राशन डीलर की शिकायत कैसे करें 2026: कम अनाज या ज्यादा पैसा ले तो यहां करें Complaint

राशन डीलर ने आपके हिस्से का अनाज काट लिया है? या हर महीने ज्यादा पैसा मांगता है? बिहार में हर साल हजारों राशन कार्ड धारक इसी परेशानी से गुजरते हैं। अच्छी खबर यह है कि सरकार ने डीलर के खिलाफ शिकायत के कई रास्ते खोल रखे हैं। टोल-फ्री नंबर, ऑनलाइन पोर्टल और ब्लॉक कार्यालय, तीनों से आप डीलर पर कार्रवाई करवा सकते हैं।

इस आर्टिकल में जानिए डीलर की किन गलतियों पर शिकायत होती है, आपको कितना अनाज मिलना चाहिए, शिकायत में कौन से सबूत काम आएंगे और डीलर पर क्या कार्रवाई होती है। आखिर में क्विक लिंक भी दिए हैं ताकि आप सीधे शिकायत दर्ज कर सकें।

डीलर की कौन सी गलतियों पर शिकायत होती है।

सबसे पहले यह समझ लीजिए कि कौन सी हरकतें शिकायत के लायक हैं। बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के नियमों के मुताबिक डीलर यानी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानदार पर ये गलतियां करने पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पहला, निर्धारित मात्रा से कम अनाज देना। अगर आपके कार्ड पर 25 किलो बनता है और डीलर 22 किलो तौलकर दे रहा है, तो यह सीधी गड़बड़ी है। दूसरा, अनाज के बदले ज्यादा पैसा मांगना। तीसरा, घटिया या खराब क्वालिटी का अनाज देना। चौथा, दुकान निर्धारित समय पर न खोलना या बार-बार दुकान बंद रखना। पांचवां, बिना वजह राशन देने से मना करना।

इनमें से कोई भी स्थिति आपके साथ हो रही है तो तुरंत शिकायत कीजिए, विभाग को जांच करनी ही पड़ती है।

आपको कितना अनाज मिलना चाहिए, यह जरूर जानिए।

बहुत से लोग डीलर की चालाकी इसलिए नहीं पकड़ पाते क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि उन्हें कितना अनाज मिलना चाहिए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बिहार में दो तरह के राशन कार्ड हैं।

प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) कार्ड पर हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज मिलता है, यानी 5 सदस्यों पर कुल 25 किलो। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड वालों को हर महीने प्रति परिवार 35 किलो अनाज मिलता है।

अब दुकानों पर ई-पॉस मशीन डिजिटल तराजू से जुड़ी है, इसलिए तौल का डेटा सीधे विभाग के सर्वर पर जाता है और डीलर के लिए कटौती करना मुश्किल है। दुकान पर लगा रेट और मात्रा का बोर्ड जरूर पढ़ें, यह लगाना अनिवार्य है।

तरीका 1: टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत।

शिकायत का सबसे आसान तरीका फोन कॉल है। बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने टोल-फ्री नंबर 1800-3456-194 जारी किया है। इस नंबर पर आप राशन डीलर से जुड़ी कोई भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और यह कॉल बिल्कुल मुफ्त है।

राशन डीलर की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत

इसके अलावा राष्ट्रीय PDS हेल्पलाइन 1967 पर भी शिकायत दर्ज होती है। वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत दूसरे राज्य में राशन ले रहे हैं तो 14445 पर कॉल करें।

फोन करते समय अपना राशन कार्ड नंबर, डीलर का नाम या दुकान नंबर और अपनी शिकायत का संक्षिप्त ब्योरा तैयार रखिए। शिकायत दर्ज होते ही आपको एक शिकायत नंबर (Complaint ID) मिलेगा, इसे संभालकर रखिए। इसी नंबर से आप बाद में अपनी शिकायत की स्थिति (Status) जान सकते हैं।

तरीका 2: ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर दर्ज करें।

अगर आप इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं तो ऑनलाइन शिकायत सबसे अच्छा विकल्प है। बिहार सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल बनाया है जहां आप अपनी शिकायत लिखित में दर्ज कर सकते हैं।

ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर राशन डीलर की शिकायत

पोर्टल पर Grievance सेक्शन में शिकायत दर्ज कीजिए। फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड नंबर, जिला, प्रखंड और डीलर का नाम लिखिए। शिकायत के ब्योरे में तारीख और समय के साथ बताइए कि डीलर ने क्या गलत किया। ऑनलाइन शिकायत का रिकॉर्ड मिल जाता है और विभाग को समय सीमा में जवाब देना होता है।

ऑनलाइन शिकायत के बाद भी आपको एक रेफरेंस नंबर मिलता है। इस नंबर को नोट करके रखिए ताकि जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के लिए इसका इस्तेमाल हो सके।

तरीका 3: ब्लॉक कार्यालय में लिखित शिकायत।

जिन लोगों को फोन या ऑनलाइन तरीका नहीं जमता, वे अपने प्रखंड (Block) के आपूर्ति कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकते हैं। एक सादे कागज पर अपनी शिकायत लिखिए, उसमें अपना नाम, पता, राशन कार्ड नंबर, डीलर का नाम और दुकान का स्थान जरूर लिखिए।

शिकायत पत्र में यह साफ लिखिए कि डीलर ने किस तारीख को क्या गलती की। पत्र की दो कॉपी बनाइए, एक कार्यालय में जमा कीजिए और दूसरी पर प्राप्ति की मुहर लगवाकर अपने पास रखिए। यह रिसीविंग कॉपी आपका सबसे बड़ा सबूत बनेगी।

ब्लॉक स्तर पर आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शिकायत की जांच करते हैं। अगर ब्लॉक से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती तो आप जिला आपूर्ति पदाधिकारी (District Supply Officer) के कार्यालय में अपील कर सकते हैं।

शिकायत में कौन से सबूत सबसे काम आएंगे।

शिकायत के लिए सबूत रखें, तौल पर्ची और रसीद

शिकायत तभी मजबूत होती है जब आपके पास सबूत हों। सबसे पहला सबूत है ई-पॉस मशीन की रसीद या तौल पर्ची। अब दुकानों पर ई-पॉस मशीन डिजिटल तराजू से जुड़ी है, इसलिए हर लेनदेन का रिकॉर्ड बनता है। राशन लेते समय रसीद जरूर मांगिए।

दूसरा, डीलर ज्यादा पैसा मांगे तो ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग बना लीजिए। तीसरा, गवाहों के नाम नोट कर लीजिए। गांव के और लोग भी परेशान हैं तो सामूहिक शिकायत (Group Complaint) की ताकत कई गुना बढ़ जाती है।

चौथा, अगर अनाज की क्वालिटी खराब है तो उसका थोड़ा नमूना संभालकर रखिए। ये चारों सबूत मिल जाएं तो डीलर का बचना लगभग नामुमकिन है।

शिकायत के बाद डीलर पर क्या कार्रवाई होती है।

शिकायत दर्ज होते ही संबंधित अधिकारी को जांच का आदेश मिलता है। आपूर्ति निरीक्षक दुकान का निरीक्षण करते हैं, स्टॉक रजिस्टर और ई-पॉस रिकॉर्ड की जांच होती है। अब तो PDS Parakh नाम का मोबाइल ऐप भी है जिससे अधिकारी दुकानों की नियमित जांच करते हैं।

अगर डीलर दोषी पाया जाता है तो पहले चेतावनी और जुर्माना लगता है। गंभीर गड़बड़ी मिलने पर डीलर का लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है। कई मामलों में डीलर को बकाया अनाज लाभार्थियों को वापस भी देना पड़ता है।

ब्लॉक स्तर से कार्रवाई न हो तो जिला आपूर्ति पदाधिकारी के पास जाइए। वहां से भी संतोष न मिले तो राज्य स्तर पर खाद्य विभाग के सचिव को लिखिए। रास्ता कभी बंद नहीं होता।

वैसे अगर आपका राशन कार्ड ही नहीं बन पा रहा या राशन कार्ड रिजेक्ट हो गया है तो पहले उसकी वजह जान लीजिए। कई बार e-KYC अधूरा होने से भी राशन मिलने में दिक्कत आती है। कार्ड बन जाने के बाद परिवार में नए सदस्य का नाम जुड़वाना भी आसान प्रक्रिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।

सवाल: डीलर के खिलाफ शिकायत करने पर क्या मेरा नाम गुप्त रहेगा?
जवाब: शिकायत दर्ज करते समय आप गोपनीयता की मांग कर सकते हैं। विभागीय प्रक्रिया में शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की जाती। सामूहिक शिकायत में तो वैसे भी किसी एक व्यक्ति पर दबाव नहीं बन पाता।

सवाल: टोल-फ्री नंबर 1800-3456-194 पर कॉल का कोई पैसा लगता है?
जवाब: नहीं, यह पूरी तरह मुफ्त है। यह बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का आधिकारिक टोल-फ्री नंबर है।

सवाल: शिकायत दर्ज होने के बाद कितने दिन में कार्रवाई होती है?
जवाब: नियमों के मुताबिक शिकायत मिलने पर जांच शुरू हो जाती है। समय सीमा मामले की गंभीरता पर निर्भर करती है, लेकिन ऑनलाइन शिकायत पर आपको रेफरेंस नंबर मिलता है जिससे आप प्रगति जान सकते हैं।

सवाल: डीलर ने मेरा राशन कार्ड रख लिया है, क्या करूं?
जवाब: डीलर को आपका राशन कार्ड अपने पास रखने का कोई अधिकार नहीं है। यह भी शिकायत का विषय है। हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराइए और कार्ड वापस मांगिए।

सवाल: e-KYC नहीं होने से राशन नहीं मिल रहा, क्या डीलर की गलती है?
जवाब: अगर आपका e-KYC अधूरा है तो पहले उसे पूरा करवाइए। लेकिन e-KYC करवाने के लिए डीलर कोई पैसा नहीं मांग सकता, यह सेवा मुफ्त है। पैसा मांगे तो शिकायत कीजिए।

सवाल: ऑनलाइन शिकायत का स्टेटस कैसे चेक करें?
जवाब: शिकायत दर्ज करते समय मिला रेफरेंस नंबर संभालकर रखिए। उसी नंबर से पोर्टल पर अपनी शिकायत की स्थिति देख सकते हैं।

सेवा लिंक
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें Complaint Karein
टोल-फ्री हेल्पलाइन Helpline Number
राशन कार्ड में नया नाम जोड़ें Naam Jodein

Bihar RTPS certificates ki saral Hindi guides — apply, download aur status check, har step aasaan bhasha mein.

© 2026 BiharRtps.in | All Rights Reserved