Dakhil Kharij Status Kaise Check Kare Bihar।
अगर आपने जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज (mutation) के लिए आवेदन किया है और अब जानना चाहते हैं कि आपका आवेदन कहां अटका है, तो आप बिल्कुल सही जगह हैं। dakhil kharij status check bihar अब पूरी तरह ऑनलाइन हो गया है, और स्टेटस चेक करने के लिए आपको न तो अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने हैं, न ही किसी दलाल के पीछे भागना है। बिहार भूमि पोर्टल पर दो मिनट में आपको पता चल जाएगा कि आपका आवेदन पेंडिंग है, प्रोसेस में है, मंजूर हुआ है या रिजेक्ट।
और सबसे जरूरी बात, अगर स्टेटस में Rejected लिखा दिखे तो घबराइए मत। इस आर्टिकल में हम न सिर्फ स्टेटस चेक करने का पूरा तरीका बताएंगे, बल्कि यह भी समझाएंगे कि दाखिल खारिज रिजेक्ट क्यों होता है और DCLR कोर्ट में अपील करके उसे कैसे दोबारा चालू कराया जाता है।
दाखिल खारिज क्या होता है।
दाखिल खारिज का मतलब है जमीन के सरकारी रिकॉर्ड (जमाबंदी पंजी 2) में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम दर्ज करना। जब आप कोई जमीन खरीदते हैं और उसकी रजिस्ट्री कराते हैं, तब तक वह जमीन सरकारी कागजों में पुराने मालिक के नाम पर ही रहती है। दाखिल खारिज के बाद ही आप असली तौर पर उस जमीन के रैयत माने जाते हैं।
इसी के बाद आपके नाम से भू लगान रसीद कटती है, कृषि सब्सिडी और बैंक लोन मिलता है, और आगे जमीन बेचने पर कोई अड़चन नहीं आती। यानी रजिस्ट्री आधी मंजिल है, दाखिल खारिज पूरी मंजिल।
दाखिल खारिज स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें।
dakhil kharij status check bihar करने का सबसे भरोसेमंद तरीका बिहार भूमि पोर्टल है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।
- पहले बिहार भूमि पोर्टल खोलें और होमपेज पर दाखिल खारिज आवेदन की स्थिति जानें वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अब अपना जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष चुनकर Proceed पर क्लिक करें।
- अगले पेज पर अपना केस नंबर दर्ज करें। अगर केस नंबर याद न हो तो डीड नंबर, मौजा या प्लॉट नंबर से भी खोज सकते हैं।
- सुरक्षा कोड (कैप्चा) डालकर Search पर क्लिक करें।
- आपके सामने आवेदन की पूरी स्लिप खुल जाएगी, जिसमें वर्तमान स्टेटस साफ दिखेगा।

टेम्प केस नंबर से स्टेटस कैसे देखें।
कई बार आवेदन करने के बाद आपको TEMP केस नंबर मिलता है, जो बाद में फाइनल केस नंबर बनता है। टेम्प नंबर से स्टेटस देखने के लिए बिहार भूमि पोर्टल पर ही अपने आवेदन की स्थिति देखें वाला ऑप्शन चुनें। वहां जिला और अंचल चुनकर अपना TEMP नंबर और सुरक्षा कोड डालें, फिर खोजें पर क्लिक करें। स्टेटस तुरंत दिख जाएगा।
स्टेटस में दिखने वाले शब्दों का मतलब।
स्टेटस चेक करते समय स्क्रीन पर कुछ खास शब्द दिखते हैं। इनका मतलब समझ लीजिए, ताकि पता चले कि आगे क्या करना है।
| स्टेटस | इसका मतलब |
|---|---|
| Pending | आवेदन जमा हुआ है, अभी अंचल स्तर पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। |
| Under Process | कर्मचारी या अंचलाधिकारी के पास फाइल है, जांच चल रही है। |
| Objection | किसी ने आपके दाखिल खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज की है। |
| Approved | दाखिल खारिज मंजूर हो गया है, जमाबंदी में आपका नाम दर्ज हो जाएगा। |
| Rejected | आवेदन अस्वीकृत हो गया है। कारण जानकर अपील या दोबारा आवेदन करें। |
दाखिल खारिज रिजेक्ट होने के 5 बड़े कारण।
रिजेक्ट का मतलब यह नहीं कि आपकी जमीन चली गई। ज्यादातर मामलों में रिजेक्शन कागजी खामियों की वजह से होता है, जिन्हें ठीक किया जा सकता है। ये रहे सबसे आम कारण।
- पंजी 2 में रकबा शून्य होना। अगर विक्रेता के नाम पर पंजी में उतनी जमीन बची ही नहीं है जितनी बेची गई, तो आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
- गलत खाता खेसरा नंबर। रजिस्ट्री डीड में लिखा खाता नंबर और पुराने केवाले या खतियान का खाता नंबर आपस में न मिले तो फाइल रुक जाती है।
- दर केवाला या जरूरी दस्तावेज की कमी। कर्मचारी ने जांच के दौरान कोई कागज मांगा और वह जमा नहीं हुआ, तो आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।
- खेसरावार रकबा और ट्रेस मैप की दिक्कत। खेसरे में रकबा स्पष्ट न होने पर ट्रेस मैप बनवाना पड़ता है, वरना रिजेक्शन तय है।
- पुराने रिजेक्शन का हवाला। एक बार रिजेक्ट आवेदन को बिना गलती सुधारे दोबारा भेजने पर भी रिजेक्शन दोहराया जाता है।
एक राहत की बात यह भी है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आदेश के मुताबिक अब किसी भी दाखिल खारिज आवेदन को बिना आवेदक का पक्ष जाने, सिर्फ एक कारण लिखकर सीधे रद्द नहीं किया जा सकता। ठोस वजह बतानी ही होगी।

रिजेक्ट होने के बाद सबसे पहले क्या करें।
स्टेटस में Rejected देखते ही दो काम तुरंत करें। पहला, पोर्टल पर रिजेक्शन का सही कारण पढ़ें, क्योंकि बिना कारण जाने अगला कदम तय नहीं होगा। दूसरा, कारण छोटा है (जैसे कोई दस्तावेज छूटा है) तो उसे पूरा करके दोबारा आवेदन करें, और कारण बड़ा है (जैसे खाता नंबर का विवाद) तो सीधे DCLR कोर्ट में अपील की तैयारी करें।
एक जरूरी टिप, ऑनलाइन आवेदन करते ही अपने अंचल के राजस्व कर्मचारी से मिलकर दस्तावेज दिखा दें। बहुत से रिजेक्शन सिर्फ इसलिए होते हैं क्योंकि कर्मचारी को कागज समय पर नहीं मिले।
DCLR कोर्ट में अपील कैसे करें।
बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम 2011 की धारा 7 के तहत अंचलाधिकारी के आदेश के खिलाफ भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के कोर्ट में अपील की जा सकती है। अच्छी बात यह है कि अपील भी ऑनलाइन होती है।
- बिहार भूमि पोर्टल पर DCLR Mutation Appeal Court वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
- Online Application for DCLR Mutation Appeal चुनें। पहली बार हैं तो Registration करें, नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और पता डालकर OTP से वेरिफाई करें।
- ईमेल, पासवर्ड और कैप्चा से Sign In करें।
- Application में जाकर Apply Application for Mutation Appeal पर क्लिक करें।
- जिला, अंचल, म्यूटेशन केस नंबर और केस का साल डालकर Proceed करें और फॉर्म भरकर सबमिट कर दें।

अपील के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए।
अपील फॉर्म के साथ ये कागज तैयार रखें, ताकि एक बार में फाइल पूरी हो जाए।
- अंचलाधिकारी के रिजेक्शन आदेश की कॉपी।
- रजिस्ट्री डीड या केवाला की कॉपी।
- पुराना खतियान और जमाबंदी की कॉपी।
- लगान रसीद (अगर कटी है तो)। भू लगान रसीद निकालने का तरीका यहां देखें।
- आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र की कॉपी।
- रिजेक्शन के कारण को काटने वाला सबूत, जैसे सही खाता नंबर का दस्तावेज या ट्रेस मैप।

30 दिन की समय सीमा और सुनवाई का नियम।
अपील रिजेक्शन आदेश की तारीख से 30 दिन के अंदर दाखिल करनी होती है। अगर किसी ठोस वजह से देरी हो गई है तो DCLR देरी माफ भी कर सकते हैं, बशर्ते वजह सही लगे। कानून में यह भी साफ है कि दोनों पक्षों को सुनवाई का उचित मौका दिए बिना DCLR अंचलाधिकारी के आदेश को बदल या रद्द नहीं कर सकते। अपील का निपटारा फाइलिंग की तारीख से 30 कार्य दिवसों के अंदर होना चाहिए।
DCLR के फैसले से भी संतुष्ट न हों तो।
अगर DCLR कोर्ट का फैसला भी आपके खिलाफ आता है तो रास्ता बंद नहीं होता। अधिनियम की धारा 8 के तहत आप जिले के समाहर्ता या अपर समाहर्ता के पास रिवीजन दाखिल कर सकते हैं, वह भी DCLR के आदेश के 30 दिन के अंदर। रिवीजन का निपटारा भी 30 कार्य दिवसों में होना तय है। इसके बाद भी अगर मालिकाना हक का असली विवाद बचा रहता है तो सिविल कोर्ट का दरवाजा खुला रहता है, क्योंकि दाखिल खारिज राजस्व रिकॉर्ड का मामला है, मालिकाना हक का अंतिम फैसला सिविल कोर्ट ही करता है।
जमीन से जुड़े कामों में एक और बात का ध्यान रखें। अगर आपकी जमीन विशेष सर्वेक्षण वाले इलाके में है तो वंशावली अपलोड जैसे काम समय पर कर लें, वरना रिकॉर्ड में गड़बड़ी दाखिल खारिज में भी अड़चन बन सकती है।
क्विक लिंक्स।
| काम | लिंक |
|---|---|
| दाखिल खारिज स्टेटस चेक करें | म्यूटेशन स्टेटस पेज खोलें |
| बिहार भूमि पोर्टल होमपेज | बिहार भूमि पोर्टल पर जाएं |
| टेम्प केस नंबर से स्टेटस देखें | अपने आवेदन की स्थिति देखें |
| DCLR म्यूटेशन अपील कोर्ट | ऑनलाइन अपील के लिए पोर्टल खोलें |
| जमाबंदी में सुधार कराना है | परिमार्जन प्लस से जमाबंदी सुधारें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
1. dakhil kharij status check bihar ऑनलाइन कैसे करें?
बिहार भूमि पोर्टल पर दाखिल खारिज आवेदन की स्थिति जानें पर क्लिक करें, जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष चुनें, फिर केस नंबर और कैप्चा डालकर Search दबाएं। स्टेटस तुरंत दिख जाएगा।
2. दाखिल खारिज में कितना समय लगता है?
सामान्य तौर पर 21 से 90 दिन तक लग सकते हैं। विवाद न हो तो प्रक्रिया जल्दी पूरी होती है, आपत्ति या दस्तावेजी कमी होने पर समय बढ़ जाता है।
3. दाखिल खारिज रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
पहले पोर्टल पर रिजेक्शन का सही कारण पढ़ें। छोटी कमी हो तो दस्तावेज पूरे करके दोबारा आवेदन करें, बड़ी दिक्कत हो तो 30 दिन के अंदर DCLR कोर्ट में ऑनलाइन अपील करें।
4. DCLR में अपील करने की फीस कितनी है?
अपील प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें भारी फीस नहीं लगती। अगर वकील की मदद लेते हैं तो उनकी फीस अलग से होगी। सटीक फीस की official सूचना के लिए पोर्टल पर जारी निर्देश देखें।
5. क्या बिना दाखिल खारिज के जमीन बेची जा सकती है?
कानूनी तौर पर रजिस्ट्री हो सकती है, लेकिन खरीदार को आगे दाखिल खारिज में दिक्कत आएगी। इसलिए बेचने से पहले अपने नाम दाखिल खारिज करा लेना सबसे सुरक्षित रहता है।
6. दाखिल खारिज वाद पर आपत्ति कैसे दर्ज करें?
अगर किसी और की जमीन पर गलत दाखिल खारिज हो रहा है तो बिहार भूमि पोर्टल पर दाखिल खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें वाले ऑप्शन से ऑनलाइन आपत्ति लगा सकते हैं।
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लेखक के बारे में: यह आर्टिकल बिहार के भूमि रिकॉर्ड और RTPS प्रक्रियाओं पर लिखने वाली हमारी टीम ने तैयार किया है, ताकि आम लोगों तक सही और आसान भाषा में जानकारी पहुंचे।




