परिवार के सभी सदस्यों के नाम, उनके पिता या पति का नाम और आपस का रिश्ता।
- अगर पहले से कोई पुरानी वंशावली बनी हुई है तो उसकी प्रति, उसी को update करके काम चल सकता है।
- एक चालू mobile number, ताकि जरूरत पड़ने पर OTP या सूचना मिल सके।
महत्वपूर्ण नोट: यह एक सामान्य सूची है। सटीक documents की सूची survey से जुड़े आधिकारिक निर्देश में दी जाती है, इसलिए upload करने से पहले उसे जरूर देख लें। अगर किसी document को लेकर संदेह हो तो अपने क्षेत्र के राजस्व कार्यालय या survey टीम से पूछताछ कर लें।
bihar special survey vanshavali upload ka step-by-step tarika।
प्रक्रिया कुल मिलाकर आसान है। नीचे हर step को क्रम से समझाया गया है:
- सबसे पहले कागज़ पर अपनी वंशावली तैयार करें। ऊपर पूर्वज का नाम लिखें और नीचे हर पीढ़ी के सदस्यों के नाम और रिश्ते जोड़ते जाएं।
- तैयार वंशावली को साफ अक्षरों में लिखें या टाइप करवाएं। नामों की spelling पहचान पत्र से मिला लें।
- वंशावली और बाकी documents को scanner से साफ scan करें, या अच्छी रोशनी में सीधी फोटो लें। धुंधली या कटी हुई फाइल upload न करें।
- अब survey से जुड़े आधिकारिक माध्यम पर जाएं। सही link या कार्यालय की जानकारी आधिकारिक सूचना में दी जाती है, किसी अनजान link पर भरोसा न करें।
- मांगी गई जानकारी ध्यान से भरें, जैसे नाम, पता, खाता संख्या और खेसरा संख्या। हर entry को submit से पहले दोबारा जांच लें।
- वंशावली की फाइल upload करें और self-declaration के विकल्प को ध्यान से पढ़कर submit करें।
- Submit होने के बाद मिली receipt या reference number को संभालकर रखें। यही बाद में इस बात का सबूत होगा कि आपने समय पर वंशावली upload कर दी थी।
bihar special survey vanshavali upload करते समय एक बात का खास ध्यान रखें। जल्दबाजी में गलत नाम या गलत खेसरा संख्या न भरें, क्योंकि बाद में सुधार करवाने में हमेशा ज्यादा समय और मेहनत लगती है। अगर आप cyber cafe से upload करवा रहे हैं तो अपना खुद का mobile number दर्ज करवाएं, ताकि OTP और सूचना सीधे आप तक पहुंचे।
महत्वपूर्ण नोट: Upload करने के बाद भी अपनी तैयार की हुई वंशावली की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखें। अगर भविष्य में कभी verification के लिए बुलाया जाए तो यही प्रति आपके काम आएगी।
Deadline ki jankari।
पहले जो समय सीमा तय थी, उसे कैबिनेट ने बढ़ा दिया है। अब ज़मीन मालिकों के पास वंशावली upload करने के लिए 180 कार्यदिवस (working days) का समय है। Deadline बढ़ने से आपको जल्दबाजी नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि काम को आखिरी दिनों तक टाल दिया जाए।
इसलिए bihar special survey vanshavali upload का काम समय पर पूरा कर लें। आखिरी समय में भीड़ बढ़ सकती है और प्रक्रिया में देरी हो सकती है, इसलिए पहले ही upload कर देना सबसे समझदारी भरा कदम है। समय पर upload करने वालों को बाद में किसी तरह की भागदौड़ नहीं करनी पड़ती।
अगर आपके क्षेत्र में survey की तारीखों को लेकर कोई अलग सूचना जारी हुई है तो उसी को अंतिम मानें, क्योंकि अलग अलग अंचलों में काम की गति अलग हो सकती है। अपने गांव या पंचायत में चल रहे survey कार्य की जानकारी स्थानीय स्तर पर भी लेते रहें।
Miss ho gaya to kya hoga।
अगर तय समय में वंशावली upload नहीं हो पाती है तो survey की प्रक्रिया में आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड अधूरा रह सकता है, जिससे बाद में नाम दर्ज करवाने या सुधार करवाने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए deadline को हल्के में न लें और समय रहते upload जरूर कर दें।
अगर upload में कोई गलती हो गई है या रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज है तो घबराएं नहीं। ज़मीन के रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया अलग से मौजूद है, जैसे Parimarjan Plus से जमाबंदी सुधार की सुविधा, जिसके बारे में हमारी विस्तृत गाइड में बताया गया है। पहले वंशावली upload करें, फिर जरूरत हो तो सुधार की प्रक्रिया अपनाएं।
और अगर आप ज़मीन या प्रमाणपत्र से जुड़ी और जानकारी चाहते हैं तो biharrtps.in पर RTPS सेवाओं की आसान हिंदी गाइड भी उपलब्ध हैं, जो हर प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाती हैं।
Quick Links
| संबंधित गाइड | Parimarjan Plus Jamabandi Sudhar |
| Home | biharrtps.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Bihar special survey me vanshavali upload karna zaroori kyon hai?
क्योंकि survey का मकसद ज़मीन का साफ और updated रिकॉर्ड बनाना है। वंशावली से यह दर्ज होता है कि किसी ज़मीन पर हक रखने वाला परिवार कौन सा है और हर वारिस का उस परिवार से क्या रिश्ता है। इसके बिना survey का रिकॉर्ड अधूरा रह सकता है।
Cabinet ne vanshavali upload ki deadline kitni badhai hai?
कैबिनेट ने deadline बढ़ाकर 180 कार्यदिवस (working days) कर दी है। यानी अब ज़मीन मालिकों के पास वंशावली upload करने के लिए पहले से ज्यादा समय है। लेकिन काम को आखिरी समय तक टालना सही नहीं रहेगा, इसलिए जल्द से जल्द upload कर दें।
Vanshavali me galti ho jaye to kya dobara upload karna padega?
अगर upload की गई वंशावली में कोई बड़ी गलती रह जाए तो bihar special survey vanshavali upload दोबारा करना पड़ सकता है। इसलिए पहली बार में ही नाम, रिश्ते और खेसरा संख्या ध्यान से जांच लें, और submit से पहले preview जरूर देखें।
Zameen dada ke naam par hai to vanshavali me kiska naam likhein?
वंशावली हमेशा सबसे ऊपर उस पूर्वज से शुरू करें जिनके नाम पर ज़मीन दर्ज है, फिर नीचे हर पीढ़ी के वारिसों के नाम लिखते जाएं। इससे survey टीम को परिवार की पूरी कड़ी एक ही नजर में समझ आ जाती है और किसी वारिस का नाम छूटने की गुंजाइश नहीं रहती।
Kya vanshavali haath se likhkar upload ki ja sakti hai?
हां, साफ अक्षरों में हाथ से लिखी हुई वंशावली भी चल सकती है, बशर्ते वह पढ़ने में बिल्कुल साफ हो। बेहतर यही रहेगा कि उसे scanner से scan करके या अच्छी रोशनी में सीधी फोटो लेकर upload करें, ताकि कोई नाम या रिश्ता धुंधला न दिखे।
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लेखक के बारे में: यह लेख biharrtps.in की टीम द्वारा बिहार की RTPS सेवाओं पर सरल हिंदी गाइड के रूप में लिखा गया है।











