मैट्रिक के बाद की पढ़ाई कर रहे बिहार के छात्रों के लिए Bihar Post Matric Scholarship सबसे काम की छात्रवृत्ति योजनाओं में से एक है। यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के उन छात्रों के लिए है जो बिहार के स्थायी निवासी हैं और सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ रहे हैं। सत्र 2026 से 27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए जिन्होंने आवेदन किया है उनके लिए इस समय सबसे जरूरी काम अपने आवेदन की स्थिति देखना और पैसा आया या नहीं, यह जांचना है।
बहुत से छात्र इसे PMS Scholarship Bihar के नाम से भी खोजते हैं। इस पूरी गाइड में आपको दो अलग अलग पोर्टल की जानकारी, जरूरी दस्तावेजों की सूची, आवेदन के बाद होने वाले सत्यापन का क्रम, राशि की प्रकाशित तालिका और पैसा न आने पर क्या करना है, यह सब एक ही जगह मिलेगा। जो छात्र इस बार आवेदन से रह गए हैं, उनके लिए अगले सत्र की तैयारी का तरीका भी बताया गया है, ताकि दस्तावेज पहले से तैयार रहें और अगली बार कोई कमी न रह जाए।
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Last Updated: 26 October 2026 । जानकारी के स्रोत: पीएमएस ऑनलाइन बिहार की आधिकारिक वेबसाइट और एससी एसटी पीएमएस ऑनलाइन की आधिकारिक वेबसाइट।
एक नजर में: Bihar Post Matric Scholarship की मुख्य जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति |
| किसके लिए है | अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र |
| कौन सी पढ़ाई पर मिलती है | इंटर, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रम |
| पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग का पोर्टल | पीएमएस ऑनलाइन बिहार |
| अनुसूचित जाति और जनजाति का पोर्टल | एससी एसटी पीएमएस ऑनलाइन बिहार |
| सत्र 2026 से 27 के आवेदन | 15 July 2026 से शुरू हुए, आखिरी तिथि बढ़कर 30 September 2026 रही, आवेदन अब बंद है |
| आवेदन शुल्क | कोई शुल्क नहीं है |
| पैसा कैसे मिलता है | डीबीटी से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में, पीएफएमएस के माध्यम से |
| स्थिति कहां देखें | संबंधित पोर्टल पर लॉगिन करके |
Quick Links
| काम | Link |
|---|---|
| पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग पोर्टल | Check Karein |
| अनुसूचित जाति और जनजाति पोर्टल | Check Karein |
| बोनाफाइड प्रमाण पत्र की जानकारी | Padhein |
| मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान स्थिति | Dekhein |
Bihar Post Matric Scholarship क्या है और किसे मिलती है
पोस्ट मैट्रिक का सीधा मतलब है मैट्रिक के बाद। यानी दसवीं पास करने के बाद जो छात्र आगे की पढ़ाई जारी रखते हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद के लिए राज्य सरकार यह छात्रवृत्ति देती है। इंटर में पढ़ने वाले छात्र से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग, मेडिकल या लॉ जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ने वाले छात्र तक, सब अपने पाठ्यक्रम के अनुसार इस योजना के दायरे में आते हैं।
योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं छात्रों को मिलता है जो बिहार के स्थायी निवासी हैं। पढ़ाई सरकारी संस्थान में हो या मान्यता प्राप्त निजी संस्थान में, दोनों ही स्थितियों में आवेदन किया जा सकता है। फर्क सिर्फ इतना है कि राशि का निर्धारण संस्थान के प्रकार और पाठ्यक्रम के अनुसार होता है, जिसकी प्रकाशित तालिका आगे दी गई है।
यह छात्रवृत्ति पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाने वाली सहायता है, इसलिए संस्थान से जुड़े प्रमाण और पिछली परीक्षा का प्रमाण जरूरी होता है। जिनका सत्यापन संस्थान से पूरा नहीं होता, उनका पैसा आगे नहीं बढ़ता।
PMS Online Bihar: दो अलग अलग पोर्टल क्यों हैं
छात्रों की सबसे बड़ी उलझन यही होती है कि वे गलत पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन या स्थिति खोजते रहते हैं। PMS Online Bihar व्यवस्था में वर्ग के अनुसार दो अलग पोर्टल बनाए गए हैं। पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए अलग पोर्टल है और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए अलग पोर्टल है। अपना वर्ग देखकर ही सही पोर्टल चुनें, वरना लॉगिन भी नहीं होगा और स्थिति भी नहीं दिखेगी।
| वर्ग | पोर्टल | काम |
|---|---|---|
| पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग | पीएमएस ऑनलाइन बिहार | आवेदन, लॉगिन और स्थिति देखना |
| अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति | एससी एसटी पीएमएस ऑनलाइन बिहार | आवेदन, लॉगिन और स्थिति देखना |
दोनों पोर्टल पर काम करने का तरीका लगभग एक जैसा है। पहले पंजीकरण, फिर लॉगिन, फिर आवेदन पत्र भरना और दस्तावेज अपलोड करना। आवेदन जमा होने के बाद वही लॉगिन आगे चलकर स्थिति देखने के काम आता है, इसलिए अपना पंजीकरण वाला मोबाइल नंबर और पासवर्ड संभालकर रखें। मोबाइल नंबर वही दें जो चालू हो, क्योंकि आगे की सूचनाएं उसी पर आती हैं।
Bihar Post Matric Scholarship Last Date और इस सत्र की स्थिति
सत्र 2026 से 27 के लिए आवेदन 15 July 2026 से शुरू हुए थे। बाद में आखिरी तिथि बढ़ाकर 30 September 2026 कर दी गई थी, ताकि अधिक से अधिक छात्र आवेदन कर सकें। आज की तारीख में इस सत्र का आवेदन बंद हो चुका है। इसलिए अगर आप अब नया आवेदन खोज रहे हैं तो इस सत्र में वह संभव नहीं है, यह बात ईमानदारी से समझ लेना जरूरी है ताकि किसी गलत वेबसाइट या दलाल के चक्कर में समय और पैसा दोनों खराब न हों।
जिन छात्रों ने समय पर आवेदन कर दिया है, उनके लिए यह लेख सबसे ज्यादा काम का है। उनका अगला कदम स्थिति की जांच है, क्योंकि आवेदन के बाद संस्थान सत्यापन और जिला सत्यापन की प्रक्रिया चलती है और उसी के बाद पैसा जारी होता है। जो छात्र इस बार रह गए हैं, वे निराश न हों। अगले सत्र के लिए दस्तावेज अभी से तैयार रखना ही सबसे समझदारी भरा काम है, क्योंकि हर बार देखा गया है कि अंत में प्रमाण पत्र बनवाने की भागदौड़ में ही आवेदन छूट जाता है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
दस्तावेजों की कमी ही आवेदन रुकने या सत्यापन में अटकने की सबसे आम वजह है। नीचे दी गई सूची के अनुसार अपने सारे कागज पहले से तैयार और स्पष्ट स्कैन करके रखें। किसी भी दस्तावेज में नाम, जन्म तिथि या पिता के नाम में अंतर है तो आवेदन से पहले उसे सुधरवा लेना बेहतर रहता है, क्योंकि सत्यापन के समय यही अंतर सबसे ज्यादा परेशानी बनता है।
- आधार कार्ड। छात्र का अपना आधार कार्ड, जिसमें नाम और जन्म तिथि सही हो।
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र। स्थायी निवासी होने का प्रमाण।
- जाति प्रमाण पत्र। अपने वर्ग के अनुसार बना हुआ प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र। सत्र 2026 से 27 का बना हुआ ताजा आय प्रमाण पत्र।
- संस्थान की फीस रसीद। जिस संस्थान में पढ़ रहे हैं, वहां जमा की गई फीस की रसीद।
- बोनाफाइड प्रमाण पत्र। संस्थान से जारी प्रमाण पत्र कि छात्र वहां नियमित रूप से पढ़ रहा है। इसकी पूरी जानकारी के लिए बोनाफाइड प्रमाण पत्र वाली गाइड पढ़ें।
- पिछली उत्तीर्ण परीक्षा का प्रमाण पत्र या अंक पत्र। पिछली कक्षा पास होने का सबूत।
- दिव्यांग प्रमाण पत्र। सिर्फ तभी, जब यह छात्र पर लागू होता हो।
बैंक खाते की बात अलग से समझ लें। पैसा आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता आधार से जुड़ा होना और डीबीटी के लिए सक्रिय होना जरूरी है। आवेदन करते समय जो खाता दिया था, उसी की स्थिति बैंक में जाकर एक बार जांच लेना आगे की चिंता खत्म कर देता है।
आवेदन कैसे होता है और अगले सत्र की तैयारी कैसे करें
इस सत्र का आवेदन बंद है, फिर भी पूरी प्रक्रिया समझना जरूरी है। इससे आपको यह भी समझ आएगा कि आपका जमा किया हुआ आवेदन अभी किस चरण में होगा और अगले सत्र में आवेदन करने वालों को किस क्रम से काम करना होगा।
आवेदन की Step by Step प्रक्रिया
- अपने वर्ग के अनुसार सही पोर्टल चुनें। पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए पीएमएस ऑनलाइन बिहार और अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लिए एससी एसटी पीएमएस ऑनलाइन बिहार।
- पोर्टल पर नया पंजीकरण करें और लॉगिन की जानकारी संभालकर रखें।
- लॉगिन करके आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पढ़ाई की जानकारी और बैंक खाते की जानकारी ध्यान से भरें।
- मांगे गए सभी दस्तावेज स्पष्ट रूप में अपलोड करें।
- पूरी जानकारी एक बार फिर जांचकर आवेदन जमा करें और आवेदन की प्रति या आवेदन संख्या संभालकर रखें।
- आवेदन के बाद अपने संस्थान से संपर्क में रहें, क्योंकि अगला चरण संस्थान का सत्यापन ही होता है।
अगले सत्र की तैयारी के लिए अभी से तीन काम कर लें। पहला, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र ताजा बनवाकर रख लें। दूसरा, बोनाफाइड प्रमाण पत्र संस्थान से कैसे मिलता है, यह पहले से पूछकर समझ लें। तीसरा, बैंक खाते को आधार से जुड़ा और सक्रिय रखे रहें। ये तीनों काम पहले से हो जाएं तो आवेदन खुलते ही पहले ही सप्ताह में आवेदन जमा हो जाएगा।
किस पाठ्यक्रम पर कितनी राशि मिलती है
नीचे दी गई तालिका तीसरे पक्ष द्वारा प्रकाशित दर तालिका पर आधारित है। यह गैर सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों के लिए वार्षिक दर बताती है। ध्यान रखें कि प्रकाशित दर तालिका सिर्फ जानकारी के लिए है, पोर्टल पर दी गई सूचना ही अंतिम मानी जाएगी और वास्तविक राशि संस्थान, पाठ्यक्रम और सत्यापन के बाद तय होती है।
| पाठ्यक्रम | वार्षिक दर, रुपये में |
|---|---|
| इंटर | 2,000 |
| स्नातक | 5,000 |
| स्नातकोत्तर | 5,000 |
| आईटीआई | 5,000 |
| डिप्लोमा | 10,000 |
| इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम | 15,000 |
राशि को लेकर किसी के कहे पर भरोसा न करें। आपके खाते में कितनी राशि आएगी, यह आपके पाठ्यक्रम, संस्थान के प्रकार और विभाग के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है। इसलिए तालिका को एक अंदाज के रूप में देखें और सही जानकारी के लिए पोर्टल की सूचना को ही आधार बनाएं।
Post Matric Scholarship Status Check: आवेदन की स्थिति कैसे देखें
आवेदन जमा करने के बाद सबसे जरूरी आदत है समय समय पर स्थिति देखते रहना। Post Matric Scholarship Status Check करने से आपको पता चलता है कि आपका आवेदन अभी संस्थान के सत्यापन पर है, जिला स्तर पर गया है या भुगतान के लिए आगे बढ़ चुका है। स्थिति देखे बिना इंतजार करते रहने से अगर कहीं कोई कमी अटकी हो तो वह समय पर पता ही नहीं चलती।
Status Check करने का तरीका
- अपने वर्ग के अनुसार सही पोर्टल खोलें।
- अपनी पंजीकरण जानकारी से लॉगिन करें।
- लॉगिन के बाद आवेदन की स्थिति देखने वाला विकल्प चुनें।
- स्क्रीन पर दिख रही स्थिति ध्यान से पढ़ें। संस्थान सत्यापन लंबित दिखे तो पहले अपने संस्थान से संपर्क करें।
- स्थिति में कोई त्रुटि या कमी बताई गई हो तो उसे उसी स्तर पर ठीक करवाएं जहां आवेदन अटका है।
स्थिति जांचने का एक सही क्रम समझ लें। पहले पोर्टल पर स्थिति देखें। स्थिति में संस्थान सत्यापन बाकी दिखे तो संस्थान जाएं। जिला सत्यापन पर अटका दिखे तो धैर्य रखें और कुछ दिन बाद फिर जांचें, क्योंकि जिला स्तर पर बहुत सारे आवेदन एक साथ जांचे जाते हैं। हर छोटी देरी पर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लंबे समय तक एक ही जगह रुकी हुई स्थिति को अनदेखा भी न करें।
पैसा आया या नहीं, कैसे देखें और पैसा न आए तो क्या करें
आवेदन के बाद की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में चलती है। पहले संस्थान आपके आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन करता है। उसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन होता है। दोनों सत्यापन पूरे होने के बाद ही राशि डीबीटी से सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है और यह भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से होता है। इसलिए पैसा देर से आ रहा हो तो सबसे पहले यही देखना होता है कि सत्यापन का कौन सा चरण बाकी है।
पैसा न आए तो इसी क्रम में जांच करें
- पहले स्थिति देखें। पोर्टल पर लॉगिन करके देखें कि आवेदन किस चरण पर है।
- फिर संस्थान से पूछें। संस्थान का सत्यापन बाकी हो तो वहीं से काम आगे बढ़ेगा, विभाग जाने से पहले यही कदम उठाएं।
- फिर बैंक में जांच करें। खाता आधार से जुड़ा है या नहीं और डीबीटी के लिए सक्रिय है या नहीं, यह बैंक में जाकर पक्का करें।
- खाते का विवरण जांचें। कई बार पैसा आ चुका होता है लेकिन सूचना संदेश न आने से पता नहीं चलता, इसलिए पासबुक या खाते का विवरण जरूर देखें।
मैट्रिक स्तर की छात्रवृत्ति के भुगतान की स्थिति जाननी हो तो मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान स्थिति वाली गाइड भी काम आएगी। इसी तरह छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की गाइड और आगे की पढ़ाई के लिए ऋण की जानकारी चाहिए तो बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की गाइड पढ़ें।
आय सीमा और पात्रता को लेकर जरूरी सावधानी
आय सीमा को लेकर अलग अलग जगहों पर अलग अलग जानकारी देखने को मिलती है। सत्र 2026 से 27 की सूचना के सारांश में पारिवारिक वार्षिक आय सीमा तीन लाख रुपये तक दिखाई देती है, जबकि कुछ स्रोतों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए ढाई लाख रुपये की अलग सीमा बताई गई है। इस टकराव की वजह से इस लेख में किसी एक सीमा को पक्का दावा बनाकर नहीं लिखा जा रहा है।
सही तरीका यही है कि आय सीमा वर्ग के अनुसार पोर्टल की सूचना में दी गई है, इसलिए आवेदन से पहले सूचना पत्र ध्यान से देखें और उसी को अंतिम मानें। आय प्रमाण पत्र बनवाते समय भी अपने वर्ग के अनुसार मांगी गई सीमा की जानकारी कार्यालय से पक्की कर लें। गलत आय प्रमाण पत्र आगे चलकर सत्यापन में आवेदन रोक सकता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Bihar Post Matric Scholarship की आखिरी तारीख क्या थी?
सत्र 2026 से 27 के लिए आवेदन 15 July 2026 से शुरू हुए थे और आखिरी तिथि बढ़कर 30 September 2026 रही। इस सत्र का आवेदन अब बंद है।
Post Matric Scholarship Status Check कैसे करें?
अपने वर्ग के पोर्टल पर लॉगिन करें और आवेदन की स्थिति वाला विकल्प खोलें। वहीं आपको संस्थान सत्यापन, जिला सत्यापन और भुगतान की ताजा स्थिति दिखेगी।
PMS Scholarship Bihar का पैसा किस खाते में आता है?
पैसा डीबीटी से सीधे छात्र के आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है और यह प्रक्रिया पीएफएमएस के माध्यम से होती है। खाता आधार से जुड़ा न हो तो पैसा अटक सकता है।
पैसा नहीं आया तो सबसे पहले क्या करें?
सबसे पहले पोर्टल पर स्थिति देखें। फिर संस्थान से सत्यापन की स्थिति पूछें। उसके बाद बैंक में जाकर खाते का आधार से जुड़ा होना जांचें। इसी क्रम में चलने से असली वजह जल्दी पकड़ में आती है।
इस छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा कितनी है?
आय सीमा वर्ग के अनुसार पोर्टल की सूचना में दी गई है और अलग अलग स्रोतों में इसमें अंतर दिखता है। इसलिए आवेदन से पहले सूचना पत्र देखें और उसी सीमा को अंतिम मानें।
क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क देना होता है?
नहीं। इस योजना के आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं है। अगर कोई व्यक्ति आवेदन के नाम पर पैसे मांगे तो उसे पैसे न दें और आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल से ही करें या करवाएं।
इस बार आवेदन छूट गया तो अब क्या करें?
अगले सत्र की तैयारी अभी से शुरू कर दें। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र ताजा बनवाकर रखें, बोनाफाइड प्रमाण पत्र की प्रक्रिया संस्थान से समझ लें और बैंक खाते को आधार से जुड़ा रखें। अगले सत्र में आवेदन खुलते ही बिना देरी आवेदन हो जाएगा।





