बाप दादा के समय की जमीन का कागज ढूंढना हो, बंटवारे में पुराना रिकॉर्ड चाहिए हो या किसी विवाद में असली हक साबित करना हो, तो सबसे पहले जरूरत पड़ती है पुरानी जमाबंदी और खतियान की। अच्छी बात यह है कि अब purani jamabandi khatiyan online काफी हद तक घर बैठे देखी जा सकती है। RS और CS खतियान की scan प्रति Bhu Abhilekh Portal पर मिलती है और वर्तमान जमाबंदी Bihar Bhumi Portal पर। बस यह समझना होता है कि कौन सा कागज कहां मिलेगा और किस काम के लिए scan प्रति चलेगी और कहां प्रमाणित प्रति ही लगेगी।
इस गाइड में हम बताएंगे कि खतियान होता क्या है, CS और RS खतियान में क्या अंतर है, पुराना खतियान online कैसे देखें, पुरानी जमाबंदी निकालने के दो रास्ते कौन से हैं और जिला अभिलेख कक्ष (Record Room) से प्रमाणित प्रति कैसे मिलती है।
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Khatiyan Online Bihar: Khatiyan Hota Kya Hai
Khatiyan online bihar खोजने से पहले खतियान का मतलब समझ लें। खतियान किसी मौजा की जमीन का वह मूल अभिलेख है जो सर्वेक्षण (survey) के समय तैयार हुआ था। इसमें हर खाता के सामने रैयत का नाम, पिता का नाम, खेसरा नंबर, रकबा, जमीन की किस्म और लगान दर्ज होता है। इसे अधिकार अभिलेख (Record of Rights) कहा जाता है, क्योंकि किसी जमीन पर सबसे पुराना सरकारी सबूत यही होता है। आज भी जब दाखिल खारिज, बंटवारा या विवाद में असली स्थिति जांचनी होती है तो अधिकारी सबसे पहले खतियान ही खोलते हैं।
बिहार में इस समय विशेष सर्वेक्षण चल रहा है, जिससे नया खतियान बन रहा है। नए सर्वेक्षण में पुराने खतियान से ही तुलना करके विवरण भरा जाता है, इसलिए पुराना खतियान संभालकर रखना और उसकी प्रति निकालना अब पहले से भी जरूरी हो गया है।
Khatiyan Ke Prakar: CS, RS Aur Raiyati
RS khatiyan bihar में सबसे ज्यादा खोजा जाता है, क्योंकि अधिकतर जिलों में वही अंतिम सर्वेक्षण का रिकॉर्ड है। प्रकार इस प्रकार हैं। CS Khatiyan यानी Cadastral Survey Khatiyan, यह अंग्रेजों के समय के मूल सर्वेक्षण से बना सबसे पुराना खतियान है। CS khatiyan kaise dekhein यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि बहुत पुरानी जमीनों की जड़ CS में ही मिलती है। RS Khatiyan यानी Revisional Survey Khatiyan, यह स्वतंत्रता के बाद हुए संशोधन सर्वेक्षण से बना और CS की गलतियों को सुधारकर तैयार हुआ। इसके अलावा जमीन की प्रकृति के हिसाब से रैयती, सिकमी और गैरमजरुआ जैसी श्रेणियां भी खतियान में दर्ज होती हैं।
Bhu Abhilekh Bihar Par Purana Khatiyan Kaise Dekhein
Bhu abhilekh bihar विभाग का वह portal है जहां पुराने खतियानों की scan की गई प्रतियां रखी गई हैं। वहां से खतियान देखने की प्रक्रिया इस प्रकार है।
- Bhu Abhilekh Portal (bhuabhilekh.bihar.gov.in) खोलें और खतियान देखने का विकल्प चुनें।
- अपना जिला, अंचल और मौजा क्रम से चुनें। मौजा चुनते समय थाना नंबर का ध्यान रखें, क्योंकि एक ही नाम के कई मौजे हो सकते हैं।
- सर्वेक्षण का प्रकार चुनें, यानी RS Khatiyan या CS Khatiyan, जिसकी प्रति आपको चाहिए।
- खोज का आधार चुनें। खाता नंबर, खेसरा नंबर या रैयत के नाम से खोज सकते हैं। पुराने रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग अलग हो सकती है, इसलिए खाता या खेसरा नंबर से खोजना ज्यादा भरोसेमंद रहता है।
- सूची में से अपना खाता चुनते ही खतियान की scan प्रति खुल जाएगी। इसे पढ़कर विवरण जांचें और जरूरत के हिसाब से print या save कर लें।
Scan प्रति में हाथ की लिखावट और पुरानी मुहरें दिखती हैं। यह प्रति जानकारी, मिलान और अधिकतर सामान्य कामों के लिए उपयोगी है। लेकिन ध्यान रहे, यह जानकारी के लिए दी गई प्रति है। किन स्थितियों में यह नहीं चलेगी, यह आगे Record Room वाले हिस्से में बताया है। जमीन के सभी रिकॉर्ड एक साथ समझने के लिए हमारा Bihar Land Record mega guide भी पढ़ें।
Jamabandi Aur Khatiyan Me Antar
Jamabandi aur khatiyan me antar न समझने से ही सबसे ज्यादा भ्रम होता है। दोनों का फर्क इस तालिका से साफ हो जाएगा।
| Bindu | Khatiyan | Jamabandi |
| क्या है | सर्वेक्षण के समय बना अधिकार अभिलेख | वर्तमान रैयत का खाता (Register 2) |
| कब बनता है | CS या RS सर्वेक्षण के समय, फिर स्थिर रहता है | दाखिल खारिज के साथ बदलता रहता है |
| क्या दिखाता है | मूल रैयत, पुराना खाता, खेसरा, रकबा | वर्तमान धारक, बकाया और चुकाया लगान |
| कहां मिलेगा | Bhu Abhilekh Portal पर scan प्रति | Bihar Bhumi Portal पर jamabandi panji |
| मुख्य उपयोग | पुराना हक, बंटवारा, विवाद का सबूत | रोज के काम, लगान, ऋण व वर्तमान स्थिति |
सरल भाषा में कहें तो खतियान जमीन की जड़ है और जमाबंदी उसका वर्तमान पत्ता। खरीद बिक्री से पहले दोनों मिलाकर देखने चाहिए, क्योंकि जमाबंदी में नाम होना और खतियान की श्रृंखला से वह नाम जुड़ना, दोनों अलग बातें हैं।
Purani Jamabandi Kaise Nikalein: Do Raaste
Purani jamabandi kaise nikalein, इसके दो रास्ते हैं। पहला रास्ता online है। अगर जमाबंदी digitize हो चुकी है तो Bihar Bhumi Portal पर जमाबंदी पंजी में जिला, अंचल, मौजा चुनकर खाता नंबर या नाम से खोजने पर वह खुल जाती है। कई पुरानी लगान रसीदों पर जमाबंदी का भाग (volume) और पृष्ठ (page) नंबर छपा होता है, उससे खोज और आसान हो जाती है। इसके साथ आप अपनी जमीन का Bhu Naksha Online भी देख सकते हैं ताकि खेसरा की स्थिति साफ हो जाए।
दूसरा रास्ता उन जमाबंदियों के लिए है जो online मिल ही नहीं रहीं। कुछ बहुत पुरानी या बंद हो चुकी जमाबंदियां digitization में छूट गई हैं या उनका विवरण अधूरा चढ़ा है। ऐसी स्थिति में अंचल कार्यालय से संपर्क करना पड़ता है, जहां Register 2 के पुराने खंड देखे जाते हैं। अगर जमाबंदी computerization में छूट गई है तो उसके digitization के लिए Parimarjan की व्यवस्था भी है, जिसमें पुरानी प्रति और खतियान सबूत के रूप में लगते हैं। लगान की जानकारी के लिए हमारी Bhumi Lagan Online Rasid guide भी उपयोगी रहेगी।
Khatiyan Ki Pramanit Prati: Record Room Ki Prakriya
Khatiyan ki pramanit prati record room से तब ली जाती है जब कागज किसी औपचारिक काम में लगना हो, जैसे न्यायालय में सबूत, रजिस्ट्री में श्रृंखला साबित करना या बैंक की कड़ी जांच। Scan प्रति पर विभाग की मुहर और प्रमाणन नहीं होता, इसलिए ऐसे कामों में वह स्वीकार नहीं होती। प्रमाणित प्रति के लिए अपने जिले के अभिलेख कक्ष (District Record Room) में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन दिया जाता है। आवेदन में जिला, अंचल, मौजा, खाता नंबर और खेसरा नंबर सही सही लिखें। प्रति के पृष्ठों के हिसाब से निर्धारित शुल्क लगता है, जो स्थानीय स्तर पर तय होता है। आवेदन की पावती संभालकर रखें, उसी के आधार पर तय समय पर प्रति मिलती है। प्रति लेते समय यह जांच लें कि हर पृष्ठ पर मुहर और प्रमाणन स्पष्ट है और पृष्ठ गायब तो नहीं है।
Aam Samasya Aur Samadhan
समस्या: नाम से खोजने पर खतियान नहीं मिल रहा। पुराने रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग आज से अलग हो सकती है। खाता या खेसरा नंबर से खोजें, वह सबसे सही रास्ता है। समस्या: scan प्रति पढ़ने में नहीं आ रही। यह पुराने कागज की सीमा है। ऐसे में Record Room से प्रमाणित प्रति लेना ही उपाय है, वहां मूल अभिलेख से प्रति बनती है। समस्या: खतियान में नाम दादा का है और जमाबंदी में किसी और का। दोनों के बीच की श्रृंखला, यानी बंटवारा या खरीद के कागज, इकट्ठा करें। श्रृंखला अधूरी हो तो पहले वही पूरी करनी होगी। समस्या: मौजा का नाम portal पर नहीं मिल रहा। थाना नंबर से मौजा मिलाएं, कई मौजों के नाम मिलते जुलते होते हैं और गलत मौजा चुनने से रिकॉर्ड नहीं खुलता।
FAQ: Purani Jamabandi Aur Khatiyan Ke Sawal
1. Jamabandi aur khatiyan me antar kya hai, kaunsa zyada mahatvapoorn hai?
खतियान सर्वेक्षण के समय बना मूल अधिकार अभिलेख है और जमाबंदी वर्तमान रैयत का बदलता रहने वाला खाता है। महत्व काम पर निर्भर है। वर्तमान स्थिति और लगान के लिए जमाबंदी, और पुराने हक व श्रृंखला के सबूत के लिए खतियान ज्यादा महत्वपूर्ण है। गंभीर कामों में दोनों साथ रखे जाते हैं।
2. CS khatiyan kaise dekhein, kya woh bhi online hai?
हां, जिन जिलों का CS खतियान digitize हो चुका है, उसकी scan प्रति Bhu Abhilekh Portal पर सर्वेक्षण प्रकार में CS चुनकर देखी जा सकती है। अगर आपके मौजे की CS प्रति portal पर न मिले तो वह अभिलेख कक्ष में उपलब्ध होती है, वहां से प्रति के लिए आवेदन करें।
3. Purani jamabandi kaise nikalein agar online na mile?
पहले पुरानी लगान रसीद से जमाबंदी का भाग और पृष्ठ नंबर निकालकर portal पर फिर कोशिश करें। फिर भी न मिले तो अंचल कार्यालय जाएं, वहां Register 2 के पुराने खंड से विवरण मिलता है। जमाबंदी digitization में छूट गई हो तो Parimarjan के माध्यम से उसे online जुड़वाने की प्रक्रिया भी उपलब्ध है।
4. Khatiyan ki pramanit prati record room se kab leni chahiye?
जब खतियान किसी औपचारिक काम में लगना हो, जैसे न्यायालय, रजिस्ट्री या बैंक की जांच में, तब प्रमाणित प्रति लेनी चाहिए। सामान्य जानकारी और मिलान के लिए portal की scan प्रति ही काफी होती है और उसमें समय भी नहीं लगता।
5. Kya online scan khatiyan se jamin bechi ja sakti hai?
Scan प्रति केवल रिकॉर्ड की जानकारी देती है, जमीन की बिक्री रजिस्ट्री से होती है। बिक्री से पहले खरीदार आमतौर पर खतियान, जमाबंदी और विलेख की श्रृंखला मिलाकर देखता है, इसलिए scan प्रति जांच में काम आती है लेकिन अपने आप में वह स्वामित्व का अंतिम प्रमाण नहीं है।
6. Vishesh sarvekshan me purana khatiyan kyu manga jata hai?
विशेष सर्वेक्षण में नया खतियान पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही बनता है। सर्वेक्षण टीम खाता, खेसरा और रैयत का मिलान पुराने RS या CS खतियान से करती है। इसलिए पुराना खतियान पहले से निकालकर रखने से सर्वेक्षण के समय आपका विवरण सही दर्ज होने में मदद मिलती है।
Last Updated: 30 October 2026 | Official Source: Bhu Abhilekh Portal aur Bihar Bhumi Portal, Rajaswa evam Bhumi Sudhar Vibhag, Bihar Sarkar





