अगर आपने बिहार में Dakhil Kharij या Parimarjan Plus का आवेदन कर रखा है और आपका काम आगे नहीं बढ़ रहा है, तो इसकी वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं है। 14 अक्टूबर 2026 को सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच हुए समझौते के बाद जाति, आय और निवास जैसे RTPS प्रमाण पत्रों का काम फिर से शुरू हो गया है। लेकिन Dakhil Kharij और Parimarjan Plus के काम में अधिकारी के Dongle का इस्तेमाल तब तक रुका रहेगा, जब तक सरकार इस पर स्पष्ट SOP जारी नहीं कर देती। इस लेख में हम आपको पूरा मामला आसान भाषा में समझा रहे हैं, कौन सा काम चल रहा है, कौन सा रुका है और Pending आवेदन वालों को अभी क्या करना चाहिए।
Last Updated: 24 अक्टूबर 2026
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जानकारी का स्रोत: अमर उजाला की 14 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट और बिहार भूमि का आधिकारिक पोर्टल।
Quick Links
| काम | Link |
|---|---|
| दाखिल खारिज आवेदन की स्थिति | Status Check Karein |
| जमाबंदी में गलती का सुधार | Sudhar Guide Dekhein |
| भूलेख और जमाबंदी रिकॉर्ड | Record Dekhein |
पूरा मामला क्या है
मामले की शुरुआत मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी अंचल से हुई। वहां के अंचल अधिकारी महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण ने अहियापुर से जुड़े एक मामले में Dakhil Kharij का आदेश दिया था। यह उनका अर्ध न्यायिक काम था, लेकिन इसी आदेश के बाद दोनों अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई और उनकी गिरफ्तारी हो गई।
गिरफ्तारी के विरोध में बिहार राजस्व सेवा संघ आगे आया। संघ ने विभाग को ज्ञापन देकर कहा कि अगर इस मामले में ठोस पहल नहीं हुई, तो राज्य भर के अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी अपना Dongle पूरी तरह बंद कर देंगे। Dongle बंद होते ही ऑनलाइन अनुमोदन से होने वाले सारे काम ठप हो जाते, इसलिए यह चेतावनी बहुत बड़ी थी।
13 अक्टूबर 2026 को दोनों अधिकारियों को न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके बाद 14 अक्टूबर को सरकार के स्तर पर बातचीत हुई और कई मुद्दों पर आश्वासन मिला। आश्वासन के बाद संघ ने जनहित को देखते हुए RTPS सेवाएं बहाल करने का फैसला लिया, ताकि आम लोगों को प्रमाण पत्रों के लिए परेशान न होना पड़े।
लेकिन संघ ने एक शर्त साफ रखी। Dakhil Kharij और Parimarjan Plus के काम में Dongle का इस्तेमाल तब तक स्थगित रहेगा, जब तक सरकार इन कामों को लेकर स्पष्ट SOP जारी नहीं कर देती।
इसी दौरान राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की सामूहिक छुट्टी का मामला भी चल रहा था। 14 अक्टूबर को मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कर्मचारी संघों ने अपनी मांगें रखीं। मंत्री के आश्वासन के बाद सभी कर्मचारियों और अमीनों से तीन दिनों के अंदर अपने कार्यस्थल पर लौटकर काम शुरू करने की अपील की गई।
कौन सा काम चल रहा है, कौन सा रुका है
| काम | स्थिति |
|---|---|
| जाति प्रमाण पत्र | चल रहा है |
| आय प्रमाण पत्र | चल रहा है |
| निवास प्रमाण पत्र | चल रहा है |
| NCL और EWS प्रमाण पत्र | चल रहा है |
| Dakhil Kharij यानी नामांतरण | निपटान रुका है |
| Parimarjan Plus यानी रिकॉर्ड सुधार | निपटान रुका है |
ध्यान देने वाली बात यह है कि रुकावट अंतिम आदेश और निपटान के स्तर पर है। प्रमाण पत्रों के मामलों में अधिकारी पहले की तरह Dongle का इस्तेमाल करके आवेदनों का निपटान कर रहे हैं और प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े कामों में वही Dongle इस्तेमाल फिलहाल रोका गया है, इसलिए उन फाइलों पर अंतिम आदेश नहीं हो पा रहा है।
Dongle विवाद क्या है
Dongle एक छोटा सा USB उपकरण होता है, जिसमें अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर रहते हैं। किसी भी ऑनलाइन आवेदन पर अंतिम आदेश या प्रमाण पत्र तभी जारी होता है, जब संबंधित अधिकारी अपने Dongle से उसे डिजिटल रूप से अनुमोदित करता है। आसान भाषा में समझिए तो Dongle बंद होना मतलब ऑनलाइन काम का ताला लग जाना है।
संघ का कहना है कि जमीन के रिकॉर्ड में सुधार सिर्फ कंप्यूटर पर जानकारी दर्ज करने का काम नहीं है। इसके लिए पुराने दस्तावेजों की जांच, संबंधित लोगों के दावों और आपत्तियों पर विचार और जरूरत पड़ने पर स्थल निरीक्षण भी जरूरी होता है।
संघ के अनुसार कई जगह रजिस्टर 2 में दर्ज जमाबंदी के रिकॉर्ड पुराने, क्षतिग्रस्त या गलतियों से भरे हैं। ऐसे में असली स्थिति की जांच किए बिना जल्दबाजी में रिकॉर्ड सुधारने से आगे चलकर जमीन के विवाद और बढ़ सकते हैं।
इसी वजह से संघ ने सरकार से स्पष्ट SOP की मांग की है। संघ चाहता है कि SOP में दस्तावेजों की जांच, स्थल निरीक्षण, विवादित जमाबंदी के निपटारे और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर साफ नियम तय हों।
संघ ने यह भी साफ किया है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं करता। उसकी मांग सिर्फ इतनी है कि अर्ध न्यायिक काम करने वाले अधिकारियों को कानूनी संरक्षण मिले और प्राथमिकी या गिरफ्तारी से पहले की प्रक्रिया स्पष्ट हो। संघ का तर्क है कि किसी राजस्व आदेश से असहमति होने पर अपील की कानूनी व्यवस्था पहले से मौजूद है, इसलिए आदेश से असहमति और आपराधिक कृत्य में फर्क किया जाना चाहिए।
मुशहरी मामले में सरकार की ओर से संबंधित प्राथमिकी को निरस्त कराने के लिए जरूरी कानूनी पहल करने का भरोसा दिया गया है। हालांकि प्राथमिकी निरस्त करने पर अंतिम निर्णय या कार्रवाई की स्थिति अभी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
Pending आवेदन वालों को क्या करना चाहिए
- दोबारा नया आवेदन करने की जरूरत नहीं है। आपका पुराना आवेदन पोर्टल पर ही रहता है और काम शुरू होते ही उसी पर आगे की प्रक्रिया होगी।
- अपनी वाद संख्या या आवेदन संख्या संभालकर रखें। आपके आवेदन का Status इसी नंबर से पता चलता है।
- बीच बीच में बिहार भूमि पोर्टल पर अपने आवेदन का Status Check करते रहें। Status में बदलाव दिखे तो समझिए कि आपकी फाइल आगे बढ़ी है।
- अपने दस्तावेज तैयार रखें, जैसे रजिस्ट्री की प्रति, पुरानी जमाबंदी, लगान रसीद और पहचान पत्र। काम शुरू होने पर दस्तावेज मांगे जाने पर आपको देरी नहीं होगी।
- किसी बिचौलिए के झांसे में बिल्कुल न आएं। इस समय पैसे लेकर कोई भी आपका Dakhil Kharij जल्दी नहीं करा सकता, क्योंकि रुकावट किसी एक कार्यालय की नहीं, पूरी व्यवस्था के स्तर पर है।
काम कब शुरू होने की उम्मीद है
सच बात यह है कि 24 अक्टूबर 2026 तक सरकार या राजस्व विभाग की ओर से SOP जारी होने या Dakhil Kharij का काम फिर शुरू होने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए किसी तय तारीख का दावा करना गलत होगा।
सकारात्मक संकेत जरूर मौजूद हैं। सरकार और संघ के बीच बात बन चुकी है, प्रमाण पत्रों का काम बहाल हो गया है और कर्मचारियों को काम पर लौटने को कहा गया है। विभाग पर लंबित मामलों के निपटारे का दबाव भी बना हुआ है, क्योंकि विभागीय सचिव ने अंचल अधिकारियों को जमाबंदी सुधार का काम 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए थे।
जैसे ही SOP या काम शुरू होने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, हम इस लेख को Update कर देंगे। तब तक किसी अफवाह या बिचौलिए के दावे पर भरोसा न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या Dakhil Kharij के आवेदन का निपटान पूरी तरह बंद है?
फिलहाल हां। Dakhil Kharij के आवेदनों का अंतिम निपटान रुका हुआ है, क्योंकि इन कामों में अधिकारी के Dongle का इस्तेमाल SOP जारी होने तक स्थगित है। अंतिम आदेश इसी डिजिटल अनुमोदन से जारी होता है, इसलिए फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं।
मेरा आवेदन Pending है, क्या मुझे दोबारा आवेदन करना होगा?
नहीं। आपका आवेदन पोर्टल पर सुरक्षित रहता है। काम शुरू होने पर उसी आवेदन पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आप अपनी वाद संख्या से बीच बीच में Status Check करते रहें।
क्या Parimarjan Plus से जमाबंदी सुधार भी रुका है?
हां। Dakhil Kharij के साथ Parimarjan Plus के काम में भी Dongle का इस्तेमाल स्थगित रखा गया है। इसलिए जमाबंदी में नाम, खाता, खेसरा या रकबा सुधार के लंबित मामलों का निपटान भी SOP आने तक अटका रहेगा।
जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बन रहे हैं या नहीं?
बन रहे हैं। 14 अक्टूबर 2026 के फैसले के बाद RTPS के तहत प्रमाण पत्र जारी करने का काम फिर से शुरू हो गया है। इसमें NCL और EWS प्रमाण पत्र भी शामिल हैं, जिनकी जरूरत इन दिनों भर्ती परीक्षाओं के आवेदनों में सबसे ज्यादा पड़ रही है।
Dongle क्या होता है और इसके बिना काम क्यों रुक जाता है?
Dongle अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर वाला एक USB उपकरण होता है। ऑनलाइन आदेश और प्रमाण पत्र इसी के अनुमोदन से जारी होते हैं। जब संघ ने जमीन के रिकॉर्ड वाले कामों के लिए Dongle का इस्तेमाल रोका, तो उन कामों का ऑनलाइन निपटान भी रुक गया।
SOP कब तक आएगी और काम कब शुरू होगा?
इसकी कोई आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। सरकार ने संघ को आश्वासन दिया है और बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन SOP जारी होने की घोषणा का इंतजार अभी बाकी है। आधिकारिक घोषणा होते ही हम यह लेख Update कर देंगे।





