नमस्ते दोस्तों, अगर आपकी जमीन की रसीद (Land Receipt) में जाति का कॉलम खाली है या उसमें N/A लिखा दिख रहा है, तो सबसे पहले एक बात साफ कर लीजिए, rasid me jati nahi likhi होना कोई बड़ी समस्या नहीं है, और इससे आपका जाति प्रमाणपत्र (Caste Certificate) बनने में कोई रुकावट नहीं आने वाली। अक्सर ऐसा होता है कि पुरानी रसीदों में या ऑनलाइन रिकॉर्ड भरते समय जाति दर्ज ही नहीं की जाती, इसलिए यह बिल्कुल आम बात है। इस पोस्ट में हम आपको पूरी जानकारी देंगे, रसीद में जाति N/A क्यों लिखी होती है, कौन से दस्तावेज काम आएंगे, फॉर्म में क्या भरना है, और अधिकारी आपत्ति करे तो क्या करना है।
जाने इस पोस्ट में क्या क्या है
- रसीद में जाति N/A क्यों लिखी होती है, असली कारण
- क्या इससे जाति प्रमाणपत्र रुक जाएगा, सीधा जवाब
- जाति साबित करने के वैकल्पिक दस्तावेजों की पूरी सूची
- ऑनलाइन फॉर्म में क्या भरें, Step By Step प्रक्रिया
- अधिकारी आपत्ति करे तो क्या करें, अपील का रास्ता
- खास परिस्थितियां, रसीद ही न हो, या जमीन दादा के नाम पर हो
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Overview, एक नजर में
| विषय | विवरण |
| समस्या | रसीद में जाति का कॉलम खाली या N/A लिखा होना |
| प्रमाणपत्र पर असर | कोई नकारात्मक असर नहीं, जाति प्रमाणपत्र आराम से बनेगा |
| सबसे मजबूत विकल्प | पिता का पुराना जाति प्रमाणपत्र |
| अन्य विकल्प | खतियान, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, शपथ पत्र, वोटर लिस्ट |
| आवेदन का तरीका | RTPS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन |

Rasid Me Jati Nahi Likhi Hone Ke Karan Kya Hain
जमीन की रसीद का असली काम यह बताना है कि जमीन किसके नाम पर है और उसका लगान जमा हुआ है या नहीं। जाति दर्ज करना इसका काम कभी नहीं रहा, इसलिए पुरानी रसीदों में यह कॉलम अक्सर खाली रहता था।
जब पुराने रिकॉर्ड कंप्यूटर में डाले गए, तो खाली कॉलम में अपने आप N/A लिखा आने लगा। अक्सर ऐसा होता है कि डेटा एंट्री करने वाले के पास जाति की जानकारी होती ही नहीं, इसलिए वह कॉलम छोड़ देता है।
इसलिए अगर आपकी रसीद में जाति नहीं लिखी है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी जाति पर कोई सवाल है या आपका रिकॉर्ड अधूरा है। यह सिर्फ रिकॉर्ड रखने के पुराने तरीके का नतीजा है।
महत्वपूर्ण नोट: रसीद में जाति न लिखी होना आपकी गलती नहीं है और न ही इसे ठीक कराने के लिए राजस्व कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत है। संक्षेप में, rasid me jati nahi likhi होना रिकॉर्ड रखने के पुराने तरीके का नतीजा है, जाति प्रमाणपत्र के आवेदन में यह कोई बाधा नहीं बनती।
Rasid Me Jati Nahi Likhi Hai To Kya Certificate Ruk Jayega
सीधा जवाब, नहीं, बिल्कुल नहीं रुकेगा। जाति प्रमाणपत्र के लिए रसीद से जाति साबित नहीं की जाती; रसीद सिर्फ जमीन के नाम का रिकॉर्ड है, जबकि जाति के लिए पिता का प्रमाणपत्र, खतियान या स्कूल रिकॉर्ड जैसे अलग दस्तावेज देखे जाते हैं।
अक्सर ऐसा होता है कि rasid me jati nahi likhi देखकर लोग डर जाते हैं और आवेदन ही नहीं करते, जबकि यह पूरी तरह गलतफहमी है। RTPS के तहत काम करने वाला अधिकारी सिर्फ इसलिए आपका आवेदन खारिज नहीं कर सकता क्योंकि रसीद में जाति नहीं लिखी है। जाति का सबूत देने के लिए आपके पास जो मुख्य दस्तावेज हैं, उन्हीं के आधार पर फैसला होता है।
हां, एक बात का ध्यान जरूर रखें, रसीद में जाति न लिखी होने का मतलब यह नहीं कि आप फॉर्म में कोई भी जाति लिख दें। फॉर्म में हमेशा वही जाति दर्ज करें जो आपके सहायक दस्तावेजों में लिखी है।
महत्वपूर्ण नोट: अगर कोई अधिकारी सिर्फ इसी वजह से आवेदन रोके, तो यह नियम के खिलाफ है, आपको अपील का पूरा अधिकार है, जिसकी प्रक्रिया आगे बताई गई है।
Rasid Me Jati Nahi Likhi Hai To Kaun Se Alternative Document Diye Ja Sakte Hain
जब rasid me jati nahi likhi हो, तो नीचे दिए गए दस्तावेजों में से कोई एक मजबूत दस्तावेज ही काफी है, जो सबसे आसानी से मिल जाए, उसी का इस्तेमाल करें।
- पिता का पुराना जाति प्रमाणपत्र, सबसे मजबूत सबूत: अगर आपके पिता का जाति प्रमाणपत्र बना हुआ है, तो इससे बेहतर कोई दस्तावेज नहीं है। पुराना हाथ से बना हो या कंप्यूटर वाला, दोनों चलते हैं।
- खतियान में दर्ज जाति: पुराने खतियान में अक्सर रैयत की जाति दर्ज होती है, अगर आपके परिवार के खतियान में जाति लिखी है, तो उसकी कॉपी बहुत काम की है।
- स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या TC: सरकारी स्कूल के दाखिला रजिस्टर और TC में विद्यार्थी की जाति लिखी होती है, यह भी अच्छा सबूत माना जाता है।
- शपथ पत्र (Affidavit): अगर ऊपर के दस्तावेज न मिलें, तो नोटरी या कार्यपालक दंडाधिकारी के सामने दिया गया शपथ पत्र भी काम आता है। इसमें आपको अपनी जाति की घोषणा करनी होती है।
- वोटर लिस्ट: मतदाता सूची में कुछ जगह जाति या समुदाय का उल्लेख मिल जाता है। सहायक दस्तावेज के तौर पर जोड़ा जा सकता है।
- पंचायत या नगर निकाय का प्रमाणन: मुखिया, सरपंच या वार्ड पार्षद का जाति संबंधी प्रमाणन भी सहायक दस्तावेज के तौर पर काम आता है।
महत्वपूर्ण नोट: जब rasid me jati nahi likhi हो, तो एक मजबूत दस्तावेज, जैसे पिता का पुराना जाति प्रमाणपत्र, अकेला ही काफी होता है। कमजोर दस्तावेजों का ढेर लगाने से आवेदन मजबूत नहीं होता।

Rasid Me Jati Nahi Likhi: Online Form Me Kya Bharein, Step By Step Process
अब जानते हैं कि जब rasid me jati nahi likhi हो, तो RTPS पोर्टल पर फॉर्म कैसे भरना है, पूरी प्रक्रिया Step By Step।
- सबसे पहले RTPS portal पर जाएं और होम पेज खोलें।
- सेवाओं की सूची में से जाति प्रमाणपत्र (Caste Certificate) सेवा चुनें और नया आवेदन फॉर्म खोलें।
- फॉर्म में अपनी जाति वही दर्ज करें जो आपके सहायक दस्तावेज, जैसे पिता के जाति प्रमाणपत्र या खतियान, में लिखी है। रसीद के N/A कॉलम को देखकर जाति न बदलें।
- जमीन/रसीद वाले कॉलम में उपलब्ध जानकारी भरें, जाति हमेशा अपने दस्तावेज के अनुसार भरें, रसीद के N/A से घबराएं नहीं।
- दस्तावेज Upload करें, रसीद की कॉपी, पिता का जाति प्रमाणपत्र (मुख्य दस्तावेज), आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
- स्व-घोषणा (Self Declaration) फॉर्म भरें, उसमें दी गई जानकारी की सत्यता की पुष्टि करें और Submit बटन पर क्लिक करें।
- आवेदन जमा होने के बाद Application Receipt Download करें और आवेदन संख्या (Application Number) संभालकर रखें।
- अब SMS के जरिए या पोर्टल पर Track Status से अपने आवेदन की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें।
महत्वपूर्ण नोट: फॉर्म में जाति रसीद के खाली कॉलम को देखकर तय न करें, हमेशा अपने प्रमाणित दस्तावेज के अनुसार ही दर्ज करें, वरना आवेदन में दिक्कत आ सकती है।

Rasid Me Jati Nahi Likhi Hone Par Adhikari Objection Kare To Kya Karein
रसीद में जाति N/A होना आवेदन रोकने का कारण नहीं है, लेकिन अगर फिर भी आपत्ति आए तो घबराने के बजाय नीचे दिए गए तरीके अपनाएं।
सबसे पहले आपत्ति लिखित में लें, मौखिक बात पर भरोसा न करें, लिखित कारण से ही असली समस्या पता चलेगी। अगर आपत्ति सिर्फ rasid me jati nahi likhi होने को लेकर है, तो पिता का जाति प्रमाणपत्र या खतियान की कॉपी दोबारा जमा करें और लिखित में स्पष्ट करें कि रसीद जाति का सबूत नहीं होती।
अगर इसके बाद भी आवेदन अटका रहे, तो RTPS के तहत समय पर सेवा पाना आपका अधिकार है, जरूरत पड़ने पर लोक शिकायत या अपील (Appeal) करें, और अपील में सारे दस्तावेजों की कॉपी व लिखित आपत्ति जरूर लगाएं।
महत्वपूर्ण नोट: अपील करते समय Application Receipt और आवेदन संख्या संभालकर रखें, दस्तावेज पूरे होने पर फैसला आमतौर पर आवेदक के पक्ष में ही होता है।
Rasid Me Jati Nahi Likhi, Khas Halat: Rasid Hi Na Ho Ya Zameen Dada Ke Naam Par Ho
जब rasid me jati nahi likhi हो और साथ में कोई खास परिस्थिति भी हो, तो सवाल और उलझ जाता है, आइए इन्हें सुलझाते हैं।
अगर रसीद ही न हो तो क्या करें: रसीद जाति प्रमाणपत्र के लिए अनिवार्य दस्तावेज नहीं है, मुख्य रूप से पहचान पत्र, पता प्रमाण और जाति से जुड़ा कोई एक मजबूत दस्तावेज देखा जाता है। रसीद न होने पर भी पिता के जाति प्रमाणपत्र, खतियान, स्कूल रिकॉर्ड या शपथ पत्र के आधार पर आवेदन हो सकता है।
अगर जमीन दादा के नाम पर हो तो: दादा के नाम की रसीद या खतियान पूरी तरह चलेगा, साथ में पिता का जाति प्रमाणपत्र या पहचान पत्र लगा दें ताकि संबंध स्पष्ट हो जाए। पिता का जाति प्रमाणपत्र मौजूद हो तो रसीद में जाति N/A होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
महत्वपूर्ण नोट: जमीन जिसके नाम पर भी हो, आपके, पिता के या दादा के, रसीद का काम सिर्फ जमीन का रिकॉर्ड दिखाना है। जाति का फैसला हमेशा जाति संबंधी दस्तावेजों से होता है, रसीद से नहीं।
Saransh: Rasid Me Jati Nahi Likhi Ho To Bhi Ghabrane Ki Zaroorat Nahi
तो दोस्तों, सार यह है कि rasid me jati nahi likhi होना आम बात है और इससे प्रमाणपत्र नहीं रुकेगा, रसीद जमीन का कागज है, जाति का सबूत नहीं।
- जाति साबित करने के लिए पिता का पुराना जाति प्रमाणपत्र सबसे मजबूत दस्तावेज है।
- विकल्प के तौर पर खतियान, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, शपथ पत्र या वोटर लिस्ट भी काम आते हैं।
- फॉर्म में जाति हमेशा अपने दस्तावेज के अनुसार भरें, रसीद के N/A कॉलम के अनुसार नहीं।
- अधिकारी बिना वजह आपत्ति करे तो लिखित कारण मांगें और अपील का अधिकार इस्तेमाल करें।
- रसीद न हो या जमीन दादा के नाम पर हो, तब भी वैकल्पिक दस्तावेजों से आवेदन हो सकता है।
Quick Links
| लिंक | विवरण |
| Apply Online | RTPS portal, RTPS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें |
| संबंधित लेख | जाति प्रमाणपत्र के लिए कौन सा दस्तावेज चलेगा, पूरी सूची |
| संबंधित लेख | RTPS application reject होने के कारण और समाधान |

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Rasid me jati nahi likhi hai, kya main online apply kar sakta hoon?
हां, बिल्कुल कर सकते हैं। रसीद में जाति न लिखी होना ऑनलाइन आवेदन में कोई रुकावट नहीं डालता। आपको बस फॉर्म में सही जाति भरनी है और जाति साबित करने वाला कोई एक मजबूत दस्तावेज Upload करना है, जैसे पिता का जाति प्रमाणपत्र।
रसीद में जाति N/A है तो फॉर्म में जाति क्या भरें?
जब rasid me jati nahi likhi हो, तब भी फॉर्म में वही जाति भरें जो आपके सहायक दस्तावेज, जैसे पिता के जाति प्रमाणपत्र या खतियान, में दर्ज है। रसीद के खाली कॉलम को देखकर जाति तय करने की गलती न करें।
Kya rasid me jati nahi likhi hone se application reject ho sakta hai?
नहीं, सिर्फ इस कारण से आवेदन खारिज नहीं हो सकता। अगर आपके जाति संबंधी दस्तावेज सही हैं, तो रसीद में जाति N/A होना कोई कमी नहीं मानी जाती। अगर फिर भी आपत्ति आती है, तो लिखित कारण मांगें और अपील करें।
रसीद ही नहीं है तो क्या जाति प्रमाणपत्र बनेगा?
हां, बन सकता है। जब rasid me jati nahi likhi हो या रसीद ही न हो, तब भी पहचान पत्र, पता प्रमाण और जाति से जुड़े किसी एक मजबूत दस्तावेज के आधार पर आवेदन किया जा सकता है।
जमीन दादा के नाम पर है और रसीद में जाति नहीं लिखी है तो क्या करें?
दादा के नाम की रसीद या खतियान चल जाएगा। साथ में पिता का जाति प्रमाणपत्र या पहचान पत्र लगा दें ताकि पारिवारिक संबंध स्पष्ट हो जाए। पिता का जाति प्रमाणपत्र मौजूद हो तो रसीद में जाति N/A होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
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लेखक: biharrtps.in टीम, बिहार के सरकारी प्रमाणपत्रों की सही और आसान भाषा में जानकारी देने वाला ब्लॉग।








