बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर है। PM Fasal Bima Yojana करीब 7 साल बाद राज्य में फिर से लागू होने जा रही है और रबी 2026-27 सीजन के लिए आवेदन 15 नवंबर 2026 से शुरू होने की तैयारी है। इस योजना में किसान को रबी फसलों पर बीमित राशि का सिर्फ 1.5 प्रतिशत Premium देना होगा और फसल खराब होने पर बीमा का पैसा सीधे बैंक खाते में मिलेगा।
Last Updated: 23 अक्टूबर 2026। आधिकारिक स्रोत: PMFBY आधिकारिक Portal
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ध्यान रहे कि आवेदन की तारीखें अभी प्रस्तावित कार्यक्रम के हिसाब से हैं और अंतिम अधिसूचना सहकारिता विभाग की ओर से जारी होना बाकी है। अधिसूचना आते ही इस जानकारी को update किया जाएगा, इसलिए आवेदन शुरू होने से पहले तारीख और फसल सूची एक बार फिर जांच लें।
Quick Links
| फसल बीमा आवेदन | Apply Karein |
| Premium की गणना | Premium Check Karein |
| फसल नुकसान की सूचना | कृषि रक्षक Helpline 14447 |
7 साल बाद वापसी, क्या है यह योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी PMFBY देश भर में 18 फरवरी 2016 से चल रही है। इसका मकसद किसान को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट और रोग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक के जोखिम शामिल रहते हैं।
बिहार इस योजना से करीब 7 साल पहले हट गया था और राज्य की अपनी फसल सहायता योजना चल रही थी। अब सरकार ने रबी 2026-27 सीजन से PMFBY को फिर से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य में योजना का काम सहकारिता विभाग देख रहा है।
तैयारियों की समीक्षा सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने की है और अधिकारियों को सभी काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति 21 जुलाई 2026 को बनी और उसकी पहली बैठक 31 जुलाई 2026 को हुई। बीमा कंपनियों के चयन के लिए निविदा प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
बिहार में आकलन की प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल भी होगा। फसल नुकसान के आकलन में ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट तस्वीरों की मदद लेने की तैयारी है, ताकि Claim का निपटारा सही और तेज हो सके।
महत्वपूर्ण तारीखें
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| सीजन | रबी 2026-27 |
| आवेदन शुरू | 15 नवंबर 2026 (प्रस्तावित) |
| आवेदन की आखिरी तारीख | 15 जनवरी 2027 (प्रस्तावित) |
| शिकायत और सूचना | कृषि रक्षक Helpline 14447 |
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक किसानों को आवेदन के लिए करीब दो महीने का समय मिलेगा। फिर भी आखिरी तारीख का इंतजार न करें, क्योंकि अंतिम दिनों में Portal और CSC पर भीड़ बढ़ जाती है।
कौन सी फसलें शामिल होंगी
PMFBY में लाभ सिर्फ उन्हीं फसलों पर मिलता है जो आपके जिले और क्षेत्र के लिए सरकार की अधिसूचना में शामिल होती हैं। बिहार के लिए रबी 2026-27 की अंतिम अधिसूचित फसल सूची अभी जारी नहीं हुई है, वह बीमा कंपनी के चयन के बाद आधिकारिक अधिसूचना के साथ आएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर रबी सीजन में आमतौर पर गेहूं, चना, मसूर, राई सरसों और दूसरी तिलहन व दलहन फसलें अधिसूचित होती हैं। बिहार की मुख्य रबी फसलें भी गेहूं, रबी मक्का, चना, मसूर, सरसों और आलू ही हैं, इसलिए इन फसलों के सूची में रहने की पूरी संभावना है। फिर भी आवेदन से पहले अपने जिले की अधिसूचित फसल सूची Portal पर या जिला कृषि कार्यालय से जरूर जांच लें।
जमीन मालिक किसानों के अलावा बटाईदार और किराये पर खेती करने वाले किसान भी योजना में शामिल हो सकते हैं। शर्त सिर्फ यह है कि फसल अधिसूचित क्षेत्र में बोई गई हो और आपके पास खेती से जुड़े मान्य दस्तावेज हों।
Premium कितना लगेगा
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यही है कि किसान को बीमा की पूरी लागत नहीं उठानी पड़ती। किसान के हिस्से का Premium सीमित रखा गया है और बाकी रकम केंद्र सरकार और राज्य सरकार आधी आधी साझा करती हैं।
| फसल की श्रेणी | किसान का Premium |
|---|---|
| रबी फसलें | बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत |
| खरीफ फसलें | बीमित राशि का 2 प्रतिशत |
| वाणिज्यिक और बागवानी फसलें | बीमित राशि का 5 प्रतिशत |
एक उदाहरण से समझिए। अगर आपकी फसल की बीमित राशि 50,000 रुपये है तो रबी सीजन में आपको सिर्फ 750 रुपये Premium देना होगा। बाकी की सारी लागत सरकार उठाएगी और नुकसान होने पर बीमित राशि के हिसाब से Claim मिलेगा।
जरूरी Documents
आवेदन से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें, ताकि window खुलते ही बिना रुकावट आवेदन हो सके।
- जमीन के कागजात, यानी LPC और खाता खेसरा का विवरण।
- आधार कार्ड।
- बैंक खाता पासबुक, क्योंकि Premium की कटौती और Claim का भुगतान इसी खाते से होगा।
- बुवाई प्रमाण पत्र या बोई गई फसल का स्व घोषणा पत्र।
- बटाईदार या किरायेदार किसान हैं तो खेती के अधिकार से जुड़ा दस्तावेज, जैसा राज्य सरकार ने तय किया हो।
बैंक खाते में नाम और आधार की जानकारी एक जैसी रखें। नाम में गड़बड़ी होने पर Claim का पैसा अटक सकता है।
Apply कैसे करें
आवेदन के तीन आसान रास्ते हैं। ऋणी और गैर ऋणी, दोनों तरह के किसान आवेदन कर सकते हैं और योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है।
Online Portal से आवेदन
Step 1: PMFBY के आधिकारिक Portal पर जाएं।
Step 2: किसान आवेदन यानी Farmer Application का विकल्प चुनें और आधार नंबर से पंजीकरण करें।
Step 3: अपनी जानकारी, बैंक खाते का विवरण, जमीन का खाता खेसरा और बोई गई फसल का रकबा ध्यान से भरें।
Step 4: मांगे गए दस्तावेज upload करें और Premium की रकम का online भुगतान करें।
Step 5: आवेदन submit करके पावती और Policy नंबर सुरक्षित रख लें। यही नंबर आगे Claim की जानकारी में काम आएगा।
CSC से आवेदन
अगर घर पर online आवेदन में दिक्कत हो तो नजदीकी CSC यानी Common Service Centre पर जाएं। सारे दस्तावेज साथ ले जाएं, वहां operator आपका फॉर्म भर देगा और Premium जमा करके पावती दे देगा। फसल बीमा के लिए बना मोबाइल एप भी आवेदन का एक माध्यम है।
Bank से आवेदन
जिन किसानों ने फसल ऋण यानी KCC लिया है, वे अपने बैंक की शाखा से नामांकन करवा सकते हैं। ऋणी किसानों का Premium उनके ऋण खाते से काटकर जमा किया जाता है। अगर आप ऋणी किसान हैं और बीमा नहीं चाहते तो इसकी जानकारी समय पर अपने बैंक को दे दें, क्योंकि योजना स्वैच्छिक है। गैर ऋणी किसान भी बैंक शाखा में प्रस्ताव फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं।
Claim कब और कैसे मिलता है
फसल खराब होने पर सबसे जरूरी काम है समय पर सूचना देना। ओलावृष्टि, बाढ़ या दूसरी आपदा से नुकसान हो तो 72 घंटे के अंदर फसल बीमा एप, Portal या कृषि रक्षक Helpline 14447 पर सूचना जरूर दें। देर से सूचना देने पर Claim में दिक्कत आ सकती है।
खड़ी फसल के नुकसान का Claim आमतौर पर इलाके की उपज के आकलन के आधार पर तय होता है। इसके लिए फसल कटाई प्रयोग और सैटेलाइट आधारित आकलन किया जाता है। अगर असली उपज तय सीमा से कम निकलती है तो उसी अनुपात में Claim की रकम सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
दो खास स्थितियां भी योजना में शामिल हैं। खराब मौसम के कारण बुवाई ही न हो पाए तो बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक Claim मिल सकता है। वहीं कटी हुई फसल खेत में सूखने के लिए रखी हो और 14 दिन के अंदर चक्रवात या बेमौसम बारिश से खराब हो जाए तो उसका नुकसान भी योजना में शामिल रहता है।
किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए कृषि रक्षक Helpline 14447 पर संपर्क करें। सहकारिता विभाग के नंबर 0612-2200693 और 1800 3454 110 पर भी जानकारी ली जा सकती है।
फसल से जुड़ी दूसरी मदद की जानकारी के लिए हमारी बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2026 वाली गाइड भी पढ़ें। बिहार की सरकारी योजनाओं और प्रमाण पत्रों की ताजा जानकारी के लिए Bihar RTPS का होमपेज देखते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार में PM Fasal Bima के आवेदन कब से शुरू होंगे?
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक रबी 2026-27 के लिए आवेदन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लिए जाएंगे। अंतिम तारीखें सहकारिता विभाग की आधिकारिक अधिसूचना से तय होंगी, इसलिए आवेदन से पहले Portal पर ताजा जानकारी जांच लें।
रबी फसल पर Premium कितना देना होगा?
रबी फसलों पर किसान को बीमित राशि का सिर्फ 1.5 प्रतिशत Premium देना है। जैसे बीमित राशि 50,000 रुपये हो तो Premium सिर्फ 750 रुपये बनेगा। बाकी लागत केंद्र और राज्य सरकार साझा करती हैं।
क्या बटाईदार किसान भी आवेदन कर सकता है?
हां, बटाईदार और किराये पर खेती करने वाले किसान भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जमीन मालिक से खेती के अधिकार से जुड़ा मान्य दस्तावेज साथ रखना होगा।
आवेदन कहां से होगा?
आवेदन PMFBY के आधिकारिक Portal, नजदीकी CSC और बैंक शाखा, तीनों जगह से हो सकता है। फसल बीमा के मोबाइल एप से भी आवेदन की सुविधा रहती है।
फसल खराब हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?
नुकसान के 72 घंटे के अंदर फसल बीमा एप, Portal या कृषि रक्षक Helpline 14447 पर सूचना दें। सूचना जितनी जल्दी देंगे, सर्वे और Claim की प्रक्रिया उतनी ही आसानी से आगे बढ़ेगी।
Claim का पैसा कैसे मिलेगा?
Claim की रकम किसी बिचौलिए के पास नहीं आती। आकलन पूरा होने के बाद पैसा सीधे आपके उसी बैंक खाते में भेजा जाता है जो आवेदन में दिया गया था।





