Last Updated: 22 अक्टूबर 2026। आधिकारिक स्रोत: आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार (Aapda Sampoorti Portal)
आपके खाते में बाढ़ राहत के ₹7,000 नहीं आए, तो सबसे आम वजह यही है कि आपके परिवार का नाम प्रशासन की बाढ़ प्रभावित सूची में दर्ज नहीं हुआ, या आपके बैंक खाते में Aadhaar seeding की दिक्कत है। 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दूसरे चरण में 1,60,201 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में DBT से ₹7,000 प्रति परिवार भेजे हैं। इस लेख में आप जानेंगे कि List में अपना नाम कैसे check करें, पैसा क्यों रुकता है और नाम छूट गया हो तो आपको क्या करना है।
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| काम | Link |
|---|---|
| बाढ़ राहत Status और नाम जांच | Status Check Karein |
| लाभार्थी List में अपना नाम | List Me Naam Dekhein |
| पैसा क्यों नहीं आया, कारण जानें | Karan Jaanein |
| आधिकारिक आपदा Portal | Portal Kholein |
बाढ़ राहत के ₹7,000 किसे मिला
यह राशि बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान के रूप में दी जाती है। पहले यह राशि ₹6,000 प्रति परिवार थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹7,000 कर दिया गया है।
12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दूसरे चरण में 1,60,201 परिवारों के बैंक खातों में कुल ₹112.14 करोड़ की राशि DBT से भेजी। इससे पहले 15 सितंबर 2026 को पहले चरण में 8,77,190 परिवारों को ₹614.03 करोड़ की सहायता मिली थी।
दोनों चरणों को मिलाकर अब तक राज्य के 10,37,391 बाढ़ प्रभावित परिवारों को कुल ₹726.17 करोड़ की सहायता मिल चुकी है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पैसा आवेदन करने से नहीं मिलता। बाढ़ के बाद प्रशासन अपने स्तर पर सर्वे करके प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करता है और उसी सूची में दर्ज तथा सत्यापित परिवारों के खाते में राशि भेजी जाती है। पैसा परिवार के Aadhaar से जुड़े बैंक खाते में सीधे आता है।
बाढ़ राहत List में नाम कैसे Check करें
सबसे पहले यह बात साफ समझ लीजिए। घर बैठे mobile से अपना नाम check करने की कोई सार्वजनिक online सुविधा इस समय उपलब्ध नहीं है। बाढ़ राहत की सूची पंचायत और प्रखंड स्तर पर तैयार होती है, इसलिए नाम जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका स्थानीय स्तर पर ही है।
- अपने वार्ड सदस्य, मुखिया या पंचायत सचिव से मिलें। राहत सूची की प्रति उनके पास उपलब्ध कराई जाती है, वहां अपने परिवार का नाम देखें।
- अपने प्रखंड सह अंचल कार्यालय जाएं। वहां आपदा प्रबंधन शाखा में लाभार्थी सूची में अपना नाम और परिवार का विवरण check कर सकते हैं।
- नाम मिल जाए तो बैंक खाते का विवरण भी वहीं confirm कर लें, ताकि भुगतान के समय कोई रुकावट न आए।
जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों का यह डेटा आधिकारिक Aapda Sampoorti Portal पर दर्ज करता है। खाते में पैसा आया या नहीं, यह जानने के लिए अपनी bank passbook update कराएं। कई बार SMS नहीं आता, लेकिन राशि खाते में आ चुकी होती है।
पैसा क्यों नहीं आया, ये हैं बड़े कारण
- सर्वे सूची में नाम नहीं होना। बाढ़ के बाद हुए सर्वे में परिवार छूट गया हो या विवरण दर्ज न हुआ हो, तो पैसा नहीं आता। यह सबसे आम कारण है।
- Aadhaar seeding की दिक्कत। बैंक खाता Aadhaar से link न हो या DBT के लिए enabled न हो, तो भुगतान असफल हो जाता है।
- खाते की जानकारी में गड़बड़ी। खाता नंबर गलत दर्ज होना, खाता बंद या लंबे समय से निष्क्रिय होना, या Aadhaar और बैंक खाते में नाम की spelling अलग होना भी भुगतान रोक देता है।
- सत्यापन बाकी रह जाना। कुछ परिवारों का विवरण जिला स्तर पर सत्यापन में रह जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सहायता से छूटे हुए पात्र परिवारों का ब्योरा जल्द भेजा जाए, ताकि उन्हें भी राशि मिल सके।
पैसा न आए तो क्या करें
- सबसे पहले अपने वार्ड सदस्य या मुखिया से सूची में नाम होने की पुष्टि करें।
- नाम न हो तो प्रखंड कार्यालय की आपदा प्रबंधन शाखा में जाकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दें। आवेदन के साथ Aadhaar Card और bank passbook की छायाप्रति लगाएं।
- अपने bank की शाखा में जाकर खाते की Aadhaar seeding और DBT status जरूर check करवाएं। Aadhaar में दर्ज नाम और खाते का नाम एक जैसा होना चाहिए।
- Passbook update करके ताजा balance देखें। हो सकता है राशि आ चुकी हो और आपको जानकारी न मिली हो।
- Portal से जुड़ी पूछताछ के लिए आधिकारिक Aapda Sampoorti Portal पर email दिया गया है। आप apdsmphelp2024@gmail.com पर अपनी समस्या लिखकर भेज सकते हैं।
सावधानी। ₹7,000 दिलाने के नाम पर कोई भी व्यक्ति आपसे पैसे, OTP या PIN नहीं मांग सकता। ऐसी मांग हो तो तुरंत मना कर दें और इसकी शिकायत प्रखंड कार्यालय में करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाढ़ राहत के ₹7,000 कब भेजे गए?
दूसरे चरण की राशि 12 अक्टूबर 2026 को 1,60,201 परिवारों को DBT से भेजी गई। पहले चरण में 15 सितंबर 2026 को 8,77,190 परिवारों को यह सहायता मिली थी।
List में मेरा नाम है या नहीं, यह online कैसे check करूं?
घर बैठे नाम check करने की सार्वजनिक online सुविधा उपलब्ध नहीं है। सूची आपके वार्ड सदस्य, मुखिया या पंचायत सचिव के पास और प्रखंड सह अंचल कार्यालय में देखी जा सकती है। प्रशासन यह डेटा आधिकारिक Aapda Sampoorti Portal पर दर्ज करता है।
मोहल्ले में सबको पैसा आया, मेरा क्यों नहीं आया?
आमतौर पर इसकी तीन वजहें होती हैं। सर्वे सूची में नाम न होना, खाते में Aadhaar seeding न होना, या खाते की जानकारी में गड़बड़ी। ऊपर दिए गए steps से आप अपनी स्थिति जांच सकते हैं।
नाम सूची में नहीं है, तो क्या मुझे राशि मिल सकती है?
हां, रास्ता अभी खुला है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को छूटे हुए पात्र परिवारों का ब्योरा भेजने का निर्देश दिया है। आप प्रखंड कार्यालय में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दें, सत्यापन के बाद आपका नाम सूची में जुड़ सकता है।
बाढ़ राहत का पैसा किस खाते में आता है?
राशि DBT से परिवार के Aadhaar से जुड़े बैंक खाते में आती है। इसलिए खाता Aadhaar से link और DBT के लिए enabled होना जरूरी है।
बाढ़ राहत और कृषि इनपुट अनुदान में क्या फर्क है?
बाढ़ राहत के ₹7,000 हर पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार को मिलने वाला अनुग्रह अनुदान है। कृषि इनपुट अनुदान सिर्फ उन किसानों के लिए है जिनकी फसल बाढ़ से बर्बाद हुई है और उसके लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है। फसल नुकसान वाले किसान बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2026 की जानकारी जरूर देखें, क्योंकि उसका आवेदन समय सीमित है।