Jeevika Samuh Loan Prakriya: CIF aur Bank Loan Kaise Milta Hai, Byaj Me Chhoot Kaise Milti Hai

सीधा जवाब यह है कि Jeevika Samuh को पैसा दो अलग रास्तों से मिलता है। पहला रास्ता है समुदाय की अपनी पूंजी, यानी Revolving Fund और CIF (Community Investment Fund), जो ग्राम संगठन (VO) और संकुल महासंघ (CLF) के through आती है। दूसरा रास्ता है bank से Credit Linkage loan, जो समूह के अच्छे चालान पर किस्तों में बढ़ता है और जिस पर DAY-NRLM की ब्याज छूट भी मिलती है। समूह loan की आम जानकारी हमारे Jeevika Samuh Loan वाले basic guide में है। इस guide में सिर्फ़ प्रक्रिया की गहराई है: CIF कैसे आता है, Micro Credit Plan कैसे बनता है, bank loan की किस्त कैसे बढ़ती है और ब्याज छूट का लाभ कैसे मिलता है।

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समूह को पैसा कहां से आता है: तीन चरण

चरणपैसा का स्रोतकाम
1. समूह की अपनी बचतसदस्यों की साप्ताहिक जमाछोटी ज़रूरतों पर आपस में लेन देन
2. Revolving Fund और CIFMission से VO/CLF के रास्तेसमूह की पूंजी मज़बूत करना, बड़े काम की शुरुआत
3. Bank Credit LinkageBank से समूह के नाम loanरोज़गार और व्यवसाय के लिए बड़ी रकम

समूह बनते ही bank loan नहीं मिलता। पहले समूह अपनी बचत से आपस में लेन देन चलाता है। जब बैठक, बचत और किताब का record मज़बूत हो जाता है, तब mission की पूंजी आती है और उसके बाद bank का दरवाज़ा खुलता है। यही क्रम समूह को साहूकार के ऊंचे ब्याज से बचाता है। कई दीदियां CIF और bank loan को एक ही समझ लेती हैं, जबकि दोनों की प्रक्रिया, रकम और चुकौती का तरीका बिल्कुल अलग है। इसीलिए नीचे दोनों को अलग अलग समझाया गया है।

CIF (Community Investment Fund) कैसे मिलता है

CIF समुदाय की अपनी घूर्णन पूंजी है, यह कोई bank loan नहीं है। यह रकम mission से CLF और VO के रास्ते समूह तक पहुंचती है। समूह इस पैसे को अपने सदस्यों को रोज़गार वाले कामों के लिए देता है, जैसे पशुपालन, छोटी दुकान, सिलाई या फ़सल संबंधी काम। पैसा घूमता रहता है, इसलिए एक सदस्य के चुकाने के बाद वही पूंजी दूसरी दीदी के काम आती है। इससे पहले समूह को Revolving Fund के रूप में शुरुआती पूंजी भी मिलती है, जो आम तौर पर 10,000 से 15,000 तक होती है और समूह की आंतरिक लेन देन को गति देती है। CIF की रकम समूह के प्रस्ताव और CLF के अनुमोदन पर तय होती है, इसलिए अपने CLF से वर्तमान सीमा confirm करना सबसे सही तरीका है।

Micro Credit Plan (MCP) कैसे बनता है

  1. समूह की बैठक में हर सदस्य अपनी ज़रूरत और काम की योजना बताती है, जैसे बकरी पालन या दुकान का सामान।
  2. सबकी मांग को जोड़कर समूह का Micro Credit Plan तैयार होता है, जिसे CRP और VO की मदद से लिखा जाता है।
  3. Plan VO में प्रस्तुत होता है और प्राथमिकता तय होती है कि पहले किसे, कितना मिलेगा।
  4. अनुमोदन के बाद रकम समूह के खाते में आती है और समूह सदस्य को देता है।
  5. चुकौती की किस्त और समय समूह के नियम के अनुसार तय होता है और register में दर्ज होता है।

MCP में वही काम लिखें, जिससे कमाई शुरू हो सके। शादी, त्योहार या रोज़ के खर्च के लिए लिया गया पैसा चुकौती में अटकता है और पूरे समूह की साख बिगाड़ता है। योजना बनाते समय यह भी तय करें कि उत्पाद कहां बिकेगा, क्योंकि कमाई का पक्का रास्ता ही loan को सुरक्षित बनाता है।

Bank Loan: Credit Linkage की किस्त कैसे बढ़ती है

Bank समूह को एक साथ बड़ी रकम नहीं देता। आम तौर पर समूह कम से कम 6 महीने अच्छी तरह चलने और Panchsutra का पालन करने के बाद पहले bank loan के योग्य होता है। पहली किस्त समूह की कुल पूंजी (corpus) के गुणक में होती है, शुरुआती चरण में यह पूंजी का लगभग चार गुना तक हो सकती है। हर किस्त समय पर चुकने के बाद अगली किस्त उससे बड़ी मिलती है। बैंक समूह की grading देखता है: नियमित बैठक, नियमित बचत, साफ़ किताब और समय पर चुकौती वाली grading ही बड़ी किस्त की चाबी है। इसी लिए पुराने और अच्छे चालान वाले समूह को धीरे धीरे बहुत बड़ी रकम तक का loan मिल जाता है। अपने ज़िले में लागू सीमा और गुणक की पक्की जानकारी के लिए Bank Sakhi या CRP से confirm करें, क्योंकि यह व्यवस्था समय के साथ update होती रहती है।

ब्याज छूट (Interest Subvention): असली दर कितना पड़ता है

बातव्यवस्था
Loan की सीमा जिस पर छूटमहिला समूह के 3 lakh तक के bank loan पर
प्रभावी ब्याज दरब्याज छूट के बाद आम तौर पर 7% वार्षिक
समय पर चुकौती का अतिरिक्त लाभचुने हुए ज़िलों में 3% और छूट, प्रभावी दर 4% तक
3 lakh से ऊपर की रकमउस हिस्से पर bank की सामान्य दर लागू होती है

ध्यान दें कि ब्याज छूट की व्यवस्था ज़िले की श्रेणी के अनुसार दो तरह से चलती है। कुछ ज़िलों में bank सीधा कम दर पर देता है, दूसरे ज़िलों में समय पर चुकौती के बाद छूट की रकम समूह के खाते में वापस आती है। अपना ज़िला किस व्यवस्था में है, यह bank और CRP से confirm करें। इसी प्रकार दूसरे सरकारी कामों के लिए Bihar Labour Card का guide भी परिवार के काम का है।

Loan के लिए कौन से कागज़ लगते हैं

  • समूह का bank बचत खाता और passbook।
  • बैठक register, बचत और लेन देन का record (समूह की किताब)।
  • Loan के लिए समूह की बैठक का प्रस्ताव (resolution)।
  • Micro Credit Plan की प्रति, VO के अनुमोदन सहित।
  • सदस्यों के Aadhaar और समूह के पदाधिकारियों के KYC कागज़।
  • Bank द्वारा मांगा गया loan आवेदन form, Bank Sakhi की मदद से भरा जाता है।

चुकौती और अगली किस्त का नियम

Loan की जान चुकौती है। समूह हर महीने या तय अवधि में किस्त जमा करता है और register में दर्ज करता है। एक भी किस्त अटकने से समूह की grading गिरती है, ब्याज छूट रुक सकती है और अगली किस्त में देर होती है। इसलिए loan उतना ही लें, जितने के काम की आय पक्की हो। काम शुरू करने से पहले बजट और बिक्री का अंदाज़ा VO की बैठक में ज़रूर करें। अगर किसी महीने कमाई कम हो, तो bank से छिपाने की बजाय समूह और Bank Sakhi को पहले बता दें, समय पर बातचीत से किस्त का बोझ संभालने का रास्ता निकल आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CIF और bank loan में क्या फ़र्क है?

CIF समुदाय की अपनी पूंजी है जो VO और CLF के रास्ते मिलती है, जबकि bank loan bank से समूह के नाम पर लिया गया कर्ज़ है। CIF की शुरुआत छोटी होती है और प्रक्रिया समूह के अंदर की है, bank loan बड़ी रकम के लिए होता है और उसकी grading bank देखता है।

नया समूह बना है, loan कब मिलेगा?

पहले कुछ महीने समूह के अंदर ही बचत और लेन देन चलेगा। आम तौर पर 6 महीने के अच्छे चालान के बाद bank linkage की प्रक्रिया शुरू होती है। उससे पहले mission की पूंजी (Revolving Fund और CIF) का रास्ता खुलता है।

क्या ब्याज छूट हर ज़िले में 4% तक मिलती है?

नहीं। 7% तक की छूट व्यवस्था व्यापक है, लेकिन समय पर चुकौती पर 4% तक का अतिरिक्त लाभ ज़िले की श्रेणी पर निर्भर करता है। अपने ज़िले की सही स्थिति bank या CRP से confirm करें।

समूह का एक सदस्य loan नहीं चुका रहा तो क्या होगा?

समूह संयुक्त रूप से ज़िम्मेदार होता है। बैठक में बात करके समाधान निकाला जाता है, ज़रूरत पड़ने पर VO मार्गदर्शन देता है। लगातार default से पूरे समूह की grading और आगे का loan प्रभावित होता है।

Loan की रकम क्या किसी भी काम में लगा सकते हैं?

Loan Micro Credit Plan में लिखे काम के लिए ही मिलता है। आय बढ़ाने वाले काम, जैसे पशुपालन, दुकान, उत्पादन या सेवा का काम, इसमें प्राथमिकता पाते हैं। योजना से अलग खर्च करने पर चुकौती का जोखिम बढ़ता है।

समूह के नाम पर loan लेने से सदस्य की निजी साख (credit record) पर असर पड़ता है क्या?

समूह loan समूह के नाम पर होता है, लेकिन चुकौती का record समूह से जुड़ा रहता है। अच्छा record आगे चलकर सदस्य को अपने नाम पर उद्यम loan लेने में मदद करता है, जबकि बिगड़ा record समूह के सभी सदस्यों के लिए रुकावट बनता है।

Last Updated: 30 October 2026 | Source: BRLPS की आधिकारिक website और DAY-NRLM framework की आधिकारिक जानकारी

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