बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े मामलों को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। अब जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और साफ-सुथरी हो गई है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नए नियमों के तहत क्या-क्या बदलाव हुए हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
FIFO System: पहले आओ, पहले पाओ
अब दाखिल-खारिज के मामलों में ‘फीफो’ यानी ‘फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट’ सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जो आवेदन पहले आएगा, उसका निपटारा भी पहले होगा। इससे अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगेगी और सभी को बराबरी का मौका मिलेगा। अब कोई भी अधिकारी अपनी पसंद से किसी आवेदन को आगे नहीं बढ़ा सकता।
आवेदन में त्रुटि सुधार के लिए 30 दिन
अगर आपके आवेदन में कोई गलती पाई जाती है, तो आपको उसे सुधारने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा। अगर इस समय सीमा के भीतर सुधार नहीं किया गया, तो आपका आवेदन स्वतः रद्द हो जाएगा। इसलिए जरूरी है कि आप अपने आवेदन की स्थिति नियमित रूप से चेक करते रहें और समय पर आवश्यक सुधार करें।
75 दिनों में निपटारा अनिवार्य
अब हर दाखिल-खारिज आवेदन का निपटारा 75 दिनों के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी और प्रक्रिया में तेजी आएगी। अगर कोई अधिकारी इस समय सीमा का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सम-विषम हलका प्रणाली
राज्य सरकार ने सम और विषम संख्या वाले हलकों के आधार पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। सम संख्या वाले हलकों का काम अंचलाधिकारी संभालेंगे, जबकि विषम संख्या वाले हलकों का काम राजस्व अधिकारी करेंगे। इससे कार्य का बंटवारा स्पष्ट होगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
दस्तावेजों की जांच और सुधार
अब हर आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना अनिवार्य होगा। अगर दस्तावेजों में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी 24 घंटे के भीतर उसे सुधार के लिए आवेदक को लौटा देंगे। आवेदक को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे आवेदन का स्टेटस नियमित रूप से चेक करें और समय पर सुधार करें।
अधिक राशि की वापसी
अगर जमीन लगान के भुगतान के दौरान अधिक राशि वसूली गई है, तो उसकी वापसी उसी खाते में की जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था। इसके लिए विभाग ने अलग आदेश जारी किया है।
ऑनलाइन प्रक्रिया और समय सीमा
अब दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो गई है। आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति नियमित रूप से चेक करनी चाहिए और समय सीमा का पालन करना चाहिए। अगर आवेदन में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे 30 दिनों के भीतर सुधारना अनिवार्य है। अन्यथा, आवेदन रद्द कर दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ेगी।
निष्कर्ष
बिहार सरकार के इन नए नियमों से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और गति आएगी। आवेदकों को चाहिए कि वे समय पर अपने आवेदन करें, आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और प्रक्रिया की स्थिति पर नजर रखें। इससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी।
यदि आपको अपने आवेदन की स्थिति चेक करनी है या कोई सुधार करना है, तो संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और आवश्यक कार्रवाई करें।
- Bihar ITI Counselling 2026 Kaise Kare? Choice Filling, Trade Selection aur College Preference Ki Complete Jankari .
- Bihar BEd Counselling 2026: Bihar BEd Counselling Kaise Kare? जानिए Complete Counselling Process Step By Step
- Bihar Bijli Complaint Online 2026: बिजली नहीं आ रही, बिल ज्यादा आया या मीटर खराब है? ऐसे दर्ज करें शिकायत
- Pm Kisan 23th Installment Released Now: PM Kisan Payment Status Check Online 2026, जानें ₹2000 की किस्त आई या नहीं
- RTPS view button not showing rejection reason – RTPS में View बटन क्लिक करने पर रिजेक्शन का कारण न दिखना।