बिहार के OBC उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने NCL सर्टिफिकेट को लेकर नया स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके मुताबिक माता-पिता की सैलरी और खेती की आय को ₹8 लाख की सीमा में एक साथ नहीं जोड़ा जाएगा, जहां नियम इसकी अनुमति देते हैं। साथ ही अब अलग से जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि NCL सर्टिफिकेट में ही ये जानकारियां शामिल मानी जाएंगी।
अगर आप सरकारी नौकरी या परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और NCL सर्टिफिकेट को लेकर उलझन में हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम आपको नए नियम की हर बात आसान भाषा में समझाएंगे।
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GAD का नया स्पष्टीकरण क्या कहता है
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने NCL (Non-Creamy Layer) सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि NCL सर्टिफिकेट अपने आप में एक पूर्ण दस्तावेज है, इसलिए आवेदकों से अलग-अलग जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र मांगना बंद किया जाए।
इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपके पास वैध NCL सर्टिफिकेट है, तो भर्ती प्रक्रिया या परीक्षा में आपको बार-बार जाति, निवास और आय के अलग प्रमाणपत्र नहीं देने होंगे। NCL सर्टिफिकेट में दर्ज जानकारी को ही इन कामों के लिए मान्य माना जाएगा। Bihar OBC NCL Certificate online apply करने की पूरी प्रक्रिया यहां पढ़ें।
सैलरी और खेती की आय ₹8 लाख में क्यों नहीं जुड़ेगी

NCL का दर्जा तय करने में सबसे अहम भूमिका आय की गणना की होती है। क्रीमी लेयर की सीमा ₹8 लाख प्रति वर्ष है। अब तक कई जगहों पर अधिकारियों की मनमानी से माता-पिता की सैलरी और खेती की आय को जोड़कर ₹8 लाख से ऊपर बता दिया जाता था, जिससे पात्र उम्मीदवार भी NCL से बाहर हो जाते थे।
GAD ने निर्देश दिया है कि अधिकारी आय का आकलन करते समय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जिन नियमों में सैलरी और कृषि आय को एक साथ न जोड़ने का प्रावधान है, वहां दोनों को अलग-अलग देखा जाए। अधिकारी अपनी मर्जी से अलग तरीका न अपनाएं।
इसका सीधा फायदा उन OBC परिवारों को होगा जहां माता-पिता नौकरी भी करते हैं और खेती भी होती है। अब दोनों आय को जोड़कर ₹8 लाख से ऊपर दिखाने की गलती नहीं होगी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि सिर्फ माता-पिता की आय के आधार पर क्रीमी लेयर तय करना कानूनन सही नहीं है, नौकरी की प्रकृति और सामाजिक स्थिति को भी देखना होगा।
पुराना NCL सर्टिफिकेट भी चलेगा

अगर आपके पास पहले से NCL सर्टिफिकेट है, तो हर बार नया बनवाने की जरूरत नहीं है। विभाग ने परिपत्र संख्या 15440 (5 दिसंबर 2017) का हवाला देते हुए कहा है कि अगर व्यक्ति पहले से NCL धारक है और अब भी क्रीमी लेयर से बाहर है, तो पुराना सर्टिफिकेट निर्धारित स्व-शपथपत्र (Form-XVIII B) के आधार पर स्वीकार किया जा सकता है।
यह प्रावधान उन उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें हर भर्ती या परीक्षा के लिए नया सर्टिफिकेट बनवाने में दिक्कत होती थी। OBC NCL certificate कैसे बनता है, इसकी step-by-step जानकारी यहां देखें।
अलग जाति, निवास, आय प्रमाणपत्र की जरूरत खत्म

नए स्पष्टीकरण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि NCL सर्टिफिकेट को जाति, निवास और आय तीनों के प्रमाण के रूप में मान्यता मिल गई है। पहले कई भर्तियों में NCL के साथ-साथ अलग से जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र मांगे जाते थे, जिससे उम्मीदवारों को तीन-तीन बार RTPS के चक्कर लगाने पड़ते थे।
अब अधिकारियों को निर्देश है कि NCL में दर्ज जानकारी के लिए अलग दस्तावेज न मांगे जाएं। अगर आपको जाति प्रमाणपत्र के लिए कौन सा दस्तावेज चलेगा, यह जानना हो तो हमारा गाइड पढ़ें।
OBC उम्मीदवारों को क्या फायदा होगा

NCL सर्टिफिकेट पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के उम्मीदवारों के लिए सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज है। नए नियम से:
- सैलरी और खेती की आय अलग-अलग गिनी जाएगी, जिससे ज्यादा परिवार ₹8 लाख की सीमा के अंदर आएंगे।
- पुराना NCL + Form-XVIII B शपथपत्र चलेगा, बार-बार नया नहीं बनवाना होगा।
- अलग जाति, निवास, आय प्रमाणपत्र नहीं मांगे जाएंगे।
- BPSC TRE 4.0 जैसी भर्तियों में दस्तावेज सत्यापन आसान होगा। TRE 4.0 domicile नियम की जानकारी भी देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Bihar NCL certificate new rule 2026 क्या है?
GAD के नए स्पष्टीकरण के मुताबिक माता-पिता की सैलरी और खेती की आय को ₹8 लाख की सीमा में एक साथ नहीं जोड़ा जाएगा। साथ ही NCL सर्टिफिकेट धारकों से अलग जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र नहीं मांगे जाएंगे।
क्या पुराना NCL सर्टिफिकेट चलेगा?
हां। परिपत्र 15440 (2017) के तहत अगर आप अब भी क्रीमी लेयर से बाहर हैं, तो पुराना NCL सर्टिफिकेट निर्धारित स्व-शपथपत्र (Form-XVIII B) के साथ स्वीकार किया जा सकता है।
NCL के लिए आय की सीमा कितनी है?
क्रीमी लेयर की सीमा ₹8 लाख प्रति वर्ष है। इससे ज्यादा पारिवारिक आय होने पर NCL नहीं मिलता।
क्या NCL के साथ जाति प्रमाणपत्र भी देना होगा?
नए निर्देश के मुताबिक नहीं। NCL सर्टिफिकेट में दर्ज जानकारी को जाति, निवास और आय के प्रमाण के रूप में मान्य माना जाएगा।
NCL सर्टिफिकेट कहां से बनवाएं?
बिहार में NCL सर्टिफिकेट RTPS के माध्यम से ऑनलाइन या RTPS काउंटर से बनवाया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया यहां देखें।
EWS और NCL में क्या अंतर है?
NCL, OBC वर्ग के लिए है जबकि EWS सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए है। EWS certificate कैसे बनवाएं, यह गाइड पढ़ें।
Quick Links
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| NCL ऑनलाइन आवेदन गाइड | Apply Karein |
| NCL कैसे बनता है | Padhein |
| EWS सर्टिफिकेट गाइड | Dekhein |
| जाति प्रमाणपत्र दस्तावेज | Dekhein |





