बिहार 7 साल बाद फिर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में शामिल हो गया है। Rabi 2026-27 सीजन के लिए नामांकन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। किसान सिर्फ 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं, बाकी पैसा केंद्र और राज्य सरकार देगी।
पहले बिहार अपनी राज्य योजना (बिहार राज्य फसल सहायता योजना) चला रहा था, लेकिन अब राज्य ने केंद्रीय योजना में वापसी का फैसला किया है। इसका मतलब है कि बिहार के किसानों को अब राष्ट्रीय स्तर की बीमा सुरक्षा मिलेगी। रजिस्ट्रेशन खुलने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं, इसलिए तैयारी अभी से शुरू कर दीजिए।
PMFBY में किसान को क्या फायदा मिलता है
यह योजना बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक फसल को सुरक्षा देती है। बाढ़, सूखा, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट और बीमारी से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलता है। खेत में पड़ी कटी फसल को भी कवर मिलता है।
सबसे बड़ी खासियत प्रीमियम है। Rabi फसलों के लिए किसान को बीमा राशि का सिर्फ 1.5 प्रतिशत देना होता है। बाकी 98.5 प्रतिशत प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार आधा-आधा बांटकर देती है। यानी किसान की जेब से बहुत कम पैसा लगता है और सुरक्षा पूरी मिलती है।
किसान हेल्पलाइन 14447 पर भी मदद ले सकते हैं। दावा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए आती है।
बिहार में रजिस्ट्रेशन कब और कहां होगा
बिहार में Rabi 2026-27 के लिए नामांकन 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। यह तारीख बिहार के लिए तय की गई है। सामान्य तौर पर Rabi सीजन का नामांकन अक्टूबर से दिसंबर तक चलता है, लेकिन बिहार में इस बार 15 नवंबर से विंडो खुलेगी।
आवेदन pmfby.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन होगा। इसके अलावा नजदीकी Common Service Centre (CSC), बैंक या सहकारी समिति के जरिए भी नामांकन कराया जा सकता है। Crop Insurance App से भी एनरोलमेंट, क्लेम और स्टेटस चेक की सुविधा मिलती है।
एक जरूरी बात जान लीजिए। जिन किसानों ने फसल के लिए बैंक से लोन लिया है, उनका नामांकन बैंक अपने आप कर देता है। लोन लेते समय ही प्रीमियम कट जाता है। अगर आप लोन नहीं लेना चाहते तो बैंक को पहले ही सूचित कर दें, वरना ऑटो-एनरोलमेंट हो जाएगा।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए
ऑनलाइन आवेदन करते समय ये दस्तावेज तैयार रखें।
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक या खाते का विवरण (दावा राशि इसी में आएगी)
- जमीन के कागजात, जैसे खाता और खेसरा
- बुवाई प्रमाण पत्र (उस सीजन में कौन सी फसल बोई है)
- पते का सबूत
बंटाईदार और किरायेदार किसान भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं। उनके लिए जमीन के मालिक से जुड़े दस्तावेज और बुवाई का सबूत जरूरी होता है।
बैंक खाते में आधार लिंक होना बहुत जरूरी है, क्योंकि क्लेम की राशि DBT से आती है। अगर आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो पहले यह काम करा लें। जमीन के कागजात के लिए भू लगान रसीद ऑनलाइन भी निकाली जा सकती है।
फसल खराब होने पर क्लेम कैसे करें
अगर बाढ़, सूखा, कीट या बीमारी से फसल को नुकसान होता है, तो 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना देनी होती है। Crop Insurance App या pmfby.gov.in पोर्टल पर जाकर नुकसान की रिपोर्ट करें और खेत की फोटो अपलोड करें।
रिपोर्ट के बाद बीमा कंपनी नुकसान का आकलन करती है। आकलन पूरा होने पर मुआवजा सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दिया जाता है। 2024-25 में देश भर में 4 करोड़ से ज्यादा किसानों ने इस योजना का लाभ लिया था, जो अब तक का सबसे बड़ा नामांकन है।
एक और जरूरी सलाह। प्रीमियम कटऑफ तारीख से पहले ही जमा कर दें। आखिरी दिनों में पोर्टल पर भीड़ बढ़ जाती है और तकनीकी दिक्कत आ सकती है। रसीद या पॉलिसी नंबर संभालकर रखें, ताकि स्टेटस चेक करते समय काम आए।
बिहार के किसानों के लिए यह मौका क्यों खास है
बिहार बाढ़ और सूखा दोनों से प्रभावित राज्य है। हर साल हजारों किसानों की फसल पानी में डूब जाती है या बारिश न होने से सूख जाती है। बिना बीमा के पूरा नुकसान किसान को ही उठाना पड़ता है।
PMFBY में वापसी के बाद बिहार के किसानों को पहली बार इतने कम प्रीमियम पर इतनी बड़ी सुरक्षा मिल रही है। 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का मतलब है कि अगर बीमा राशि 40,000 रुपये प्रति एकड़ है, तो किसान को सिर्फ 600 रुपये देने होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार में PMFBY का रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होगा?
बिहार में Rabi 2026-27 के लिए नामांकन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। आवेदन pmfby.gov.in पोर्टल या नजदीकी CSC से किया जा सकता है।
Rabi फसल के लिए कितना प्रीमियम देना होगा?
Rabi फसलों के लिए किसान को बीमा राशि का सिर्फ 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। बाकी पैसा केंद्र और राज्य सरकार देती है।
क्या बंटाईदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं?
हां, बंटाईदार और किरायेदार किसान भी योजना में शामिल हो सकते हैं। उन्हें जमीन से जुड़े दस्तावेज और बुवाई का प्रमाण देना होगा।
फसल खराब होने पर कितने समय में क्लेम करना होगा?
नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर Crop Insurance App या पोर्टल पर रिपोर्ट करनी होती है। खेत की फोटो भी अपलोड करनी होती है।
जिन किसानों ने बैंक से लोन लिया है, उन्हें अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं, लोन लेने वाले किसानों का नामांकन बैंक अपने आप कर देता है। अगर आप बीमा नहीं कराना चाहते, तो लोन लेते समय ही बैंक को सूचित कर दें।
क्लेम की राशि कैसे मिलेगी?
नुकसान के आकलन के बाद मुआवजा सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजा जाता है। इसीलिए बैंक खाते में आधार लिंक होना जरूरी है।
Quick Links
| PMFBY आधिकारिक पोर्टल | Apply Karein |
| किसान हेल्पलाइन | 14447 पर कॉल करें |
| आधार बैंक खाता लिंक प्रक्रिया | Padhein |
| भू लगान रसीद ऑनलाइन निकालें | Download Karein |







