अगर आपकी Online जमाबंदी में रकबा 0 दिख रहा है या नाम, खाता, खेसरा गलत दर्ज है तो घबराने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार के Parimarjan Plus पोर्टल से आप घर बैठे मुफ्त में सुधार का आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद सत्यापन आपके अंचल कार्यालय में होता है और सुधार स्वीकृत होते ही वही जमाबंदी Online अपडेट हो जाती है।
इस लेख में आप जानेंगे कि कौन कौन सी गलतियां सुधर सकती हैं, कौन से Documents लगेंगे, आवेदन का पूरा तरीका क्या है और Status कैसे Check करना है।
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Last Updated: 23 अक्टूबर 2026 । स्रोत: बिहार भूमि पोर्टल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार
Quick Links
| सेवा | Link |
|---|---|
| जमाबंदी सुधार का आवेदन | Sudhar Ke Liye Apply Karein |
| आवेदन की स्थिति | Status Check Karein |
| जमाबंदी पंजी निकालना | Jamabandi Panji Nikalein |
| Online लगान रसीद | Lagan Rasid Katein |
कौन कौन सी गलतियां सुधर सकती हैं
Parimarjan Plus पर डिजिटल जमाबंदी की आम गलतियों के लिए आवेदन किया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से ये सुधार शामिल हैं।
- रैयत के नाम की स्पेलिंग या नाम में गलती।
- पिता के नाम में गलती।
- पता और जाति में गलती।
- खाता संख्या और खेसरा संख्या में गलती।
- रकबा 0 दिखना या रकबा गलत दर्ज होना।
- चौहद्दी यानी जमीन की चारों ओर की सीमा का विवरण गलत होना।
- लगान की राशि या लगान से जुड़ा विवरण गलत होना।
- कंप्यूटरीकरण के समय छूट गई पुरानी जमाबंदी को Online दर्ज कराना।
एक जरूरी बात ध्यान रखें। अगर आपकी जमाबंदी Online दाखिल खारिज के निपटारे के बाद बनी है और गलती खाता, खेसरा या रकबा में है तो पोर्टल पर सीधे आवेदन का विकल्प नहीं मिलता है। ऐसे मामलों में DCLR के समक्ष अपील का रास्ता अपनाना होता है। बाकी आम गलतियों के लिए पोर्टल से ही आवेदन किया जा सकता है।
जरूरी Documents
आवेदन के समय दस्तावेज PDF प्रारूप में अपलोड करने होते हैं। सुधार के प्रकार के अनुसार सूची थोड़ी बदल सकती है, लेकिन आमतौर पर ये कागजात तैयार रखने चाहिए।
- जमाबंदी की प्रति, जिसमें गलती साफ दिख रही हो।
- भू लगान की ताजा रसीद।
- आधार कार्ड।
- नवीनतम अंतिम खतियान (CS/RS) की स्वप्रमाणित प्रति।
- दाखिल खारिज का आदेश और सुधार पर्ची, अगर जमाबंदी दाखिल खारिज से बनी हो।
- केवाला या जमीन से जुड़े अन्य कागजात, अगर सुधार मालिकाना विवरण से जुड़ा हो।
- निर्धारित प्रारूप में स्वघोषणा पत्र।
- शपथ पत्र, जो Final Submit के समय अपलोड करना होता है।
Parimarjan Plus से सुधार कैसे करें
पूरा आवेदन आप मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे कर सकते हैं। नीचे दिए गए चरणों को क्रम से अपनाएं।
- बिहार भूमि पोर्टल खोलें। सबसे पहले बिहार भूमि पोर्टल पर जाएं और Post Your Application या Parimarjan विकल्प पर क्लिक करें। यहीं से Parimarjan Plus की सेवा खुलती है।
- रजिस्ट्रेशन या Login करें। नए उपयोगकर्ता अपना नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पता भरकर रजिस्ट्रेशन करें। मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करके पासवर्ड बनाएं। पुराने उपयोगकर्ता रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से Login कर सकते हैं।
- आवेदन का प्रकार चुनें। डिजिटल जमाबंदी में सुधार का विकल्प चुनकर सुधार हेतु आवेदन शुरू करें।
- अपनी जमाबंदी खोजें। जिला, अंचल और मौजा चुनकर खाता संख्या या खेसरा संख्या से अपनी जमाबंदी Search करें।
- सुधार का विकल्प चुनें। जमाबंदी विवरण के सामने दिए तीर के निशान पर क्लिक करें। अब नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा, रकबा या लगान, जिसमें भी गलती है, उस सुधार को चुनें और परिवर्तन अनुरोध पर हां करें।
- सही जानकारी भरें। गलत विवरण की जगह सही विवरण सावधानी से भरें। अगर रकबा 0 है तो मूल जमाबंदी और खतियान में दर्ज सही रकबा ही लिखें।
- Documents अपलोड करें। ऊपर बताए गए दस्तावेज PDF में अपलोड करें और Preview में पूरा आवेदन अच्छी तरह जांच लें।
- शपथ पत्र अपलोड करके Final Submit करें। सब कुछ सही होने पर शपथ पत्र अपलोड करें और आवेदन Final Submit कर दें।
- पावती संख्या संभालकर रखें। Submit होने पर आपको Application Number और पावती संख्या मिलेगी। इसी से आप Status Check करेंगे, इसलिए इसे नोट करके या स्क्रीनशॉट लेकर रख लें।
आवेदन का Status कैसे Check करें
आवेदन की स्थिति जानने के लिए फिर से पोर्टल पर Login करें और Track Application विकल्प खोलें। वहां जिला, अंचल और अपना Application Number डालने पर आवेदन की ताजा स्थिति दिख जाती है।
अगर अंचल अधिकारी को किसी दस्तावेज पर आपत्ति होती है तो आवेदन टिप्पणी के साथ वापस भेजा जा सकता है। ऐसी स्थिति में आवेदन आपकी होम स्क्रीन पर दिखता है। आप टिप्पणी पढ़कर कमी पूरी करें और आवेदन फिर से Submit कर दें।
सुधार में कितना समय लगता है और आगे क्या होता है
आवेदन Submit होने के बाद वह सत्यापन के लिए आपके अंचल कार्यालय के पास जाता है। वहां कर्मचारी मूल जमाबंदी रजिस्टर और खतियान से आपके विवरण का मिलान करते हैं। बड़ी विसंगति मिलने पर भौतिक सत्यापन भी हो सकता है।
निपटारे की कोई तय समय सीमा आधिकारिक रूप से घोषित नहीं है। सामान्य जानकारी के अनुसार अधिकतर आवेदनों का निपटारा लगभग 15 से 30 दिन में हो जाता है, लेकिन असली समय आपके अंचल के सत्यापन पर निर्भर करता है। आवेदन स्वीकृत होते ही जमाबंदी Online अपडेट हो जाती है और आप अपडेट हुई जमाबंदी पंजी बिहार भूमि पोर्टल से निकाल सकते हैं।
शुल्क की चिंता बिल्कुल न करें। Parimarjan Plus पर आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जुलाई 2026 में निर्देश दिया था कि जमाबंदी सुधार के लिए RTPS काउंटर पर आने वाले किसी भी आवेदक से शुल्क नहीं लिया जाएगा और Online आवेदन के लिए किसी को निजी साइबर कैफे नहीं भेजा जाएगा। इसलिए अगर कोई आपसे इस काम के नाम पर पैसे मांगे तो सतर्क रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रकबा 0 क्यों दिखता है?
कंप्यूटरीकरण के समय पुराने रजिस्टर से डेटा चढ़ाते समय कई जमाबंदियों में रकबा खाली या 0 दर्ज हो गया। यह तकनीकी चूक है और Parimarjan Plus पर रकबा सुधार का आवेदन करके इसे ठीक कराया जा सकता है।
क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क लगता है?
नहीं। Parimarjan Plus पर जमाबंदी सुधार का आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। RTPS काउंटर पर भी इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
नाम की स्पेलिंग गलत है, क्या वह भी सुधरेगी?
हां। नाम, पिता का नाम, पता और जाति जैसी गलतियां Parimarjan Plus की मुख्य सुधार सेवाओं में शामिल हैं। आधार और खतियान में दर्ज सही नाम के आधार पर सुधार होता है।
क्या मैं किसी और की जमाबंदी के लिए आवेदन कर सकता हूं?
रैयत यानी भूमि मालिक के अलावा उसका कानूनी उत्तराधिकारी या अधिकृत प्रतिनिधि भी आवेदन कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंध या अधिकार साबित करने वाले दस्तावेज भी साथ लगाने पड़ सकते हैं।
आवेदन वापस आ जाए तो क्या करें?
अंचल अधिकारी आपत्ति लगाकर आवेदन को टिप्पणी के साथ वापस भेज सकता है। Login करके टिप्पणी पढ़ें, मांगा गया दस्तावेज या जानकारी पूरी करें और आवेदन फिर से Submit कर दें। दोबारा कोई शुल्क नहीं लगता है।
सुधार के बाद जमाबंदी कहां से मिलेगी?
आवेदन स्वीकृत होने पर रिकॉर्ड Online अपडेट हो जाता है। इसके बाद आप बिहार भूमि पोर्टल से अपनी जमाबंदी पंजी देख और निकाल सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अंचल कार्यालय से भी प्रति ली जा सकती है।





