सीधा जवाब यह है कि Bihar में Jeevika Samuh से जुड़ने के लिए कोई online form या fees नहीं लगती। आपको अपने गांव की Jeevika Didi या सामुदायिक संसाधन सेवी (CRP) से मिलना है, वे आपको पास के महिला समूह से जोड़ देंगी या नई महिलाओं को मिलाकर नया समूह बनाएंगी। Jeevika Samuh बिहार के ग्रामीण परिवारों की महिलाओं का स्वयं सहायता समूह है, जिसे Bihar Rural Livelihoods Promotion Society (BRLPS) चलाती है। इस guide में जुड़ने की पूरी प्रक्रिया, Jeevika Didi कैसे बनें, कौन से कागज़ लगते हैं और जुड़ने के लाभ साफ़ शब्दों में दिए गए हैं।
| काम | कहां जाना है |
|---|---|
| BRLPS Website | Jeevika की आधिकारिक जानकारी के लिए |
| Loan Jankari | समूह से loan कैसे मिलता है, पूरा guide |
| Mahila Rojgar Kist | Mahila Rojgar Yojana की किस्त की जानकारी |
Jeevika Samuh क्या होता है
Jeevika, Bihar Sarkar के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चलने वाला राज्य का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। BRLPS की स्थापना 2006 में हुई थी और आज यह कार्यक्रम Bihar के सभी 38 ज़िलों और 534 block में फैला है। इसके तहत गांव की महिलाएं छोटे छोटे समूह बनाती हैं, जिन्हें स्वयं सहायता समूह (SHG) कहा जाता है। एक समूह में आम तौर पर आस पड़ोस की 10 से 12 महिलाएं होती हैं, जो हर हफ़्ते मिलती हैं, थोड़ी थोड़ी बचत जमा करती हैं और ज़रूरत पड़ने पर समूह के ही पैसे से एक दूसरी को छोटा कर्ज़ देती हैं।
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समूह अकेला नहीं चलता। गांव के कई समूह मिलकर ग्राम संगठन, जिसे VO (Village Organisation) कहते हैं, बनाते हैं। कई VO मिलकर संकुल स्तरीय महासंघ, यानी CLF (Cluster Level Federation) बनता है। यही ढांचा समूह को bank loan, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करता है। इसलिए समूह से जुड़ना सिर्फ़ बचत तक सीमित नहीं है, यह महिला को पूरे सरकारी तंत्र से जोड़ने का पहला कदम है।
Jeevika Didi किसे कहते हैं
समूह की हर सदस्य महिला को सम्मान से Jeevika Didi कहा जाता है। तो Jeevika Didi कैसे बनें, इसका जवाब भी यही है कि पहले समूह की सदस्य बनो, आप स्वयं Jeevika Didi कहलाओगी। इसके अलावा कुछ अनुभवी दीदियां समूह की मदद के लिए आगे आती हैं और प्रशिक्षण लेकर सामुदायिक संसाधन सेवी (CRP), Bank Sakhi, Krishi Sakhi या Pashu Sakhi जैसी भूमिका निभाती हैं। ये भूमिकाएं समूह के बीच से ही मिलती हैं, इसलिए इनका रास्ता भी समूह से होकर ही जाता है।
कौन महिला समूह से जुड़ सकती है
- महिला Bihar के ग्रामीण क्षेत्र की निवासी हो।
- उम्र आम तौर पर 18 वर्ष या उससे अधिक हो।
- एक परिवार से आम तौर पर एक ही महिला समूह की सदस्य बनती है, ताकि अधिक परिवारों तक लाभ पहुंचे।
- महिला पहले से किसी दूसरे Jeevika समूह की सदस्य न हो।
- समाज के सबसे ज़रूरतमंद परिवारों, जैसे SC, ST, भूमिहीन और एकल महिला के परिवारों को पहले प्राथमिकता दी जाती है।
Jeevika Samuh से कैसे जुड़ें: Step by Step प्रक्रिया
- अपने गांव की Jeevika Didi या CRP से मिलें। हर गांव में समूह का काम देखने वाली दीदी होती है। आंगनवाड़ी केंद्र या VO की बैठक से उनका पता आसानी से मिल जाता है।
- जुड़ने की इच्छा बताएं। अगर गांव में पहले से समूह चल रहा है और उसमें जगह है, तो आपको उसी से जोड़ दिया जाएगा।
- नया समूह बनाना है तो 10 से 12 महिलाएं इकट्ठा करें। आस पड़ोस की महिलाएं मिलकर CRP की उपस्थिति में पहली बैठक करती हैं।
- समूह का नाम और नियम तय करें। बैठक का दिन, बचत की रकम और पदाधिकारी (अध्यक्ष, सचिव, खज़ांची) सबकी सहमति से तय होता है।
- Panchsutra अपनाएं। समूह पांच नियमों पर चलता है: नियमित बैठक, नियमित बचत, आपस में नियमित लेन देन, समय पर चुकौती और किताब का ठीक रख रखाव।
- Bank में समूह का बचत खाता खुलवाएं। समूह के नाम का खाता पास के bank या ग्राहक सेवा केंद्र से खुलता है, जमा बचत इसी में जाती है।
- VO से जुड़ो और बैठकों में आना शुरू करो। समूह VO का हिस्सा बनता है, यहीं से आगे loan और प्रशिक्षण का रास्ता खुलता है।
जुड़ने के लिए कौन से कागज़ लगते हैं
| कागज़ | किस लिए |
|---|---|
| Aadhaar Card | पहचान और पते के सबूत के लिए |
| Bank खाता Passbook | सदस्य के व्यक्तिगत खाते की जानकारी के लिए |
| Passport Size Photo | समूह register और record के लिए |
| Ration Card | परिवार की पहचान के लिए (हो तो) |
| Mobile Number | संपर्क और सूचना के लिए |
समूह से जुड़ने के लाभ
| लाभ | समझें |
|---|---|
| छोटी बचत की आदत | हर हफ़्ते की छोटी जमा बड़े काम की पूंजी बनती है। |
| समूह से तुरंत छोटा कर्ज़ | दवा, फ़सल या बच्चों की पढ़ाई जैसी ज़रूरत पर साहूकार के पास नहीं जाना पड़ता। |
| Bank loan का रास्ता | अच्छे चालान वाले समूह को bank से बड़ा loan मिलता है, जिसकी जानकारी Jeevika Samuh Loan वाले guide में विस्तार से है। |
| कौशल प्रशिक्षण | सिलाई, पशुपालन, कृषि और छोटे उद्योग का प्रशिक्षण VO और CLF से मिलता है। |
| सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ाव | Mahila Rojgar Yojana जैसी योजनाओं में समूह की दीदियों को प्राथमिकता मिलती है। |
| सामाजिक ताक़त | समूह की महिला गांव के फ़ैसलों में आवाज़ रखती है। |
जुड़ने के बाद बैठक और बचत कैसे चलती है
समूह की बैठक हर हफ़्ते तय दिन और तय समय पर होती है। बैठक में पहले पिछले हफ़्ते का हिसाब पढ़ा जाता है, फिर हर सदस्य अपनी बचत जमा करती है। किसी सदस्य को कर्ज़ चाहिए तो वह बैठक में ही अपनी ज़रूरत बताती है और समूह मिलकर तय करता है कि कितना और कब मिलेगा। हर बात समूह की किताब, यानी register, में उसी दिन लिखी जाती है। यही साफ़ हिसाब किताब आगे चलकर समूह की grading बनता है और grading ही तय करती है कि समूह को कितनी जल्दी और कितना बड़ा loan मिलेगा। इसलिए जुड़ने के बाद सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यही है कि बैठक में नियमित आओ और बचत बिना नागा जमा करो।
अगर किसी सदस्य के पास bank खाता नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं है। समूह की मदद से पास के bank या Bank Sakhi के ज़रिए खाता खुलवाया जा सकता है। खाता खुलने के बाद भविष्य की हर सरकारी किस्त और समूह का लेन देन उसी खाते से जुड़ता है, इसलिए खाते में mobile number ज़रूर जुड़वाएं।
ध्यान देने वाली बातें
- समूह से जुड़ने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। अगर कोई पैसे मांगे, तो तुरंत VO या block कार्यालय को बताएं।
- जुड़ने का काम online portal से नहीं होता। BRLPS registration या form के नाम पर पैसा मांगने वाली नकली website से बचें, आधिकारिक जानकारी सिर्फ़ BRLPS की website से लें।
- शहर में रहने वाली महिलाओं के लिए शहरी आजीविका mission के तहत अलग समूह बनते हैं, उनकी जानकारी नगर निकाय से मिलेगी।
- इसी प्रकार काम के कागज़ बनवाने में Bihar Labour Card वाला guide भी परिवार के काम आ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Jeevika Samuh से जुड़ने में कितना पैसा लगता है?
एक रुपया भी नहीं। समूह से जुड़ना बिल्कुल मुफ़्त है। जुड़ने के बाद आप समूह के नियम के अनुसार हर बैठक में अपनी छोटी बचत जमा करती हैं, वही आपकी अपनी पूंजी होती है।
Jeevika Didi बनने के लिए क्या पढ़ाई चाहिए?
समूह की सदस्य बनने के लिए कोई पढ़ाई की शर्त नहीं है। हस्ताक्षर करना या उंगली का निशान देना, दोनों तरह से काम चलता है। CRP या Bank Sakhi जैसी भूमिका के लिए अनुभव और प्रशिक्षण देखा जाता है।
क्या एक परिवार की दो महिलाएं जुड़ सकती हैं?
आम नियम एक परिवार से एक महिला का है, ताकि लाभ ज़्यादा से ज़्यादा परिवारों तक पहुंचे। विशेष स्थिति में VO और CRP मार्गदर्शन देंगे।
गांव में समूह ही नहीं है तो क्या करें?
अपने block के Jeevika कार्यालय (BPIU) जाएं या BRLPS की आधिकारिक website पर दिए संपर्क से जानकारी लें। आस पड़ोस की महिलाओं को इकट्ठा करके नया समूह बनाने में CRP पूरी मदद करती है।
जुड़ने के कितने दिन बाद loan मिल सकता है?
समूह का चालान कुछ महीनों तक अच्छा रहने के बाद ही loan की प्रक्रिया शुरू होती है। पहले समूह के अंदर छोटा लेन देन होता है, फिर bank loan मिलता है। इस पूरी प्रक्रिया को समूह loan वाले guide में समझाया गया है।
क्या समूह छूटने पर जमा बचत वापस मिलती है?
हां। सदस्य की जमा बचत और उस पर बना हिस्सा समूह के नियम के अनुसार हिसाब करके वापस मिलता है। अगर किसी पर समूह का कर्ज़ बाकी है तो पहले उसका समायोजन होता है, फिर शेष रकम मिलती है।
Last Updated: 30 October 2026 | Source: BRLPS (Bihar Rural Livelihoods Promotion Society) की आधिकारिक website





