जमाबंदी में नाम की स्पेलिंग गलत हो, खाता या खेसरा नंबर बदल गया हो या रकबा कम ज्यादा दिख रहा हो, तो इसका सीधा रास्ता Bihar Bhumi Parimarjan है। यह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वही सेवा है जिससे डिजिटल जमाबंदी में computerization के समय रह गई गलतियां सुधारी जाती हैं। आवेदन Bihar Bhumi Portal से online होता है, दस्तावेज़ upload होते हैं और सुधार अंचल स्तर पर जांच के बाद दर्ज होता है। एक बात शुरू में ही साफ समझ लें कि Parimarjan से मालिकी नहीं बदलती है, केवल रिकॉर्ड में हुई लिखावट की गलती ठीक होती है।
पहले यह सेवा अलग Parimarjan Portal पर चलती थी, अब यही काम Parimarjan Plus के नाम से Bihar Bhumi Portal से जुड़ा है। यानी आवेदन की जगह बदल गई है, काम वही है। इस गाइड में हम गलती के प्रकार के हिसाब से समझाएंगे कि कौन सी गलती कहां से सुधरेगी, किस प्रकार में कौन से दस्तावेज़ लगेंगे, विभाग ने कितने दिन की समय सीमा तय की है और आवेदन की स्थिति कैसे देखी जाती है। अगर आपकी समस्या सिर्फ नाम की स्पेलिंग जैसी सामान्य है तो घबराने की कोई बात नहीं है, यह सबसे तेज सुधरने वाली श्रेणी में आती है।
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Parimarjan Bihar Kya Hai Aur Yeh Sudhar Kya Karta Hai
Parimarjan Bihar का मतलब है जमाबंदी पंजी में दर्ज गलत विवरण का परिमार्जन यानी शुद्धिकरण। जब पुराने कागजी रिकॉर्ड को computer पर चढ़ाया गया, तो कई जगह नाम की वर्तनी बदल गई, किसी का खाता नंबर दूसरे के साथ जुड़ गया, कहीं रकबा दशमलव में इधर उधर हो गया और कहीं पूरी जमाबंदी ही छूट गई। विभाग ने इन्हीं गलतियों को ठीक करने के लिए यह व्यवस्था बनाई है ताकि रैयत को कोर्ट कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें। सुधार का आवेदन रैयत स्वयं या उसका कानूनी उत्तराधिकारी कर सकता है।
इसकी सीमा भी समझना जरूरी है। अगर जमीन के मालिकाना हक पर ही विवाद है, बंटवारा नहीं हुआ है या किसी दूसरे व्यक्ति ने जमाबंदी अपने नाम करा ली है, तो वह मामला Parimarjan का नहीं है। ऐसे मामलों का रास्ता दाखिल खारिज, अंचल अधिकारी के समक्ष वाद या न्यायालय से जाता है। Parimarjan सिर्फ वहां काम आता है जहां सही स्थिति कागजों से साफ साबित होती है और गलती केवल डिजिटल प्रविष्टि में हुई है। पूरी जमाबंदी और उससे जुड़ी बाकी सेवाओं की जानकारी के लिए हमारा Bihar Land Record mega guide भी पढ़ सकते हैं।
Jamabandi Sudhar Online: Galti Ke 5 Prakar
विभाग ने jamabandi sudhar online के लिए गलतियों को पांच प्रकारों में बांटा है। आवेदन करते समय आपको इन्हीं में से अपना प्रकार चुनना होता है, और दस्तावेज़ भी प्रकार के हिसाब से ही मांगे जाते हैं। गलत प्रकार चुनने पर आवेदन अटक सकता है, इसलिए पहले यह सूची ध्यान से पढ़ लें।
Prakar 1: Raiyat Ke Naam Aur Pate Me Sudhar
Jamabandi me naam sudhar सबसे आम मांग है। नाम की स्पेलिंग में गलती, पिता के नाम में गलती या पता गलत दर्ज होना इसी श्रेणी में आता है। ध्यान रहे, यह सुधार तब होता है जब व्यक्ति वही है, केवल लिखावट गलत है। पूरा नाम बदलकर किसी और व्यक्ति का नाम चढ़ाना इस श्रेणी में नहीं आता, उसके लिए दाखिल खारिज की प्रक्रिया लगती है।
Prakar 2: Khata, Khesra, Chauhaddi Aur Rakba Me Sudhar
Khata khesra rakba sudhar तकनीकी श्रेणी है। खाता नंबर या खेसरा नंबर की अदला बदली, चौहद्दी में दिशा या पड़ोसी का नाम गलत होना और रकबा का असली से कम या ज्यादा दर्ज हो जाना इसमें आता है। इस प्रकार में खतियान की प्रति सबसे मजबूत सबूत होती है, क्योंकि खतियान में ही असली खाता, खेसरा और रकबा दर्ज होता है। रकबा का बड़ा अंतर होने पर क्षेत्र सत्यापन भी हो सकता है।
Prakar 3: Lagan Sambandhit Vivaran Me Sudhar
लगान की मांग गलत बनी हो, चुकाया गया लगान दर्ज न हुआ हो या लगान की राशि में गलती हो तो यह प्रकार चुनें। इसमें नवीनतम भू लगान रसीद और पुरानी रसीदें सबूत के रूप में काम आती हैं।
Prakar 4: Computerization Me Chhut Gayi Jamabandi
कई रैयतों की जमाबंदी कागज पर तो है लेकिन online खोजने पर मिलती ही नहीं है। यह computerization के समय छूट गई जमाबंदियों का मामला है। ऐसे में पुरानी जमाबंदी की प्रति, खतियान और लगान रसीद के साथ इस श्रेणी में आवेदन होता है ताकि जमाबंदी को डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़ा जा सके।
Prakar 5: Online Dakhil Kharij Ke Baad Bani Jamabandi Me Sudhar
अगर online दाखिल खारिज स्वीकृत होने के बाद जो नई जमाबंदी बनी, उसी में कोई विवरण गलत चढ़ गया है तो यह प्रकार लागू होता है। इसमें दाखिल खारिज के आदेश की प्रति और सुधार पत्री (correction slip) प्रमुख दस्तावेज़ होते हैं। Parimarjan Plus की सामान्य जानकारी और नाम सुधार के अनुभव के लिए हमारी Parimarjan Plus wali guide भी देखें।
Parimarjan Ke Liye Documents: Prakar Ke Hisab Se Soochi
Parimarjan documents हर प्रकार में थोड़े अलग होते हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज़ लगभग हर आवेदन में लगते हैं। आवेदन से पहले ये तैयार रखेंगे तो फॉर्म एक बार में पूरा भरा जाएगा और अंचल से दस्तावेज़ की कमी की आपत्ति नहीं आएगी।
| Dastavej | Kis Prakar Me |
| निर्धारित प्रपत्र में आवेदन और स्व घोषणा पत्र | सभी प्रकारों में |
| जमाबंदी की वर्तमान प्रति | सभी प्रकारों में |
| अंतिम खतियान (CS या RS) की स्व सत्यापित प्रति | खाता, खेसरा, रकबा और नाम सुधार में |
| दाखिल खारिज आदेश की स्व सत्यापित प्रति | नाम सुधार और दाखिल खारिज के बाद की जमाबंदी में |
| सुधार पत्री (Correction Slip) की प्रति | दाखिल खारिज से बनी जमाबंदी के सुधार में |
| भू लगान रसीद की स्व सत्यापित प्रति | लगान सुधार और नाम सुधार में |
| आधार कार्ड और मोबाइल नंबर | पहचान और संपर्क के लिए सभी में |
दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य scan करें। धुंधली प्रति सबसे आम तकनीकी आपत्ति है। जो विवरण आप सही करवाना चाहते हैं, उसका सबूत दस्तावेज़ में साफ दिखना चाहिए, जैसे नाम की सही स्पेलिंग खतियान या आधार में जैसी है वैसी ही आवेदन में लिखें।
Parimarjan Apply Kaise Karein: Step By Step
- सबसे पहले Bihar Bhumi Portal पर अपनी जमाबंदी देखकर यह पक्का कर लें कि गलती असल में कहां है और सही विवरण क्या होना चाहिए।
- Portal पर अपने खाते से login करें और Parimarjan Plus सेवा खोलें।
- जिला, अंचल, मौजा और जमाबंदी का विवरण भरकर अपनी जमाबंदी चुनें।
- ऊपर बताए गए पांच प्रकारों में से अपनी गलती का सही प्रकार चुनें।
- गलत विवरण और सही विवरण दोनों साफ शब्दों में लिखें, फिर प्रकार के हिसाब से दस्तावेज़ upload करें।
- स्व घोषणा पत्र की जानकारी भरकर आवेदन submit करें और मिलने वाली आवेदन संख्या (acknowledgement number) संभालकर रखें।
- आवेदन अंचल में जाता है, जहां राजस्व कर्मचारी और अंचल अधिकारी दस्तावेज़ों से मिलान करके सुधार का आदेश करते हैं।
आवेदन के बाद सुधार सीधे आपकी online जमाबंदी में दिखने लगता है। खेसरा की स्थिति और नक्शा मिलान के लिए आप हमारा Bhu Naksha Online guide भी साथ में देख सकते हैं, क्योंकि कई बार खेसरा की गलती नक्शे से मिलान करने पर ही पकड़ में आती है।
Samay Seema: Sudhar Me Kitne Din Lagte Hain
विभाग ने Parimarjan Plus के आवेदनों के लिए समय सीमा तय की है। छोटी लिपिकीय गलतियां, जैसे रैयत के नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग, अधिकतम 15 कार्य दिवस में सुधारी जानी हैं। तकनीकी विवरणों की गलतियां, जैसे खाता नंबर, खेसरा नंबर और लगान संबंधी अंतर, 35 कार्य दिवस के अंदर निपटाई जानी हैं। जिन मामलों में क्षेत्र सत्यापन या विस्तृत जांच चाहिए, वहां 75 कार्य दिवस तक का समय लग सकता है। यह समय सीमा विभाग की घोषणा के अनुसार है, असली समय आपके अंचल के कार्यभार पर भी निर्भर करता है।
Parimarjan Plus Status Check Kaise Karein
Parimarjan plus status check के लिए Bihar Bhumi Portal पर फिर से जाएं और स्थिति देखने वाले विकल्प में जिला चुनकर अपनी आवेदन संख्या डालें। स्थिति में सामान्यतः तीन अवस्थाएं दिखती हैं। आवेदन जमा होने की अवस्था, जांच चल रही होने की अवस्था और स्वीकृत या अस्वीकृत होने की अवस्था। स्वीकृत होते ही सुधार जमाबंदी में जुड़ जाता है, इसलिए स्वीकृति के बाद अपनी जमाबंदी दोबारा खोलकर हर विवरण फिर से जांच लें। अगर आवेदन अस्वीकृत हुआ है तो कारण पढ़कर कमी पूरी करके दोबारा आवेदन किया जा सकता है।
Aam Samasya Aur Samadhan
समस्या: जमाबंदी online मिल ही नहीं रही है। यह छूट गई जमाबंदी का मामला हो सकता है। प्रकार 4 में आवेदन करें और पुरानी लगान रसीद व खतियान साथ लगाएं। समस्या: रकबा रिकॉर्ड में कम दिख रहा है। खतियान से मिलान करें, अगर खतियान में रकबा सही है तो प्रकार 2 में आवेदन करें। अगर खतियान में ही विवाद है तो पहले खतियान की स्थिति साफ करनी होगी। समस्या: नाम पूरी तरह दूसरे व्यक्ति का चढ़ा है। यह Parimarjan से नहीं सुधरेगा, यह स्वामित्व का मामला है और इसका रास्ता दाखिल खारिज या वाद से है। समस्या: आवेदन लंबे समय से जांच में अटका है। आवेदन संख्या लेकर अंचल कार्यालय में संपर्क करें, कई बार एक दस्तावेज़ की कमी पर फाइल रुक जाती है जो portal पर साफ नहीं दिखती। कुल मिलाकर, bhumi sudhar bihar की इस व्यवस्था का सही फायदा तभी मिलता है जब गलती की सही पहचान और सही सबूत दोनों साथ हों।
FAQ: Parimarjan Se Jude Aam Sawal
1. Jamabandi me naam sudhar ke liye sabse majboot saboot kya hai?
अंतिम खतियान (CS या RS) की प्रति सबसे मजबूत सबूत है, क्योंकि मूल रिकॉर्ड उसी में दर्ज है। इसके साथ दाखिल खारिज आदेश की प्रति और लगान रसीद मिलाकर देने से नाम सुधार का मामला लगभग साफ हो जाता है।
2. Kya Parimarjan se kisi aur ke naam ki jamabandi apne naam ho sakti hai?
नहीं। Parimarjan केवल लिखावट और डिजिटल प्रविष्टि की गलती सुधारता है, मालिकी नहीं बदलता है। नामांतरण के लिए दाखिल खारिज की प्रक्रिया होती है और विवाद होने पर वाद या न्यायालय का रास्ता है।
3. Parimarjan documents me swaghoshna patra kyu chahiye?
स्व घोषणा पत्र से आवेदक यह लिखित रूप में कहता है कि मांगा गया सुधार सही है और गलती डिजिटल प्रविष्टि में हुई है। यह घोषणा बाद में किसी विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी तय करती है, इसलिए यह लगभग हर प्रकार के आवेदन में मांगा जाता है।
4. Parimarjan plus status check me aavedan aswikrit dikhe to kya karein?
पहले अस्वीकृति का कारण ध्यान से पढ़ें। अधिकतर मामलों में दस्तावेज़ अधूरा या अपठनीय होता है। कमी पूरी करके सही दस्तावेज़ के साथ दोबारा आवेदन करें। अगर कारण से आप सहमत नहीं हैं तो आवेदन संख्या के साथ अंचल अधिकारी से मिलकर अपना पक्ष रखें।
5. Rakba ki galti sudharne me sabse zyada samay kyu lagta hai?
रकबा बदलने से लगान और पड़ोसी खेसरों का हिसाब भी प्रभावित होता है, इसलिए ऐसे मामलों में खतियान मिलान के साथ क्षेत्र सत्यापन भी होता है। इसी वजह से यह तकनीकी या जटिल श्रेणी में जाता है और समय सीमा भी अधिक रखी गई है।
6. Kya Parimarjan ka aavedan offline bhi ho sakta hai?
मुख्य व्यवस्था online है और आवेदन Bihar Bhumi Portal से ही लिया जाता है। अगर आपको online आवेदन में कठिनाई है तो किसी CSC केंद्र से आवेदन करवा सकते हैं या अंचल कार्यालय से मार्गदर्शन ले सकते हैं, लेकिन आवेदन अंततः portal पर ही दर्ज होता है।
Last Updated: 30 October 2026 | Official Source: Bihar Bhumi Portal, Rajaswa evam Bhumi Sudhar Vibhag, Bihar Sarkar





