Lakhpati Didi Yojana Bihar: Kya Hai, Kaun Jud Sakta Hai aur Labh Kaise Milta Hai

सीधा जवाब यह है कि Lakhpati Didi कोई अलग से पैसा देने वाली योजना नहीं है। यह DAY-NRLM की एक पहल है, जिसमें स्वयं सहायता समूह की उस महिला को Lakhpati Didi माना जाता है, जिसके परिवार की वार्षिक आय लगातार कम से कम 1 lakh रुपये तक पहुंच जाए। इसके लिए न कोई अलग form भरना है और न कोई सीधी किस्त आती है। रास्ता वही है: Jeevika Samuh से जुड़ना, कौशल प्रशिक्षण लेना, समूह से बड़ा credit लेना और आय का एक मज़बूत स्रोत खड़ा करना। Bihar में यह पूरा काम Jeevika, यानी BRLPS, के समूह तंत्र से होता है।

कामकहां जाना है
BRLPS WebsiteBihar में Jeevika की आधिकारिक जानकारी
Samuh Loan Guideसमूह से बड़ा loan कैसे मिलता है
Mahila Rojgar KistMahila Rojgar Yojana की किस्त की जानकारी

Lakhpati Didi Yojana क्या है

इस पहल की घोषणा 15 August 2023 को हुई थी। पहले लक्ष्य 2 crore महिलाओं का था, फिर 2024 के Budget में इसे बढ़ाकर 3 crore महिलाओं तक कर दिया गया। सोच साफ़ है: समूह की दीदी सिर्फ़ छोटी बचत और छोटे कर्ज़ तक न रुके, बल्कि खेती के अलावा दूसरी आय, छोटा उद्यम और कौशल से अपने परिवार की आय को एक लाख के पार ले जाए। सरकार की भूमिका पैसा बांटने की नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, credit और बाज़ार तक पहुंच दिलाने की है। इसी लिए इस पहल को किसी किस्त वाली योजना से जोड़कर देखना सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है।

आय की गिनती कैसे होती है

आय का मतलब सिर्फ़ एक काम की कमाई नहीं है। खेती, पशुपालन, मज़दूरी, छोटी दुकान, सिलाई जैसे सभी स्रोतों से परिवार की कुल वार्षिक आय जोड़ी जाती है। शर्त यह है कि आय एक साल की अचानक कमाई न हो, बल्कि लगातार बनी रहने वाली हो। समूह और VO के स्तर पर दीदी की आय का विवरण रखा जाता है और योजना उसी के हिसाब से बनती है कि आय में कहां कमी है और उसे कैसे बढ़ाया जाए। उदाहरण के लिए, अगर किसी परिवार की आय 60,000 है और दीदी बकरी पालन से 30,000 और सिलाई से 15,000 जोड़ देती है, तो परिवार लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच जाता है। यही व्यावहारिक हिसाब VO की बैठक में हर दीदी के लिए लगाया जाता है।

कौन Lakhpati Didi बन सकता है: पात्रता

  • महिला किसी स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो, Bihar में इसका मतलब Jeevika Samuh से जुड़ी दीदी।
  • समूह में उसकी भागीदारी नियमित हो, बैठक और बचत का record अच्छा हो।
  • परिवार की वार्षिक आय को 1 lakh तक ले जाने की योजना VO के साथ बनी हो।
  • जो महिला अभी समूह में नहीं है, उसके लिए पहला कदम समूह से जुड़ना है। समूह से जुड़ने की प्रक्रिया अलग guide में दी है, आवेदन या fees इसमें भी नहीं लगती।
  • दीदी के पास आय बढ़ाने का कोई काम हो या शुरू करने की तैयारी हो, जैसे पशुपालन, दुकान, उत्पादन या सेवा का काम।

Lakhpati Didi कैसे बनें: प्रक्रिया

  1. समूह से जुड़ें और सक्रिय रहें। यही इस पूरी पहल का प्रवेश द्वार है।
  2. आय की योजना बनाएं। CRP और VO की मदद से तय होता है कि परिवार की आय किस काम से बढ़ेगी, जैसे बकरी पालन का विस्तार, दुकान या सिलाई इकाई।
  3. कौशल प्रशिक्षण लें। चुने हुए काम का प्रशिक्षण CLF और mission के कार्यक्रमों से मिलता है।
  4. समूह से बड़ा credit लें। काम बढ़ाने के लिए समूह, CIF और bank linkage से बड़ा loan लिया जाता है, जिसकी प्रक्रिया समूह loan वाले guide में विस्तार से है।
  5. बाज़ार से जुड़ें। उत्पाद को बेचने के लिए मेले, संगठन के outlet और online माध्यमों की जानकारी VO देता है।
  6. आय का record रखें। आय 1 lakh तक लगातार पहुंचने पर दीदी Lakhpati Didi की श्रेणी में आती है।

प्रशिक्षण में क्या क्या सिखाया जाता है

प्रशिक्षण दो तरह का होता है। पहला है तकनीकी कौशल, यानी काम करना सीखना: सिलाई कटाई, पशु पालन और उनके इलाज की बुनियादी समझ, मुर्गी पालन, LED bulb बनाना, plumbing, खाद्य प्रसंस्करण और कुछ चुनी जगहों पर drone चलाने जैसी नई सेवाएं। दूसरा है उद्यम चलाने का कौशल: लागत और मुनाफ़ा निकालना, हिसाब किताब रखना, bank से बात करना, mobile से भुगतान लेना और उत्पाद की पैकिंग व बिक्री। दोनों मिलकर ही आय को टिकाऊ बनाते हैं, सिर्फ़ काम सीख लेने से कमाई पक्की नहीं होती, उसे बेचना और हिसाब रखना भी उतना ही ज़रूरी है।

लाभ कैसे मिलता है: असली फ़ायदे

लाभविवरण
कौशल प्रशिक्षणसिलाई, LED bulb बनाना, पशुपालन, plumbing, drone जैसी नई तकनीकों का प्रशिक्षण
बड़े credit तक पहुंचउद्यम के लिए समूह और bank से बड़ी रकम, ब्याज छूट के साथ
उद्यम जुड़ावProducer group और संगठन से उत्पाद की बिक्री का रास्ता
डिजिटल और वित्तीय साक्षरताBanking, mobile भुगतान और हिसाब रखने की समझ
सम्मान और पहचानगांव और block स्तर पर Lakhpati Didi को पहचान और सम्मान मिलता है

इसी उद्देश्य से जुड़े कामों में परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए Bihar Labour Card का guide भी उपयोगी है, क्योंकि आय बढ़ाने का हर सरकारी रास्ता परिवार को मज़बूत करता है। एक सावधानी ज़रूर रखें: Lakhpati Didi के नाम पर कोई व्यक्ति form या fees मांगे तो वह धोखा है। इस पहल में कोई आवेदन शुल्क और कोई सीधी किस्त होती ही नहीं। गांव में कई बार ठग इसी नाम पर महिलाओं से पैसे ऐंठते हैं, ऐसी किसी भी मांग को तुरंत VO या block कार्यालय को बताएं।

एक छोटा उदाहरण समझें

मान लीजिए एक दीदी के परिवार की आय खेती और मज़दूरी से साल भर में 55,000 रुपये है। समूह से जुड़कर उन्होंने पहले छोटा loan लेकर दो बकरियां लीं, जिनसे साल में करीब 20,000 की आय जुड़ी। फिर CLF से सिलाई का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने गांव में ही सिलाई शुरू की, जिससे महीने के करीब 2,000, यानी साल के 24,000 और जुड़े। अब परिवार की कुल आय 99,000 के आसपास है, लक्ष्य के बिल्कुल करीब। अगले चरण में वही दीदी बकरी पालन बढ़ाकर या सिलाई में एक और मशीन जोड़कर आसानी से 1 lakh के पार जा सकती है। यह उदाहरण दिखाता है कि लक्ष्य किसी एक बड़े काम से नहीं, दो तीन छोटे कामों की जोड़ी से पूरा होता है, और यही इस पहल की असली रणनीति है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या Lakhpati Didi बनने पर 1 lakh रुपये सरकार देती है?

नहीं। 1 lakh रकम का लक्ष्य है, देने वाली किस्त नहीं। मतलब यह है कि आपके परिवार की अपनी वार्षिक आय कम से कम 1 lakh तक पहुंच जाए। सरकार इसके लिए प्रशिक्षण, credit और बाज़ार की सुविधा देती है।

इसका form कहां भरना है?

इसका कोई अलग form नहीं है। आपको अपने Jeevika Samuh और ग्राम संगठन (VO) से संपर्क करना है। अगर आप समूह में नहीं हैं, तो पहले समूह से जुड़ना ही पहला कदम है।

क्या शहर की महिला Lakhpati Didi बन सकती है?

यह पहल मुख्य रूप से ग्रामीण समूहों के लिए है। शहरी क्षेत्र में शहरी आजीविका mission के समूह चलते हैं, जानकारी के लिए अपने नगर निकाय से संपर्क करें।

प्रशिक्षण किन कामों का मिलता है?

प्रशिक्षण स्थानीय मांग के हिसाब से तय होता है। सिलाई, पशुपालन, मुर्गी पालन, LED bulb बनाना, beauty सेवा, खाद्य प्रसंस्करण और कुछ चुने क्षेत्रों में drone जैसी नई सेवा भी शामिल है। अपने CLF से वर्तमान प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी लें।

आय गिनने में पति की आय भी जुड़ती है क्या?

हां, यह परिवार की कुल आय का लक्ष्य है। खेती, पशुपालन, मज़दूरी, दुकान आदि सब स्रोतों की परिवार की संयुक्त वार्षिक आय देखी जाती है, शर्त यह है कि आय लगातार बनी रहे और दीदी के प्रयास की उसमें मुख्य भूमिका हो।

पहले से समूह में हूं, तो शुरुआत कहां से करूं?

अपनी अगली VO बैठक में आय बढ़ाने की योजना पर बात रखें। CRP आपकी वर्तमान आय का हिसाब लगाकर बताएगी कि कौन सा काम और कितना credit लेकर आप लक्ष्य तक पहुंच सकती हैं। कई बार छोटा सा दूसरा काम जोड़ना ही सबसे तेज़ रास्ता होता है।

Last Updated: 30 October 2026 | Source: BRLPS की आधिकारिक website और DAY-NRLM, ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी

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