PM Awas Yojana Bihar नई लिस्ट 2026: 31 अक्टूबर से पहले छूटा नाम कैसे जुड़वाएं

Last Updated: 20 अक्टूबर 2026। आधिकारिक स्रोत: pmayg.dord.gov.in

आपका नाम PM आवास की पुरानी सूची में नहीं है? यह खबर आपके लिए है। बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की नई प्रतीक्षा सूची 31 अक्टूबर 2026 तक अंतिम रूप दी जा रही है। जिन परिवारों का नाम छूट गया था, उनके पास नाम जुड़वाने का यह सबसे अच्छा मौका है, क्योंकि इसके बाद 2026-27 के नए लक्ष्य के हिसाब से पंचायत स्तर पर आवंटन होगा।

प्रतीक्षा सूची क्या है और 31 अक्टूबर क्यों जरूरी है

PM Awas Yojana Gramin के तहत घर उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनका नाम प्रतीक्षा सूची (waiting list) में होता है। यह सूची पंचायत स्तर पर बनती है और ग्रामसभा में अनुमोदित होती है। 27 सितंबर 2026 को हुई ग्रामसभाओं में बिहार की 8,012 पंचायतों में सूची अनुमोदित हो चुकी है और बाकी 37 पंचायतों में प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी सूची को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है।

इसका मतलब साफ है। अगर आपका नाम अभी सूची में नहीं है और आप 31 अक्टूबर तक नहीं जुड़वाते, तो इस चरण के आवंटन से बाहर रह जाएंगे।

अपना नाम सूची में है या नहीं, ऐसे चेक करें

नाम जुड़वाने से पहले यह जरूर जांच लें कि नाम पहले से सूची में है या नहीं। बहुत से परिवारों का नाम होता है पर उन्हें जानकारी नहीं होती।

Online चेक करने के Steps

Step 1: अपने फोन या कंप्यूटर पर pmayg.dord.gov.in खोलें।

Step 2: मेनू में Stakeholders सेक्शन में जाएं और IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनें।

Step 3: अपना Registration Number डालकर खोजें। Number नहीं है तो Advanced Search में राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम से भी खोज सकते हैं।

Step 4: अगर नाम दिख जाए तो समझिए आपका नाम सूची में है। Beneficiary list में अपनी पंचायत की पूरी सूची भी देख सकते हैं।

Online दिक्कत हो तो अपनी पंचायत के आवास सहायक या ब्लॉक कार्यालय से भी सूची की जानकारी मिल जाती है।

कौन से परिवार सूची में नाम जुड़वाने के पात्र हैं

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके पास पक्का घर नहीं है या जो कच्चे और जर्जर घर में रहते हैं। सर्वे में इन बातों को देखा जाता है।

1. परिवार के पास कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

2. परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर हो और नाम SECC या Awaas+ सर्वे की पात्रता में आता हो।

3. विधवा, SC, ST, अल्पसंख्यक और दिव्यांग मुखिया वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

4. परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में या आयकर दाता नहीं होना चाहिए।

5. परिवार के पास मोटर वाहन, बड़ी कृषि भूमि या पक्का मकान होने पर नाम सूची में नहीं जुड़ता।

नाम छूट गया है तो कैसे जुड़वाएं

नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पंचायत स्तर से शुरू होती है। कोई online form सीधे भरकर नाम नहीं जुड़ता, इसलिए किसी दलाल को पैसा बिल्कुल न दें।

Step-by-Step प्रक्रिया

Step 1: सबसे पहले अपनी पंचायत के आवास सहायक या मुखिया से मिलें और उन्हें बताएं कि आपका नाम सूची में नहीं है।

Step 2: आवास सहायक आपके परिवार का विवरण Awaas+ सर्वे में दर्ज करेगा। सर्वे में घर की मौजूदा स्थिति, परिवार के सदस्य और आय की जानकारी ली जाती है।

Step 3: सर्वे के बाद आपके दावे की जांच होती है। पंचायत और ब्लॉक स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन होता है।

Step 4: सत्यापन के बाद मामला ग्रामसभा में रखा जाता है। ग्रामसभा से अनुमोदन मिलने पर ही नाम प्रतीक्षा सूची में जुड़ता है।

Step 5: नाम जुड़ने के बाद आप pmayg.dord.gov.in पर दोबारा खोजकर पुष्टि कर सकते हैं।

अगर पंचायत स्तर पर सुनवाई न हो तो ब्लॉक विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय में लिखित आवेदन दें और उसकी receipt जरूर लें।

नाम जुड़वाने के लिए जरूरी दस्तावेज़

सर्वे और सत्यापन के समय ये दस्तावेज़ मांगे जाते हैं। पहले से तैयार रखें ताकि मौका न छूटे।

दस्तावेज़क्यों जरूरी है
आधार कार्डपरिवार के मुखिया और सदस्यों की पहचान के लिए
बैंक खाता पासबुकसहायता राशि सीधे खाते में आती है, DBT के लिए
जाति प्रमाण पत्रSC, ST या OBC वर्ग का लाभ और प्राथमिकता के लिए
आय संबंधी प्रमाणपरिवार की आर्थिक स्थिति के सत्यापन के लिए
निवास प्रमाण पत्रउसी पंचायत के निवासी होने का सबूत
जॉब कार्ड (यदि है)मज़दूरी घटक के भुगतान के लिए
जमीन से जुड़े कागज़घर बनाने के लिए भूमि उपलब्धता की जांच के लिए

जाति या निवास प्रमाण पत्र नहीं बना है तो पहले उसे बनवा लें। जाति प्रमाण पत्र online apply की प्रक्रिया हमारी साइट पर विस्तार से दी गई है।

कितनी सहायता राशि मिलती है

PM Awas Yojana Gramin के तहत मैदानी इलाकों में प्रति घर ₹1,20,000 की सहायता तीन किस्तों में सीधे लाभुक के बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए अलग से सहायता और मज़दूरी का घटक भी मिलता है। ध्यान रहे, पैसा हमेशा बैंक खाते में DBT से आता है, नकद कभी नहीं मिलता।

ये गलतियां बिल्कुल न करें

1. दलाल को पैसा न दें। नाम जुड़वाना पूरी तरह मुफ्त है। जो व्यक्ति पैसे मांगे, वह धोखाधड़ी कर रहा है।

2. गलत जानकारी न दें। सर्वे में गलत जानकारी देने पर सत्यापन में नाम कट जाता है और आगे लाभ भी नहीं मिलता।

3. आखिरी तारीख का इंतज़ार न करें। ग्रामसभा और सत्यापन में समय लगता है, इसलिए इसी सप्ताह पंचायत से संपर्क करें।

4. दस्तावेज़ अधूरे न रखें। जाति, निवास और बैंक खाते की जानकारी पहले से ठीक करा लें, क्योंकि सत्यापन में यही सबसे ज्यादा अटकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. PM आवास की नई सूची में नाम जुड़वाने की आखिरी तारीख क्या है?

प्रतीक्षा सूची को 31 अक्टूबर 2026 तक अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसलिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया इसी तारीख से पहले पूरी कर लेनी चाहिए।

Q2. क्या नाम online जुड़वाया जा सकता है?

नहीं। नाम Awaas+ सर्वे और ग्रामसभा अनुमोदन से जुड़ता है। Online सिर्फ सूची में नाम देखा जा सकता है। सर्वे के लिए पंचायत के आवास सहायक से संपर्क करें।

Q3. पुरानी सूची में नाम था पर घर नहीं मिला, क्या दोबारा जुड़वाना होगा?

पुरानी प्रतीक्षा सूची के नाम नई व्यवस्था में आगे बढ़ाए जाते हैं। फिर भी pmayg.dord.gov.in पर नाम खोजकर एक बार पुष्टि जरूर कर लें।

Q4. नाम जुड़ने के कितने दिन बाद घर मिलता है?

यह पंचायत को मिले लक्ष्य और सूची में आपकी प्राथमिकता पर निर्भर करता है। सूची अंतिम होने के बाद 2026-27 का आवंटन शुरू होगा। स्वीकृति मिलते ही पहली किस्त खाते में आती है।

Q5. मुखिया या आवास सहायक सुन नहीं रहे तो क्या करें?

ब्लॉक कार्यालय में BDO को लिखित आवेदन दें और receipt लें। इसके बाद भी समाधान न हो तो जिला ग्रामीण विकास कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।

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