Last Updated: 21 अक्टूबर 2026। आधिकारिक स्रोत: dbtagriculture.bihar.gov.in
बाढ़ से फसल बर्बाद हुई है? यह मौका मत छोड़िए। बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान का नया आवेदन window खोला है, जो 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक ही खुला है। यानी आवेदन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2026 है और सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। इस योजना में फसल क्षति के लिए ₹8,500 से ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता DBT से सीधे बैंक खाते में मिलती है। इस guide में आवेदन से लेकर status तक की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
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कौन से जिले और कौन से किसान पात्र हैं
यह ताजा window बाढ़ से प्रभावित चुनिंदा इलाकों के लिए खोला गया है। इसमें कुल 9 जिले, 43 प्रखंड और 289 पंचायतें शामिल हैं।
शामिल 9 जिले
दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना।
अगर आपका खेत इन जिलों की चिन्हित पंचायतों में है और बाढ़ से आपकी फसल को नुकसान हुआ है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे, हर जिले की हर पंचायत शामिल नहीं है, सिर्फ बाढ़ प्रभावित घोषित पंचायतें ही पात्र हैं। आवेदन से पहले अपनी पंचायत की पात्रता portal पर जरूर जांच लें।
आवेदन के लिए आपके पास 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर होना जरूरी है। बिना पंजीकरण नंबर के आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
कितना पैसा मिलेगा, दरें जानिए
अनुदान की राशि आपकी खेती के प्रकार पर निर्भर करती है। दरें प्रति हेक्टेयर तय हैं।
| खेती का प्रकार | अनुदान राशि (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| असिंचित खेती (वर्षा आधारित) | ₹8,500 प्रति हेक्टेयर |
| सिंचित खेती | ₹17,000 प्रति हेक्टेयर |
| बारहमासी या स्थायी फसल | ₹22,500 प्रति हेक्टेयर |
एक बात से भरोसा बढ़ेगा। अक्टूबर 2026 में ही मुख्यमंत्री ने ₹112.52 करोड़ की राशि 2,48,704 किसानों को DBT से भेजी है। यानी यह योजना सिर्फ कागज पर नहीं है, पैसा सच में किसानों के खातों में पहुंच रहा है।
आवेदन कैसे करें, Step by Step
आवेदन पूरी तरह online है और कृषि विभाग के DBT portal से होता है।
आवेदन के Steps
Step 1: अपने फोन या कंप्यूटर पर dbtagriculture.bihar.gov.in खोलें।
Step 2: होमपेज पर कृषि इनपुट अनुदान योजना का विकल्प चुनें।
Step 3: अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर डालें। आपकी जानकारी screen पर आ जाएगी।
Step 4: फसल क्षति का विवरण ध्यान से भरें, जैसे फसल का नाम, रकबा और क्षति का क्षेत्र। वही जानकारी दें जो खेत की असल स्थिति से मेल खाती हो।
Step 5: मांगे गए दस्तावेज़ upload करें और form को दोबारा जांचकर submit करें।
Step 6: Submit करने के बाद आवेदन संख्या या पावती जरूर note कर लें। Status देखने में यही काम आएगी।
अगर घर पर online आवेदन में दिक्कत हो तो नजदीकी CSC या वसुधा केंद्र से भी आवेदन करवा सकते हैं। वहां जाने से पहले अपने सारे दस्तावेज़ साथ ले जाएं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़
आवेदन के समय ये कागज तैयार रखें, ताकि आखिरी दिनों में भागदौड़ न हो।
| दस्तावेज़ | क्यों जरूरी है |
|---|---|
| किसान पंजीकरण नंबर (13 अंक) | आवेदन की सबसे पहली शर्त |
| आधार कार्ड | पहचान और DBT सत्यापन के लिए |
| बैंक खाता पासबुक | पैसा सीधे खाते में आता है, खाता आधार से जुड़ा हो |
| जमीन के कागज (खतियान या लगान रसीद) | रकबा और मालिकाना सत्यापन के लिए |
| मोबाइल नंबर | OTP और सूचना के लिए, पंजीकरण से जुड़ा नंबर ही दें |
बैंक खाता आधार से link होना बहुत जरूरी है, क्योंकि DBT का पैसा आधार से जुड़े खाते में ही जाता है। खाते में नाम की spelling आधार से मेल खानी चाहिए।
Status कैसे चेक करें
आवेदन करने के बाद आप घर बैठे status देख सकते हैं।
Step 1: dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।
Step 2: आवेदन की स्थिति देखने का विकल्प चुनें।
Step 3: किसान पंजीकरण नंबर या आवेदन संख्या डालकर खोजें।
Step 4: Screen पर दिखेगा कि आवेदन स्वीकृत हुआ, जांच में है या किसी कारण से रुका है।
फसल क्षति से जुड़े पुराने आवेदन की स्थिति और भुगतान की जानकारी के लिए हमारी फसल क्षति अनुदान status guide भी पढ़ें, उसमें status से जुड़ी हर बात विस्तार से समझाई गई है।
पैसा न आए तो क्या करें
आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी पैसा न आए तो ये बातें जांचें।
1. बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं। DBT भुगतान का सबसे आम रुकावट यही है। बैंक जाकर Aadhaar seeding की पुष्टि करें।
2. नाम की spelling मेल खाती है या नहीं। पंजीकरण, आधार और बैंक खाते में नाम एक जैसा न हो तो भुगतान अटक जाता है।
3. आवेदन में जानकारी गलत तो नहीं। रकबा या खाता संख्या गलत भरी गई हो तो आवेदन सत्यापन में रुकता है। ऐसी गलती हो तो तुरंत अपने किसान सलाहकार या प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
4. थोड़ा इंतजार करें। स्वीकृति के बाद भुगतान प्रक्रिया में कुछ समय लगता है। Status में स्वीकृत दिख रहा है तो पैसा खाते में आ ही जाता है।
अगर पंचायत या प्रखंड स्तर पर सुनवाई न हो तो जिला कृषि कार्यालय में लिखित शिकायत दें और उसकी पावती जरूर लें।
ये गलतियां बिल्कुल न करें
1. आखिरी दिन का इंतजार न करें। 25 अक्टूबर आखिरी तारीख है, आखिरी दिन portal पर भीड़ बढ़ जाती है और तकनीकी दिक्कत भी आ सकती है। आज ही आवेदन कर दें।
2. किसी को पैसा न दें। आवेदन पूरी तरह मुफ्त है। पैसे मांगने वाला व्यक्ति धोखाधड़ी कर रहा है।
3. गलत रकबा न भरें। सत्यापन में गड़बड़ी मिली तो आवेदन निरस्त हो सकता है। उतना ही रकबा लिखें जितनी फसल सच में प्रभावित हुई है।
किसी अन्य सरकारी प्रमाण पत्र की जरूरत पड़े तो हमारी सर्टिफिकेट डाउनलोड guide से घर बैठे प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया समझ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कृषि इनपुट अनुदान 2026 के आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
इस ताजा window की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2026 है। आवेदन 18 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए हैं, इसलिए समय बहुत कम बचा है।
Q2. कितना अनुदान मिलेगा?
असिंचित खेती पर ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित खेती पर ₹17,000 प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसल पर ₹22,500 प्रति हेक्टेयर मिलेगा।
Q3. आवेदन के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है?
13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर। बिना इसके आवेदन नहीं हो पाएगा। साथ में आधार से जुड़ा बैंक खाता भी तैयार रखें।
Q4. कौन से जिले इस window में शामिल हैं?
दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना। इनके 43 प्रखंडों की 289 बाढ़ प्रभावित पंचायतें शामिल हैं।
Q5. पैसा कैसे और कहां मिलेगा?
पैसा DBT के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में आएगा। नकद भुगतान कहीं नहीं होता।
Q6. मेरा जिला सूची में नहीं है तो क्या करूं?
यह window सिर्फ चिन्हित बाढ़ प्रभावित पंचायतों के लिए है। अगर आपका इलाका शामिल नहीं है तो अगली घोषणा का इंतजार करें और अपने किसान सलाहकार से जानकारी लेते रहें।
| Quick Links | Link |
|---|---|
| इनपुट अनुदान आवेदन | Apply Karein |
| फसल क्षति Status | Status Check Karein |
| सर्टिफिकेट डाउनलोड | Download Karein |





