नमस्ते दोस्तों, आय प्रमाणपत्र बनवाते समय सबसे ज्यादा confusion इसी बात को लेकर होती है कि income certificate kiski aay जोड़ी जाए, क्या अपनी, क्या माता-पिता की, या क्या पति की। अक्सर ऐसा होता है कि गलत व्यक्ति की आय जोड़ने से प्रमाणपत्र गलत बन जाता है और बाद में छात्रवृत्ति या योजना का लाभ अटक जाता है। इस पोस्ट में हम हर स्थिति के लिए साफ जवाब देंगे, विद्यार्थी के लिए किसकी आय, विवाहित महिला के लिए किसकी आय, और नाबालिग के लिए किसकी आय जोड़ी जाती है।
जाने इस पोस्ट में क्या क्या है
- Income certificate kiski aay, बुनियादी नियम
- विद्यार्थी (Student) के लिए किसकी आय जोड़ेें
- विवाहित महिला के लिए किसकी आय जोड़ेें
- नाबालिग बच्चे के लिए किसकी आय जोड़ेें
- बेरोजगार युवक के लिए किसकी आय जोड़ेें
- माता-पिता दोनों की आय कैसे जोड़ी जाती है
- गलत आय जोड़ने से क्या नुकसान होता है
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
| विषय | विवरण |
| पोस्ट का विषय | income certificate kiski aay, हर स्थिति का साफ जवाब |
| संबंधित सेवा | आय प्रमाणपत्र (Income Certificate) |
| Portal | RTPS portal |
| Apply का Mode | Online या नजदीकी RTPS Counter / CSC |
| बुनियादी नियम | जिसके नाम पर प्रमाणपत्र बन रहा है, आमतौर पर उसी के परिवार की आय |
| प्रमाणपत्र मिलने का समय | आमतौर पर कुछ कार्यदिवस |
Income Certificate Kiski Aay: Buniyadi Niyam Samjhein
income certificate kiski aay का बुनियादी नियम बहुत सरल है, आय प्रमाणपत्र में उस परिवार की आय जोड़ी जाती है, जिस परिवार का सदस्य होने के नाते प्रमाणपत्र बनवाया जा रहा है। यानी जिस व्यक्ति के नाम पर प्रमाणपत्र बनेगा, उसकी आय और उसके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों की आय को मिलाकर कुल पारिवारिक आय दर्ज होती है।

अक्सर ऐसा होता है कि लोग सिर्फ अपनी खुद की आय लिख देते हैं, जबकि नियम के अनुसार पूरे परिवार की आय जोड़ी जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर एक विद्यार्थी आय प्रमाणपत्र बनवा रहा है और उसके पिता नौकरी करते हैं, तो पिता की आय ही मुख्य आय मानी जाएगी, विद्यार्थी की शून्य आय नहीं।
महत्वपूर्ण नोट: आय प्रमाणपत्र में “परिवार” का मतलब आमतौर पर एक साथ रहने और एक ही रसोई से खाने वाले सदस्य होते हैं। अलग रहने वाले भाई या रिश्तेदार की आय इसमें नहीं जोड़ी जाती।
Student Ke Liye Income Certificate Kiski Aay Jodein
विद्यार्थियों के लिए आय प्रमाणपत्र सबसे ज्यादा छात्रवृत्ति (scholarship) के लिए बनवाया जाता है, और यहीं सबसे ज्यादा गलती होती है।
- माता-पिता के साथ रहने वाले विद्यार्थी: income certificate kiski aay, इस सवाल का जवाब है, माता-पिता दोनों की आय। पिता की आय और माता की आय (अगर माता काम करती हैं) को जोड़कर कुल पारिवारिक आय लिखी जाती है।
- सिर्फ पिता कमाते हों तो: तब पिता की आय ही कुल आय मानी जाएगी।
- पिता न हों तो: माता की आय, या जो अभिभावक (guardian) है, उसकी आय जोड़ी जाती है।
- विद्यार्थी खुद part-time काम करता हो: तब भी मुख्य आय माता-पिता की ही मानी जाती है, विद्यार्थी की part-time आय को अतिरिक्त जानकारी के तौर पर बताया जा सकता है।
अक्सर ऐसा होता है कि विद्यार्थी अपनी आय “शून्य” लिख देता है, जबकि पिता की अच्छी आय है। इससे छात्रवृत्ति के समय mismatch पकड़ा जाता है और लाभ रुक सकता है। हमेशा परिवार की सही कुल आय लिखें।
Vivahit Mahila Ke Liye Income Certificate Kiski Aay Jodein
विवाहित महिलाओं के मामले में income certificate kiski aay का जवाब उनकी वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है:
- पति के साथ रहने वाली विवाहित महिला: पति की आय मुख्य आय मानी जाती है। अगर महिला खुद भी काम करती है, तो दोनों की आय जोड़कर कुल पारिवारिक आय लिखी जाती है।
- पति से अलग रहने वाली महिला: अगर महिला मायके में रहती है, तो माता-पिता की आय जोड़ी जाती है।
- विधवा महिला: अपने बच्चों के साथ रहने पर बच्चों की आय (अगर बच्चे कमाते हैं) और खुद की आय जोड़ी जाती है। अगर कोई आय का स्रोत न हो, तो self declaration form में स्थिति स्पष्ट की जाती है।
- तलाकशुदा महिला: जिसके साथ रहती है, उस परिवार की आय के अनुसार नियम लागू होता है।
महत्वपूर्ण नोट: विवाहित महिला के आय प्रमाणपत्र में मायके की आय तभी जोड़ी जाती है, जब वह मायके में रहती हो। ससुराल में रहने पर पति के परिवार की आय ही मानी जाती है।
Nabalig Bacche Ke Liye Income Certificate Kiski Aay Jodein
नाबालिग बच्चे के नाम पर आय प्रमाणपत्र बनवाते समय income certificate kiski aay का जवाब सीधा है, माता-पिता की आय। बच्चे की खुद की कोई आय नहीं होती, इसलिए माता-पिता दोनों की आय जोड़कर कुल पारिवारिक आय दर्ज की जाती है।
अगर माता-पिता में से कोई एक न हो, तो जो अभिभावक बच्चे की देखभाल कर रहा है, उसकी आय जोड़ी जाती है। अक्सर ऐसा होता है कि दादा-दादी बच्चे को पाल रहे होते हैं, तब दादा-दादी की आय को आधार बनाया जाता है।

Berozgar Yuvak Ke Liye Income Certificate Kiski Aay Jodein
बेरोजगार युवक के मामले में भी नियम वही है, जिसके साथ वह रहता है, उस परिवार की आय। अगर युवक माता-पिता के साथ रहता है, तो माता-पिता की आय जोड़ी जाती है, भले ही युवक खुद बेरोजगार हो।
अगर युवक अकेला रहता है और कोई आय नहीं है, तो self declaration form में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होती है। ऐसी स्थिति में RTPS counter पर जाकर officer से मार्गदर्शन लेना सबसे अच्छा रहता है।
Mata-Pita Dono Ki Aay Kaise Jodi Jati Hai
जब माता-पिता दोनों काम करते हैं, तो income certificate kiski aay का जवाब है, दोनों की आय का जोड़। उदाहरण के लिए:
| सदस्य | वार्षिक आय (उदाहरण) |
| पिता की आय | 1,80,000 रुपये |
| माता की आय | 1,20,000 रुपये |
| कुल पारिवारिक आय | 3,00,000 रुपये |
फॉर्म में कुल पारिवारिक आय 3,00,000 रुपये दर्ज होगी। अक्सर ऐसा होता है कि लोग सिर्फ एक व्यक्ति की आय लिख देते हैं, जिससे कुल आय कम दिखती है। यह गलत है और बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।
महत्वपूर्ण नोट: आय जोड़ते समय सभी स्रोतों को शामिल करें, नौकरी, खेती, व्यवसाय, किराया, पेंशन आदि। कोई भी आय का स्रोत छिपाना नहीं चाहिए।

Galat Aay Jodne Se Kya Nuksan Hota Hai
income certificate kiski aay में गलती करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
- छात्रवृत्ति रुक सकती है: अगर प्रमाणपत्र में दिखाई गई आय और वास्तविक आय में अंतर पकड़ा गया, तो छात्रवृत्ति का लाभ रुक सकता है।
- योजना का लाभ वापस मांगा जा सकता है: गलत आय के आधार पर लिया गया लाभ वापस मांगा जा सकता है।
- आवेदन reject हो सकता है: Verification के समय mismatch पकड़े जाने पर नया आवेदन भी reject हो सकता है।
- कानूनी कार्रवाई: जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
इसलिए हमेशा सही और पूरी जानकारी दें। अगर यह समझ न आए कि आपकी स्थिति में किसकी आय जोड़ी जाए, तो आवेदन से पहले RTPS counter पर पूछताछ कर लें।
सारांश: Income Certificate Kiski Aay Se Jude Zaroori Baatein
- आय प्रमाणपत्र में पूरे परिवार की आय जोड़ी जाती है, सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं।
- विद्यार्थी के लिए माता-पिता की आय, विवाहित महिला के लिए पति की आय (या जिसके साथ रहती है उसकी आय)।
- नाबालिग बच्चे के लिए माता-पिता या अभिभावक की आय जोड़ी जाती है।
- माता-पिता दोनों काम करते हों तो दोनों की आय का जोड़ लिखें।
- गलत आय लिखने से छात्रवृत्ति और योजना का लाभ रुक सकता है।
- आय का कोई प्रमाण न हो तो self declaration form भरना होता है।
Quick Links
| Apply Online | apply |
| Official Website | Official RTPS website |
| संबंधित गाइड | Aay Praman Patra Self Declaration Form |
| संबंधित गाइड | RTPS Application Reject Kyu Hota Hai |

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Student ke income certificate me kiski aay jodein?
माता-पिता दोनों की आय जोड़कर कुल पारिवारिक आय लिखी जाती है। अगर सिर्फ पिता कमाते हैं, तो पिता की आय ही कुल आय मानी जाएगी।
Kya apni khud ki aay zero likh sakte hain?
अगर आप परिवार के साथ रहते हैं और परिवार की आय है, तो शून्य लिखना गलत होगा। हमेशा परिवार की सही कुल आय लिखें।
Vivahit mahila ke income certificate me kiski aay aayegi?
पति के साथ रहने पर पति की आय (और खुद की आय अगर काम करती हैं)। मायके में रहने पर माता-पिता की आय जोड़ी जाती है।
Nabalig bacche ke liye kiski aay jodein?
माता-पिता की आय, या जो अभिभावक बच्चे की देखभाल कर रहा है, उसकी आय जोड़ी जाती है।
Aay ka koi praman na ho to kya karein?
ऐसी स्थिति में self declaration form भरना होता है, जिसमें आप अपनी आय की घोषणा खुद करते हैं। फॉर्म RTPS portal पर आवेदन प्रक्रिया में या RTPS counter से मिलता है।
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लेखक के बारे में: यह लेख biharrtps.in की टीम द्वारा बिहार की RTPS सेवाओं पर सरल हिंदी गाइड के रूप में लिखा गया है।








